'सिर्फ राख बचेगी' डायरेक्टर भाग्यराज का आख‍िरी खत, मौत के बाद खुला

तमिल सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर के. भाग्यराज के निधन के कुछ दिनों बाद उनके ऑफिस ने उनका एक बेहद भावुक 'फेयरवेल लेटर' सोशल मीडिया पर शेयर किया है. भाग्यराज अपने निधन से पहले ये लेटर लिख गए थे और इसे दुनिया से जाने के बाद शेयर करने को कहा था.

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मशहूर डायरेक्टर के भाग्यराज ने लिखा था ये फेयरवेल लेटर (Photo: ITG) मशहूर डायरेक्टर के भाग्यराज ने लिखा था ये फेयरवेल लेटर (Photo: ITG)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

तमिल इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्ममेकर के. भाग्यराज का 27 जून को 73 साल की उम्र में अचानक कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था. उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ पॉलिटिक्स की दुनिया से जुड़ी कई बड़ी हस्तियां पहुंचीं. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और सुपरस्टार रजनीकांत भी भाग्यराज के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे.

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अब भाग्यराज के निधन के कुछ दिन बाद उनके ऑफिस ने एक इमोशनल फेयरवेल लेटर शेयर किया है, जो उन्होंने निधन से पहले लिखा था. इस खत में भाग्यराज ने निधन के बाद उनकी आंखें दान किए जाने की इच्छा जताई है. साथ ही उन्होंने अपने फैंस से अपने बेटे शांतनु भाग्यराज को सपोर्ट करने की भी अपील की है. शांतनु 2008 से एक्टिंग में कदम रख चुके हैं और विजय की मास्टर जैसी चर्चित फिल्मों में काम कर चुके हैं.

'मेरी आंखों का ख्याल रखना'

भाग्यराज के ऑफिस ने दो पन्नों का यह फेयरवेल लेटर शेयर किया जिसमें उन्होंने तमिल में अपनी इच्छाएं और मैसेज लिखा है. भाग्यराज ने लिखा, 'इंसान को असली खुशी तब मिलती है, जब वह अपने आसपास के लोगों को खुश रखता है.'

उन्होंने लिखा कि उनकी पूरी जिंदगी दर्शकों के प्यार के इर्द-गिर्द घूमती रही. अपने फैंस, उनका हौसला बुलंद करने वाली मांओं और साथ काम करने वाले साथियों का धन्यवाद करते हुए भाग्यराज ने लिखा, 'मैंने अपनी आंखों को सिर्फ आपकी प्यार भरी नजरें देखने के लिए जिंदा रखा है. प्लीज उनका ख्याल रखना.'

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भाग्यराज ने आगे अपने बेटे शांतनु भाग्यराज के लिए दर्शकों से आशीर्वाद मांगते हुए लिखा, 'अब से आपकी तालियां ही उसके लिए आशीर्वाद होंगी.' उन्होंने कहा कि जिस तरह लोगों ने पूरी जिंदगी उन्हें प्यार दिया, वैसे ही अब शांतनु को भी दें. उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी दान की गई आंखें, प्रतीकात्मक रूप से मरने के बाद भी लोगों को देखती रहेंगी.

'प्यार ही सबसे बड़ी विरासत है'

अपने फेयरवेल के आखिर में भाग्यराज ने लिखा, 'यह शरीर किसी एक्सपायरी डेट के साथ पैदा नहीं हुआ. एक दिन इसे मिट्टी या अग्नि में मिल जाना है.'

उन्होंने लिखा कि मृत्यु के बाद आखिर में सिर्फ राख बचती है, लेकिन इंसान की सबसे बड़ी विरासत उसका प्रेम होता है. 'मेरी जिंदगी की आखिरी यात्रा में जिन्होंने मुझसे प्यार किया, मेरे लिए आंसू बहाए और सम्मान दिया, मैं उन सभी का आभारी हूं. मैं अपनी अच्छी फिल्मों, स्क्रीनप्ले, डायलॉग्स और इंसानियत के जरिए हमेशा जिंदा रहूंगा.'

चिट्ठी पर फैंस का अलग-अलग रिएक्शन

भाग्यराज के इस फेयरवेल लेटर को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिले. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि एक्स पर इस पोस्ट के नीचे 'Made with AI' का टैग क्यों दिखाई दे रहा है? वहीं कुछ यूजर्स ने यह कॉन्स्पिरेसी थ्योरी भिड़ाई कि यह लेटर भाग्यराज के नाम से उनके बेटे शांतनु ने लिखा है.

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एक यूजर ने लिखा, 'अगर मान भी लें कि ये भाग्यराज के शब्द हैं और उन्होंने निधन के बाद शेयर करने के लिए कहा था, तब भी एक सवाल है. उन्होंने अपनी पत्नी, बेटी या पोते-पोतियों का जिक्र क्यों नहीं किया?'

दूसरी तरफ, कई लोगों ने शांतनु के सपोर्ट में भी पोस्ट किया. एक यूजर ने लिखा, 'शांतनु भाई, आपको हर सफलता मिले. हम आपके साथ हैं.' दूसरे ने लिखा 'शांतनु मेहनत करते रहो. हम हमेशा आपका सपोर्ट करेंगे.' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'उन्होंने अपनी आंखें दान की थीं. हो सकता है कि आंखें दान करते समय ही उन्होंने ये लेटर लिखा हो. यह भी मत भूलिए कि वो एक स्क्रीनप्ले राइटर थे.'

तमिल में कई यादगार फिल्में देने वाले भाग्यराज का बॉलीवुड कनेक्शन भी था. उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म आखिरी रास्ता (1986) और मिस्टर बेचारा (1996) जैसी फिल्में भी डायरेक्ट कीं. मगर भाग्यराज का उससे बड़ा योगदान बॉलीवुड को यह था कि उनकी कई पॉपुलर फिल्मों के बॉलीवुड रीमेक बने. वो सात दिन (1993), मोहब्बत (1997), बेटा (1992) और मुझसे शादी करोगी (2004) जैसी फिल्में भाग्यराज की तमिल फिल्मों की रीमेक थीं.

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