Bigg Boss 20: अटेंशन की भूखी या मास्टरमाइंड? लव गिल के 'फिजिकल' होने के पीछे का मनोव‍िज्ञान समझ‍िए

'जर्नल ऑफ रिसर्च इन पर्सनैलिटी' और 'साइकोलॉजी टुडे' में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, जो लोग किसी और के पार्टनर को आकर्षित करते हैं या कमिटेड पुरुषों से अटेंशन मांगते हैं, वे अक्सर अपने अंदर के लो सेल्फ एस्टीम को छिपाने के लिए ऐसा करते हैं. किसी दूसरे के पार्टनर से ध्यान पाना उन्हें यह झूठा अहसास कराता है कि वे दूसरों से ज्यादा आकर्षक और शक्तिशाली हैं.

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Bigg Boss 20: Contestent Love Gill with Scout OP and Young DSA Bigg Boss 20: Contestent Love Gill with Scout OP and Young DSA

मानसी मिश्रा

  • नई द‍िल्ली ,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST

बिग बॉस 20 के घर में कंटेंस्टेंट लव गिल कभी स्काउट ओपी के कंधे पर बैठती है तो कभी उससे गोद लेने को कहती है. वहीं आस‍िफ से संबंध बिगड़ने से पहले वो उससे भी बहुत 'फिजिकल' होती देखी जाती थी. वो कंटेंस्टेंट यंग डीएसए को भी अक्सर झप्पी देती है. अब उसका ये बिहैव‍ियर न सिर्फ दर्शक बल्क‍ि मनोवैज्ञान‍िक भी नोट‍िस कर रहे हैं. आइए मनोविज्ञान की नजर से लव ग‍िल की इस 'आदत' को समझते हैं. 

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मनोवैज्ञान‍िक मानते हैं कि किसी एक व्यक्ति के बजाय कई पुरुषों (खासकर जो पहले से किसी रिश्ते में हैं या दूसरों से जुड़े हैं) से लगातार फिजिकल और इमोशनल अटेंशन मांगना केवल एक 'गेम प्लान' नहीं, बल्कि इंसान की गहरी मनोवैज्ञानिक बनावट से जुड़ा हो सकता है.  मनोविज्ञान के अनुसार इस तरह के स्वभाव को पहली नजर में अटेंशन सीक‍िंग एंड ट्रायंगल क्रिएट‍िंग पर्सनैलिटी माना जाता है. आइए इसके पीछे काम करने वाले मनोविज्ञान और वैज्ञानिक अध्ययनों को समझते हैं. 

साइकोडायनामिक थ्योरी और एक्सपर्ट्स की राय

मशहूर गोल्ड मेडलिस्ट साइकोलॉजिस्ट और 'द टॉकिंग क्योर' की फाउंडर श्वेता मैनी इस बिहेवियर को दो मुख्य मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों से जोड़कर देखती हैं. 

1. मिररिंग: बचपन में जब माता-पिता से बच्चे को पर्याप्त प्रशंसा, ध्यान और सराहना नहीं मिलती, तो उसके भीतर यह भावना घर कर जाती है कि 'मैं मायने नहीं रखता या रखती'. बड़े होकर ऐसे लोग 'अटेंशन हंग्री' हो जाते हैं. उन्हें लगता है कि एक व्यक्ति की नजर काफी नहीं है, इसलिए वे लगातार कई लोगों से वैलिडेशन (तारीफ और ध्यान) बटोरते हैं.

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2. इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स और ट्रायंगुलेशन: दुनिया के मशहूर साइकेट्र‍िस्ट फ्रायड के अनुसार, बचपन के अनसुलझे त्रिकोण वयस्क उम्र में फिर दोहराए जाते हैं. इसमें व्यक्ति अनजाने में ऐसे पुरुष की ओर आकर्षित होता है जो 'टेकन' (कमिटेड) हो या किसी और का हो, ताकि वह दूसरी महिला से प्रतियोगिता करके खुद को बेहतर साबित कर सके.

इसी संदर्भ में कंसलटेंट साइकियाट्रिस्ट डॉ. विधि एम पिलानिया और अन्य मनोचिकित्सकों का मानना है कि जब किसी व्यक्ति में हिस्ट्रियोनिक पर्सनैलिटी ट्रेट्स या असुरक्षित अटैचमेंट (Anxious-Insecure Attachment) होता है, तो वह सुर्खियों में बने रहने के लिए अत्यधिक फ्लर्टेशियस, फिजिकल और ड्रामेटिक व्यवहार का सहारा लेता है.

क्या कहती हैं साइकोलॉजिकल स्टडीज?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NCBI/PubMed) और अमेरिका की APA (American Psychological Association) के शोध बताते हैं कि जिन लोगों में अटेंशन पाने की तीव्र इच्छा होती है, वे अक्सर ऐसे व्यवहार में शामिल होते हैं जहां वे खुद को केंद्र में रख सकें. वे अक्सर अनुचित रूप से कामुक या उत्तेजक (Seductively Provocative) व्यवहार करते हैं ताकि दूसरों का ध्यान अपनी ओर खींच सकें.

'जर्नल ऑफ रिसर्च इन पर्सनैलिटी' और 'साइकोलॉजी टुडे' में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, जो लोग किसी और के पार्टनर को आकर्षित करते हैं या कमिटेड पुरुषों से अटेंशन मांगते हैं, वे अक्सर अपने अंदर के कम आत्मसम्मान (Low Self-Esteem) को छिपाने के लिए ऐसा करते हैं. किसी दूसरे के पार्टनर से ध्यान पाना उन्हें यह झूठा अहसास कराता है कि वे दूसरों से ज्यादा आकर्षक और शक्तिशाली हैं.

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वहीं कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी और अन्य शोध संस्थानों के रिसर्च बताते हैं कि जिन वयस्कों में 'Anxious Attachment' होता है, उन्हें लगातार डर रहता है कि लोग उन्हें भूल जाएंगे या रिजेक्ट कर देंगे. इस रिजेक्शन के डर से बचने के लिए वे एक साथ कई लोगों से फिजिकल टच जैसे गले लगाना, गोद में बैठना जैसे अटेंशन हासिल करते हैं, ताकि उनका 'वैलिडेशन टैंक' भरा रहे.

लव गिल की इन आदतों के पीछे क्या है?

अगर इन शोधों और एक्सपर्ट्स की थ्योरी के चश्मे से देखें, तो लव गिल का यह व्यवहार तीन मुख्य वजहों का नतीजा हो सकता है. इसमें सबसे पहला है असुरक्षा को छिपाने का ढाल यानी कोप‍िंग मैकेन‍िज्म. बिग बॉस जैसे प्रेशर वाले घर में रिजेक्ट होने या बेदखल होने का डर सबसे ज्यादा होता है. लगातार लड़कों से फिजिकल अटेंशन मांगना खुद को यह समझाने का जरिया हो सकता है कि 'सब मुझे पसंद कर रहे हैं.' 

दूसरी वजह अनकॉन्शियस वैलिडेशन हो सकती है, जैसा कि श्वेता मैनी ने कहा, यह व्यवहार चेतन (Conscious) कम और अचेतन (Unconscious) ज्यादा होता है. पुराने जख्मों को भरने के लिए हर नई तारीफ या स्पर्श एक 'पेनकिलर' की तरह काम करता है. शो के लिहाज से, दो या तीन मजबूत पुरुष कंटेस्टेंट्स के इर्द-गिर्द घूमना कंटेंट देने और फुटेज में बने रहने का एक जरिया भी हो सकता है, लेकिन इसके पीछे की नींव वही 'अटेंशन-सीकिंग थ्योरी' है.

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देखा जाए तो ये व्यवहार केवल शो की नौटंकी नहीं है, बल्कि यह उस इंसान की अचेतन मानसिकता को दर्शाता है जो अपनी अहमियत और वजूद को साबित करने के लिए न सि‍र्फ अपनी बाउंड्रीज भूल रहा है, बल्क‍ि दूसरों की बाउंड्रीज को भी चैलेंज क‍िया है. 

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