गीतकार समीर अंजान ने बॉलीवुड में कई सुपरहिट गाने दिए हैं. अब हाल ही में उन्होंने म्यूजिक की मौजूदा हालत की खुलकर आलोचना की है. उन्होंने ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर का जिक्र भी किया और कहा कि धुरंधर ने म्यूजिक का सत्यानाश कर दिया.
कोमल नाहटा को दिए इंटरव्यू में समीर अंजान ने कहा, 'जो चीज अच्छी होती है, वही लंबे समय तक चलती है. इसलिए 100 साल बाद भी पुराने गाने सुनने वाले ढूंढ ही लेंगे. एक प्रोड्यूसर ने मुझे बताया कि उन्होंने अपने ऑफिस में सिर्फ युवा लोगों को ही काम पर रखा है. मैंने पूछा, 'अच्छी बात है. कब से रखा है आपने?' उन्होंने जवाब दिया, '5-6 साल से'. मैंने उनसे कहा, 'एक समय था जब आपकी कंपनी हर साल 10 सुपरहिट एल्बम देती थी. लेकिन पिछले 5-6 सालों में ऐसा नहीं हुआ है. तो फिर आपने किन लोगों को काम पर रखा है?'.
समीर ने साफ किया, 'मैं यह नहीं कह रहा कि युवा लोग टैलेंटेड नहीं हैं. लेकिन जब पुराने और नए लोग साथ मिलकर काम करते हैं, तो यह फायदेमंद हो सकता है. मैंने 'FALTU' (2011) में सचिन-जिगर के साथ काम किया और 'आल्टू जलालतू' और 'चार बज गए लेकिन पार्टी अभी बाकी है' जैसे गाने लिखे. इन गानों से मैंने साबित किया कि मैं युवा लोगों के साथ मिलकर काम कर सकता हूं और ऐसे युवा-जोश वाले गाने बना सकता हूं.'
'अगर आप आनंद-मिलिंद या अनु मलिक को मौका ही नहीं देंगे, तो वे कैसे साबित करेंगे कि उनमें अभी भी काबिलियत है? लेकिन मेकर्स सिर्फ नए लोगों के साथ काम करना चाहते हैं. क्या इससे कोई फायदा हुआ है?'
धुरंधर ने सत्यानाश किया- समीर अंजान
समीर ने गुस्से में कहा, 'इसमें कोई हैरानी की बात नहीं कि अरिजीत सिंह परेशान हो गए और इंडस्ट्री छोड़ दी. उनके लिए काम एक जैसा हो गया था; ज्यादातर गानों का साउंड एक जैसा ही होता है. उन्हें वैरायटी नहीं मिल रही थी. उस जमाने में उदित नारायण और दूसरे गायकों को अलग-अलग तरह के गाने मिलते थे.'
उन्होंने कहा, 'यही कारण है कि संगीत का ह्रास हुआ है. ऊपर से धुरंधर ने और सत्यानाश किया. उन्हें संगीत को उठाकर बैकग्राउंड में डाल दिया. अजय देवगन की चौहान का टीजर देखें. 'जुम्मा चुम्मा' बैकग्राउंड में बजता है जबकि सारा एक्शन स्क्रीन पर होता है. उन्होंने 'धुरंधर द रिवेंज' में मेरे गाने 'हम प्यार करने वाले, दुनिया से ना डर ने वाले' को दोबारा बनाया. लेकिन स्क्रीन पर, गोलियां चल रही हैं भाई? अब यह मेरे पिता का उद्योग नहीं है कि मैं ऐसी प्रथाओं को रोक सकता हूं.'
उन्होंने आगे कहा, 'नदीम (संगीत निर्देशक नदीम सैफी) ने मुझसे कहा, 'पंडित जी, चिंता मत करो. आप चुप चाप बैठो. ये (अभ्यास) जब तक आखिरी सांस न ले ले, तब तक इनको सांस लेने दो. फिर हम आएंगे.'
समीर ने अंत में एक कमेंट करते हुए कहा, 'आदित्य चोपड़ा, करण जौहर, साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन अच्छे गानों को संरक्षण देते थे. इनको क्या हो गया?'
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क