बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वह अपनी आने वाली फिल्म 'सिस्टर निवेदिता' के जरिए हिंदी सिनेमा में कमबैक कर रही हैं, जिसमें वह एक नन के किरदार में नजर आएंगी. अपनी इस नई पारी के बीच सेलिना ने इंडिया टुडे से एक बेहद खास और इमोशनल बातचीत की.
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल जिंदगी के उन गहरे जख्मों और दुखों को बयां किया, जिन्होंने उनके पूरे वजूद को हिलाकर रख दिया था. अपनों को खोने के गम को याद करते हुए सेलिना बेहद भावुक हो गईं. उन्होंने बताया कि कैसे माता-पिता की मौत, अपने जुड़वां बच्चों में से एक को खोने का सदमा और भाई के जेल में होने के दर्द ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने जिंदगी से हार नहीं मानी.
किसी अनचाही स्क्रिप्ट जैसी हो गई जिंदगी
जिंदगी के इन बेहद कठिन और खौफनाक दौर का सामना करने के एक्सपीरियंस को शेयर करते हुए सेलिना का दर्द साफ छलक उठा. उन्होंने अपने हालातों की तुलना एक ऐसी कहानी से कर दी जिसे वह कभी जीना नहीं चाहती थीं. जेटली ने कहा, 'कभी-कभी ऐसा महसूस होता है जैसे मैं किसी ऐसी स्क्रिप्ट का हिस्सा बन गई हूं, जिसे मैंने अपनी मर्जी से कभी चुना ही नहीं था.'
जब आधी रात को टूट जाती है हिम्मत
इंटरव्यू के दौरान सेलिना अपने आंसू नहीं रोक पाईं. रुंधे हुए गले और नम आंखों से उन्होंने उस बेबसी का जिक्र किया जिससे वह हर दिन गुजरती हैं. उन्होंने बताया, 'कई बार ऐसा होता है जब मैं आधी रात को अचानक जाग जाती हूं. उस वक्त दिमाग में सिर्फ यही ख्याल आता है कि बस, अब मैं और आगे नहीं बढ़ सकती. मुझसे अब यह सब और नहीं होगा. इस सब का अब अंत हो जाना चाहिए, मैं इसे और ज्यादा नहीं सह पाऊंगी.'
हालांकि, इस भयंकर मानसिक और भावनात्मक तनाव के बावजूद सेलिना ने खुद को कभी बिखरने नहीं दिया. उन्होंने आगे कहा, 'पर फिर अगले ही पल मैं दोबारा उठ खड़ी होती हूं, खुद को किसी तरह संभालती हूं, कड़वे सच को कुबूल करती हूं और सब कुछ नए सिरे से शुरू करती हूं.'
सेलिना ने इस बातचीत में अपनी जिंदगी के उन काले पन्नों को भी पलटा जिसके बारे में लोग बहुत कम जानते हैं. उन्होंने अपनी शादीशुदा जिंदगी में झेले गए इमोशनल टॉर्चर (मानसिक प्रताड़ना) पर खुलकर बात की. इसके साथ ही उन्होंने अपनी कोख से जन्मे पहले बेटे को खोने का असहनीय दर्द और फिर कुछ ही समय के भीतर अपने माता-पिता दोनों की मौत के सदमे को याद किया.
इतने सारे अपनों को एक साथ खो देने और हर तरफ से दुखों से घिर जाने के बाद भी सेलिना ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने बताया कि किस तरह इस गहरे और जानलेवा अवसाद के बावजूद उन्होंने धीरे-धीरे अपने बिखरे हुए जीवन को दोबारा समेटा और आज वह एक बार फिर पूरी ताकत के साथ जिंदगी का सामना करने के लिए खड़ी हैं.
बता दें कि सेलिना की बड़े पर्दे पर आखिरी फिल्म 2012 की ‘विल यू मैरी मी’ थी. अब 14 सालों बाद सेलिना जेटली बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही हैं. सेलिना राम कमल मुखर्जी की डायरेक्ट की गई बायोपिक में सिस्टर निवेदिता का किरदार निभाएंगी. जानकारी के लिए बता दें कि सिस्टर निवेदिता स्वामी विवेकानंद की विदेशी शिष्या थीं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क