कांग्रेस ने मांगी 120 अखिलेश 100 सीट पर अड़े, फिर फंसा गठबंधन पर पेंच

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसने से गठबंधन खतरे में पड़ता दिख रहा है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच सीट बंटवारे को लेकर हुई बैठक बेनतीजा रही. दोनों के बीच लंबी बातचीत के बाद भी सीट को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई.

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अखिलेश यादव अखिलेश यादव

अमित कुमार दुबे / कुमार विक्रांत / कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 21 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 11:49 PM IST

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसने से गठबंधन खतरे में पड़ता दिख रहा है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच सीट बंटवारे को लेकर हुई बैठक बेनतीजा रही. दोनों के बीच लंबी बातचीत के बाद भी सीट को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई.

प्रशांत किशोर के साथ अखिलेश की बैठक बेनतीजा
खबरों की मानें अखिलेश यादव कांग्रेस को 100 सीट देने के लिए राजी हो गए हैं. लेकिन कांग्रेस 120 सीट की मांग पर अड़ी है. जिसको लेकर गठबंधन अब खतरे में दिख रहा है. अखिलेश के साथ में कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद प्रशांत किशोर ने सीट की संख्या और गठबंधन के मसले को लेकर पूरी जानकारी फोन पर कांग्रेस आलाकमान को दी.

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गठबंधन पर कांग्रेस में मंथन जारी
जिसके बाद यूपी चुनाव को लेकर कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक चल रही है. बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और गुलाम नबी आजाद भी शामिल हैं. प्रशांति किशोर द्वारा अखिलेश के बदलते रवैये को लेकर दी गई जानकारी के बाद को लेकर इस बैठक में कोई अंतिम फैसला लिया जा सकता है.

बेटे के रवैये से फिर मुलायम नाराज
वहीं सपा में अभी अखिलेश और मुलायम के बीच सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी का दौर जारी है. अखिलेश द्वारा उम्मीदवारों के चयन प्रक्रिया से मुलायम सिंह यादव खफा हैं, क्योंकि के कई करीबियों को टिकट नहीं मिला है और अब वो पार्टी छोड़ रहे हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि मुलायम रविवार को होने वाली मेनिफेस्टो रिलीज़ कार्यक्रम का बहिष्कार कर सकते हैं.

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मायावती के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीचों-बीच जैसे ही मुलायम के करीबी अंबिका चौधरी ने बसपा का दमन थामा, तो साफ़ हो गया कि अब मुलायम और शिवपाल के लोगों ने अखिलेश की नाव छोड़ने का फैसला कर लिया है. अंबिका चौधरी को मायावती ने टिकट दिया तो मुलायम के दूसरे करीबी और विधानपरिषद् के सभापति रमेश यादव के बेटे आशीष यादव ने पार्टी छोड़कर लोकदल का दामन थाम लिया. वहीं कई और लोग हैं जो पहले मुलायम की लिस्ट में थे, उन्हें टिकट नहीं मिलने पर जल्द ही दूसरी पार्टी का रुख कर सकते हैं.

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