उत्तर प्रदेश की राजनीति में गठबंधन के बावजूद खींचतान जारी है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी का जनाधार बढ़ा है, इसलिए अखिलेश यादव को कांग्रेस के साथ बराबरी का व्यवहार करना होगा. इस बीच कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष हसीब खान ने एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. हसीब खान का कहना है कि उत्तर प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में से मुस्लिम समाज की आबादी लगभग 20 प्रतिशत है. इसी आबादी के अनुपात में 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी' के सिद्धांत पर गठबंधन को कम से कम 100 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारना चाहिए. उनका तर्क है कि अगर दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ती हैं, तो मुस्लिम समाज का यह हक बनता है.