उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि नौ वर्ष के अंदर उत्तर प्रदेश में शासन-सत्ता का संचालन करने का अवसर हमारी पार्टी ने दिया, इसके परिणाम को देखता हूं. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि मेरे साथ दिल्ली से या गोरखपुर से कोई टीम अलग से आई हो. दिल्ली में सांसद था, जब मुझे यहां भेजा गया.
सीएम योगी ने कहा कि मेरे साथ एक भी व्यक्ति दिल्ली से नहीं आया. गोरखपुर से लगातार पांच बार से सांसद था, वहां से भी एक भी व्यक्ति मेरे साथ नहीं आया. उन्होंने कहा कि जो लोग लखनऊ में मौजूद थे और जो टीम मुझे मिली, मैंने उसी को लेकर के उनकी मानसिकता को बदलने का प्रयास करने का काम किया. सीएम योगी ने कहा कि जो परिणाम सामने आए हैं, वे सब आपके सामने हैं.
उन्होंने कहा कि जो घोषणा आपके सामने अभी करने जा रहा हूं, अगर यह बात आज से नौ वर्ष पहले बोलता या सवा नौ वर्ष पहले जो यूपी के सीएम थे, यूपी के लिए ऐसी घोषणा करते तो उस समय लोग हंस देते. सीएम योगी ने कहा कि नौ वर्ष में हम लोगों ने यूपी को पहचान के संकट से उबारा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है.
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सीएम योगी ने प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने, महिला वर्कफोर्स में तीन गुना इजाफा, बॉटम थ्री से टॉप थ्री में यूपी की इकोनॉमी पहुंचाने को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे कौन से कारण थे, जो यूपी में नहीं हो सकता था. लेकिन डबल इंजन सरकार आने के बाद धरातल पर काम दिखाई दिया. सीएम योगी ने कहा कि 2014 के पहले भी यूपी में एक प्रकार की डबल इंजन सरकार थी. यूपी में सपा और केंद्र में यूपीए सरकार थी.
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उन्होंने कहा कि दोनों मिलकर काम कर रहे थे, लेकिन लोगों में विश्वास नहीं था. क्या स्थिति थी यूपी में. यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता था. सीएम योगी ने कहा कि यूपी के नौजवानों को नौकरी नहीं मिलती थी. उस पर सेंध लगती थी. नौकरी निकल भी गई, तो उसका चयन नहीं होता था. नौकरी पर कुछ जिलों का कब्जा था. सुरक्षा की स्थिति बदहाल थी. न बेटी सुरक्षित थी, ना व्यापारी सुरक्षित था. 35 जिले ऐसे थे, जहां कोई भी सभ्य परिवार अपनी बेटी को स्कूल नहीं भेजता था. स्कूल भेजना भी होता था तो रिश्तेदारों के यहां भेज देता था.
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