उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी राजनीतिक पार्टियों ने शुरू कर दी है. इसी क्रम में चित्रकूट जनपद में भागीदारी पार्टी ने प्रजापति समाज को एकजुट करने के लिए महाराजा दक्ष प्रजापति की जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर मौजूद रहे.
भागीदारी पार्टी के बैनर तले जन अधिकार महारैली का आयोजन किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने महाराजा दक्ष प्रजापति की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान भागीदारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमचंद्र प्रजापति और पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे.
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस, सपा और बसपा पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा ने केवल प्रजापति समाज का वोट लिया, उन्हें भागीदारी नहीं दी. उन्होंने कहा कि सिर्फ अपने लोगों को सांसद और विधायक बनाया गया और अपने लोगों को नौकरी दी गई. इसलिए भागीदारी पार्टी से जुड़कर एक हो जाएं. जब आप लोग किसी पद पर पहुंचेंगे तो अपने लोगों की मदद करेंगे. इसलिए भागीदारी पार्टी को भी सरकार में शामिल करने के लिए उसे NDA गठबंधन में शामिल करेंगे.
पीडीए की परिभाषा
वहीं, मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव के PDA के मतलब को लेकर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव समय-समय पर PDA की कई परिभाषाएं बताते रहते हैं. अब उन्होंने P से पंडित और A से अहीर शुरू कर दिया है, लेकिन PDA का असली फुल फॉर्म बता दें. उन्होंने कहा, 'P से पीट देगा अहीर, अब पीट देगा अल्पसंख्यक.' उन्होंने कहा कि ऐसा जिला बताएं जहां ये पीट न रहे हों. प्रदेश के कई जिलों में हत्याएं हुई हैं, जिनमें समाजवादी पार्टी के नेताओं के नाम आए हैं. इसलिए PDA का फुल फॉर्म यही है, 'पीट देगा अहीर, पीट देगा अल्पसंख्यक.'
चवन्नी की बात पर उन्होंने कहा कि उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए. उनके पिताजी मुलायम सिंह यादव को नेता चौधरी चरण सिंह ने बनाया था. विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती. जो काम चौधरी चरण सिंह ने कर दिया और नेता बना दिए, तब वह मुख्यमंत्री बने. आज चवन्नी की बात कर रहे हैं. चवन्नी ने ही समाजवादी पार्टी को 47 से 120 तक पहुंचा दिया था.
अखिलेश यादव पर निशाना
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने 2017 में मिलकर चुनाव लड़ा था. 2022 में पल्लवी पटेल, ओमप्रकाश राजभर और जयंत चौधरी ने मिलकर चुनाव लड़ा था. आने वाले समय में चवन्नी 10 पैसा बचेगा और जो सपना देखे हैं, 27 में अगले पैदाइश में तैयारी करो, इस जन्म में नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि आजकल वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं, जो NDA की सीट बांट रहे हैं. इनका अधिकार है सीट बांटने का. यह अपनी पार्टी की सीट बांट नहीं पा रहे हैं और NDA की सीट बांट रहे हैं. अखिलेश यादव ने 2022 में सीट बंटवारे में ओमप्रकाश को भी धोखा दिया, पल्लवी पटेल को भी धोखा दिया और जयंत चौधरी को भी धोखा दिया.
आरक्षण कभी खत्म नहीं हो सकता
आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि आरक्षण खत्म हो ही नहीं सकता. बाबा साहब ने जो सबसे निचले पायदान पर हैं, उनको मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण दिया है. लेकिन आज जो लोग DM, SP, विधायक, सांसद, राज्यपाल और राष्ट्रपति बन गए, उनको कोटा की क्या जरूरत है. कोटा में कोटा नहीं होना चाहिए, लेकिन हम आरक्षण के समर्थन में हैं. कांग्रेस पार्टी के वंदे मातरम के दो छंद गाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हो या समाजवादी पार्टी, ये लोग संविधान को नहीं मानते हैं. देश संविधान से चलता है. भारत में रहना है तो वंदे मातरम का गीत गाना होगा, नहीं तो विदेश चले जाएं.
अखिलेश कुमार