SIR के लिहाज से BJP बनाएगी बूथ कमेटी, 2027 की चुनावी जंग जीतने का खास प्लान

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में बीजेपी पूरे दमखम के साथ जुट गई है. एसआईआर प्रक्रिया के आंकड़े सामने आने के बाद अब उसी लिहाज से अपनी बूथ कमेटी के गठन का प्लान बनाया है, जिसके लिए पार्टी अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही है.

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यूपी में योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी की केमिस्ट्री (Photo-ITG) यूपी में योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी की केमिस्ट्री (Photo-ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी सत्ता की हैट्रक लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलग-अलग जिलों का दौरा कर विकास की सौगात देकर सियासी माहौल अपने पक्ष में बनाने में जुटे हैं तो दूसरी तरफ पार्टी ने भी बूथ मैनेजमेंट की कवायद शुरू की है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के लिहाज बीजेपी ने यूपी में नए बूथ कमेटी बनाने की रणनीति बनाई है. 

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एसआईआर के बाद बदले मतदाता आंकड़ों के आधार पर बीजेपी ने यूपी की कई जगह बूथों और मंडलों का पुनर्गठन करने का प्लान बनाया है.  बीजेपी राजनीतिक रूप से अधिक प्रभावी बनाने के लिए बूथ स्तर पर अपनी संगठनात्मक संरचना को और सशक्त बनाने जा रही है. 

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करते हुए आठ प्रमुख संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया है. बीजेपी ने प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में सभी कार्यक्रमों का होमवर्क सौंपा गया. इसमें बूथ सम्मेलन के साथ एसआईआर के लिहाज से बूथ कमेटियां गठन करने का भी प्लान है?

बीजेपी का बूथ मैपिंग बनाने का प्लान
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी सियासी एक्सरसाइज शुरू कर दी है. बीजेपी ने 19 से 22 जुलाई तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन आयोजित करने का खाका तैयार किया है. बूथों की मैपिंग कर संगठन को और मजबूत किया जाएगा. 

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एसआइआर प्रकिया के बाद बूथ स्तर पर बदलाव हुए हैं. इसी लिहाज से बीजेपी अपने जनाधार को और मजबूती देने की प्लानिंग की है. इसलिए पार्टी ने राजनीतिक रूप से और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बूथ स्तर पर अपनी संगठनात्मक संरचना को और सशक्त बनाने का है. यूपी के जिन क्षेत्रों में बूथों की संख्या 80 से अधिक होगी, वहां नए मंडलों का गठन किया जाएगा.

एसआईआर के लिहाज से बूथ का गठन
एसआईआर के बाद बदले मतदाता आंकड़ों के आधार पर कई जगह बूथों और मंडलों का पुनर्गठन होगा. एसआईआर के बाद जिस भी इलाके में वोट बढ़े हैं, उसके लिहाज से नया बूथ गठन करने का प्लान बनाया है. एक तरह से ज्यादा वोटबैंक वाले स्थानों पर नई बूथ कमेटी का निर्माण किया जाएगा. 

एसआईआर प्रक्रिया के बाद जहां पर बीजेपी का वोट बैंक बढ़ा है और जहां वोट घटा है, वहां उस बूथ में शिफ्ट किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से संचालित करने की रणनीति बनाई गई है.सेक्टर संयोजकों का सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जिसकी तिथि जल्द घोषित होगी.

प्रदेश पदाधिकारी प्रवास के दौरान सेक्टर संयोजकों के साथ बैठकें कर रहे हैं,12 जुलाई को वृक्षारोपण अभियान का पहला चरण पूरा हो चुका है, जबकि हरियाली अभियान आगे भी जारी रहेगा.प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं, पूर्व पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क अभियान तेज किया जाएगा.चुनाव से पहले सभी जिलों में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर रहेगा.
 

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