उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की सियासी सरगर्मियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ 'अंटू मिश्रा' को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. अंटू मिश्रा को बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीष चंद्र मिश्रा के करीबी माना जाता है. ऐसे में गुरुवार को मायावती ने जब उन्हें निकाला तो कई तरह के सवाल खड़े हो गए थे.
बसपा प्रमुख मायावती ने इस बड़ी कार्रवाई पर विस्तृत सफाई देते हुए स्पष्ट किया है कि बीएसपी किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि सिद्धांतों और कार्यकर्ताओं की पार्टी है. साथ ही ब्राह्मण नेता के निकाले जाने पर अपनी बात भी रखी.
मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर अंटू मिश्रा के निकाले जाने के संबंध में जानकारी दी. वहीं, अंटू मिश्रा ने भी बसपा से निकाले जाने पर अपना रिएक्शन दिया.
बसपा से निकाले जाने पर क्या बोले अंटू मिश्रा
बसपा से निष्कासित पूर्व मंत्री अंटू मिश्रा ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के साथ मेरी 23 साल की लंबी यात्रा रही है. बीएसपी में रहते हुए मैंने अपनी क्षमता से अधिक काम किया है. मायावती जी मेरी बड़ी बहन थीं और हमेशा रहेंगी। मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, मुझे उनके बारे में कोई जानकारी भी नहीं थी. मैंने पार्टी का कोई अनुशासन नहीं तोड़ा है; मैं सिर्फ पार्टी के किसी कार्यक्रम में नहीं जा रहा था और शांत बैठा हुआ था.
पूर्व मंत्री ने आगे कहा, "अब मैं अपने लोगों के बीच जाऊंगा. मैंने अपने समाज के लिए बहुत काम किया है, लेकिन मैं बहुजन समाज का सच्चा सिपाही रहा हूं और मैंने सभी समाजों के लिए भी उतना ही काम किया है. मैंने कभी किसी का उत्पीड़न नहीं किया। जो हमारे साथ भी बुरा करेगा, हम उसे भी बर्दाश्त कर लेंगे। अब मैं स्वतंत्र हो चुका हूं और किसी भी दिशा में जाने के लिए मुक्त हूं. इसके बावजूद, मैं आगे भी बहुजन समाज के लिए काम करता रहूंगा.
बसपा में नेता नहीं, कैडर सर्वोपरि- मायावती
मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बहुजन समाज पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की सच्ची मंशा और 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत पर चलने वाली पार्टी है. पार्टी में किसी नेता विशेष का स्थान नहीं है, बल्कि तन, मन और धन से समर्पित आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं की ही प्राथमिकता है. यही परंपरा पार्टी संस्थापक कांशीराम ने स्थापित की थी और बीएसपी इसी राह पर आगे बढ़ रही है.
अंटू मिश्रा के निष्कासन और अवसरवादी नेताओं के रुख पर मायावती ने तीखा हमला बोला. ब्राह्मण समाज और अन्य सभी समाज के जो भी लोग पार्टी से निकाले गए हैं या फिर निकाले जा रहे हैं. इसके अलावा वे अपने निजी स्वार्थ में दूसरी पार्टियों में चले गए हैं या फिर वे अपने गलत कारनामों की वजह से उनसे बचने के लिये ख़ासकर सत्ताधारी पार्टी में शामिल हो गए हैं. उनका पार्टी के प्रति समर्पण भाव लोगों की निगाह में भी उनके कार्यों के ऑकलन के आधार पर काफी सशंकित व निराशाजनक बना रहा है.
उन्होंने कहा कि जो लोग स्वार्थ में पार्टी छोड़कर गए या अपने गलत कारनामों से बचने के लिए सत्ताधारी दल की शरण में पहुंचे, उनका समर्पण हमेशा से संदेहास्पद और निराशाजनक रहा. मायावती के अनुसार, ऐसे नेताओं ने बीएसपी सरकार के दौरान अपने और अपने परिवार के निजी फायदे तो उठाए, लेकिन अपने समाज और पार्टी के हित में अधिकतर निष्क्रिय बने रहे. अपनी जिम्मेदारियों को सही से न निभाने और समाज को पार्टी से न जोड़ने के कारण बीएसपी को पिछले कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है.
युवाओं की फौज तैयार कर रही बसपा
मायावती ने कहा कि पुराने स्वार्थी तत्वों के जाने के बाद भी पार्टी रुकी नहीं है. लंबे समय से निष्ठावान और ईमानदार वरिष्ठ नेता लगातार नए कर्मठ कार्यकर्ताओं और युवाओं को पार्टी की 'नर्सरी' में तैयार कर रहे हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नया और पुराना कैडर अधिक साफ-सुथरी, मिशनरी और जुझारू मानसिकता के साथ उभरकर सामने आएगा, जो अंबेडकरवादी आंदोलन और संवैधानिक संघर्ष को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभाएगा.
ब्राह्मण समाज को मान-सम्मान का भरोसा
बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी माने जाने वाले अंटू मिश्रा पर कार्रवाई के बीच ब्राह्मण समाज को आश्वस्त करते हुए मायावती ने कहा कि सर्व समाज के लोग पूरी मजबूती के साथ बीएसपी से जुड़े रहे. उन्होंने वादा किया कि तैयारियों के आधार पर चुनावी उम्मीदवारी (टिकट बंटवारे) और सत्ता में आने पर 2007 की तर्ज पर ही ब्राह्मण समाज सहित सर्वसमाज का पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा.
उन्होंने लिखा कि बीएसपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों आदि के फलस्वरूप आज तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। बसपा सुप्रीमो ने पार्टी कार्यकर्ताओं को विरोधियों के हथकंडों का मुकाबला करने के लिए तैयार रहने का संदेश भी दिया है.उन्होंने कहा कि बीएसपी की नर्सरी हमेशा से सर्वसमाज के गुलदस्ते से सजी रही है और इसे जमीनी स्तर पर मजबूत करने में दलित समाज को अपनी अहम भूमिका निभानी होगी.
संतोष शर्मा