भारत की महिला हॉकी टीम ने
Women's Hockey World
League round 2 का खिताब
जीत लिया है. फाइनल में उसने चिली को
मात दी.
इसमें कोई दो राय नहीं कि इसके लिए पूरी
टीम ने मेहनत की है लेकिन टीम की
गोलकीपर सविता का प्रदर्शन सबसे अच्छा
रहा, जिनकी बदौलत इंडियन टीम फाइनल में
जीत हासिल कर पाई.
खिताबी मुकाबले के परिणाम और विजेता टीम के चयन के लिए दोनों टीमों को 3-3 शूटआउट का मौका दिया गया. भारत की ओर से कप्तान रानी और मोनिका ने गोल दागे. चिली की ओर से कैरोलिन ग्रासिया ने एक गोल किया मगर सविता ने दो गोल बचा लिया और इस तरह भारत ने यह खिताबी मुकाबला 3-1 से जीत जीत लिया.
भारतीय महिला हॉकी टीम की
गोलकीपर सविता दरअसल, हरियाणा की रहने
वाली हैं. उनका जन्म 11 जुलाई 1990 को
हुआ.
सविता 18 साल की उम्र से ही भारत के लिए खेल रही हैं और हॉकी खेलने के लिए सविता के दादा जी महिंदर सिंह ने उन्हें प्रोत्साहित किया था.
टीम की सबसे होनहार खिलाड़ियों में एक सविता फाइनेंशियली अब भी अपने माता-पिता पर निर्भर हैं.
सविता पुनिया ने अब तक 121 गोल
बचाए हैं.
मलेशिया में साल 2013 में हुए वुमेन एशिया कप में सविता पुनिया की बदौलत ही भारत ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था. सविता ने दो बहुत ही मुश्किल गोल बचाए थे.