'किताबी कीड़ा' नहीं ऑल राउंडर है ये लड़का! CBSE में लाया 500 में 500 नंबर, ओलंप‍ियाड-रोबोट‍िक्स में भी हिट

सीबीएसई बोर्ड ने टॉपर घोषि‍त करने की परंपरा को खत्म कर द‍िया है. फिर भी मुद‍ित जैसे छात्र हैं जो बिना प्रचार के ही हर जगह छा जाते हैं. ठीक ऐसे ही हैं सीबीएसई बोर्ड 10वीं परीक्षा में 500 में से 500 नंबर हास‍िल करने वाले मुदित जैन... हर व‍िषय में सौ नंबर आने पर उनकी मां ने मीड‍िया से साफ कहा कि मेरा बेटा क‍िताबी कीड़ा तो ब‍िल्कुल नहीं है. आइए जानें मुद‍ित की कहानी.

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रिजल्ट देखते ही दोस्तों ने मुद‍ित को कंधे पर उठा ल‍िया रिजल्ट देखते ही दोस्तों ने मुद‍ित को कंधे पर उठा ल‍िया

अमित शर्मा

  • अमृतसर ,
  • 16 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

सीबीएसई (CBSE) 10वीं के नतीजों में इस बार अमृतसर के एक छात्र ने वो करिश्मा कर दिखाया है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. श्री राम आश्रम स्कूल के छात्र मुदित जैन ने 500 में से पूरे 500 अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. लेकिन मुदित की कहानी सिर्फ इन नंबरों तक सीमित नहीं है; वे साबित करते हैं कि टॉप करने के लिए दिन-रात सिर्फ किताबों में डूबे रहना ही जरूरी नहीं है.

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बिना ट्यूशन और कोचिंग के पाया मुकाम
आज के दौर में जहां बच्चे छोटी क्लासेस से ही महंगे कोचिंग और ट्यूशन का सहारा लेते हैं, मुदित ने इस मिथक को तोड़ दिया है. उन्होंने अपनी पूरी तैयारी बिना किसी बाहरी मदद के की है. मुदित का कहना है कि उन्होंने केवल स्कूल की पढ़ाई और खुद के बनाए नोट्स यानी सेल्फ-स्टडी पर भरोसा किया. नियमित पढ़ाई और समय के सही प्रबंधन ने उन्हें इस शिखर तक पहुंचाया है.

MUN और ओलंपियाड में भी हैं 'किंग'
मुदित सिर्फ परीक्षा में ही अव्वल नहीं हैं, बल्कि वे एक ऑलराउंडर व्यक्तित्व के धनी हैं. वे नेशनल लेवल के ओलंपियाड और मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUNs) जैसी प्रतियोगिताओं में बेहद सक्रिय रहते हैं. उनका झुकाव रोबोटिक्स और तकनीकी विषयों की ओर भी है. मुदित की यह खूबी बताती है कि वे किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दुनिया की समझ भी रखते हैं.

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घर में ही है प्रेरणा का स्रोत
मुदित की इस शानदार कामयाबी के पीछे उनके परिवार का बड़ा हाथ है. उनकी मां, पारुल जैन, उसी स्कूल (श्री राम आश्रम पब्लिक स्कूल) में अंग्रेजी की शिक्षिका हैं जहां मुदित पढ़ते हैं. मां का स्कूल में होना मुदित के लिए मार्गदर्शन का सबसे बड़ा जरिया रहा. वहीं उनके पिता, रजनीश जैन, जो कोटक महिंद्रा बैंक में कार्यरत हैं, बताते हैं कि मुदित का सपना आगे चलकर एक बेहतरीन इंजीनियर बनने का है.

रिजल्ट आते ही स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. विनोदिता और पूरे स्टाफ ने मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाईं. प्रिंसिपल का कहना है कि मुदित की यह मिसाल अन्य छात्रों को प्रेरित करेगी कि कड़ी मेहनत और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है. मुदित के घर पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है, हर कोई इस इकलौते बेटे की उपलब्धि पर गर्व कर रहा है.

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