छात्रसंघ चुनाव की बहाली, अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द करने और चीफ सिक्योरिटी एडवाइजर के इस्तीफे की मांग को लेकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चल रहा आंदोलन अब और ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गया है. भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों द्वारा कुलपति (VC) को अल्टीमेटम भरा पत्र सौंपे जाने के बाद परिसर के बाहर स्थिति बेकाबू हो गई है.
ताजा जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वारों (गेट्स) को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है और छात्रों को कैंपस के भीतर जाने से रोक दिया है.
गेट फांदकर कैंपस में घुसे छात्र, गूंजे जोरदार नारे
कैंपस के बाहर और भीतर भारी संख्या में इकट्ठा हुए छात्र लगातार उग्र नारेबाजी कर रहे हैं. पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद माहौल काफी गरमा गया, जिसके बाद कई छात्र जबरन यूनिवर्सिटी के ऊंचे लोहे के गेटों पर चढ़कर और उन्हें फांदकर कैंपस के अंदर दाखिल होते हुए देखे गए.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया है. कैंपस के बाहर प्रदर्शन कर रहे और नारेबाजी कर रहे कई छात्रों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इस कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है.
भूख हड़ताल से शुरू हुआ था विवाद
आपको बता दें कि यह पूरा विवाद 26 अक्टूबर को रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के बाद शुरू हुआ था. असंतुष्ट छात्रों ने 20 दिसंबर तक छात्रसंघ का संविधान मंजूर करने, 15 दिनों में चुनाव कराने और निलंबित छात्रों पर से कार्रवाई वापस लेने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी. छात्रों ने साफ कहा था कि 'कोई छात्र माफी नहीं मांगेगा' और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, प्रदर्शन जारी रहेगा. अब पुलिस की इस कार्रवाई और छात्रों की धरपकड़ के बाद जामिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
अनमोल नाथ