8300000 की स्कॉलरशिप पाने वाले 18 साल के आदित्य ने क‍िया कमाल, एक डरावने सफर ने द‍िया आइड‍िया

18 वर्षीय भारतीय मूल के छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने AI आधारित ForeCAT सिस्टम विकसित किया है जो क्लियर-एयर टर्बुलेंस का सटीक पूर्वानुमान लगाता है. इस नवाचार के लिए उन्हें अमेरिका के डेविडसन फेलो लॉरेट सम्मान और 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की स्कॉलरशिप मिली है. जानें- आदित्य को कैसे मिला आइड‍िया, क्या है पूरी कहानी.

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18 साल के आदित्य सेनगुप्ता को मिली 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप (Image: www.davidsongifted.org) 18 साल के आदित्य सेनगुप्ता को मिली 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप (Image: www.davidsongifted.org)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

हवाई जहाज के सफर के दौरान अचानक लगने वाले हवा के झटके (Air Turbulence) किसी भी यात्री की सांसें थामने के लिए काफी होते हैं. 18 साल के भारतीय मूल के छात्र आदित्य सेनगुप्ता (Aditya Sengupta) के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. लेकिन डरने के बजाय आदित्य ने इस डरावने अनुभव को एक क्रांतिकारी वैज्ञानिक शोध में बदल दिया.

आदित्य ने आर्ट‍िफिशि‍यल इंटेल‍िजेंस (AI) आधारित एक ऐसा एडवांस सिस्टम 'ForeCAT' तैयार किया है, जो आसमान में अदृश्य हवा के झटकों का सटीक पूर्वानुमान लगा सकता है. उनके इस आविष्कार के लिए उन्हें अमेरिका के प्रतिष्ठित 'डेविडसन फेलो लॉरेट' सम्मान से नवाजा गया है और 1,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 83 लाख रुपये) की स्कॉलरशिप दी गई है.

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अदृश्य टर्बुलेंस क्या है और यह क्यों है खतरनाक?

ज्यादातर हवाई हादसों या झटकों के पीछे बादलों का दिखना एक वजह होती है, जिसे देखकर पायलट रास्ता बदल लेते हैं. लेकिन क्लियर-एयर टर्बुलेंस (CAT) एक ऐसा अदृश्य खतरा है, जो बिना किसी बादल या मौसम की चेतावनी के अचानक आता है.

आदित्य के सिस्टम फोरकैट की खास बातें

यह सिस्टम न्यूरल नेटवर्क में वायुमंडलीय भौतिकी के नियमों को शामिल करता है, जिससे यह हवा की छिपी हुई तरंगों की पहचान कर उनकी तीव्रता का अंदाजा लगाता है. रिसर्च डेटा के अनुसार, इस AI सिस्टम ने मौजूदा मानकों की तुलना में 95 फीसदी क्लासिफिकेशन सटीकता दर्ज की है. मई 2024 में सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट में हुए भीषण टर्बुलेंस का भी इस सिस्टम ने 87 प्रतिशत सटीकता के साथ बैक-टेस्टेड पूर्वानुमान लगाया था.

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डरावने सफर से लेकर खुद से सीखी एडवांस साइंस तक की कहानी

आदित्य बताते हैं कि फ्लाइट में जब मुझे अचानक भयानक झटके महसूस हुए, तब से मेरे मन में यह सवाल घूमने लगा कि जो चीज इतनी खतरनाक है, उसका पहले से अंदाजा लगाना इतना मुश्किल क्यों है?  इसी एक सवाल ने आदित्य को इस रिसर्च की ओर धकेला. हाई स्कूल (माध्यमिक शिक्षा) में रहते हुए उन्होंने किसी भारी-भरकम लैब के बिना, पूरी तरह खुद से एटमॉस्फेरिक साइंस (वायुमंडलीय विज्ञान), टर्बुलेंस फिजिक्स और मशीन लर्निंग की पढ़ाई की.

आदित्य का मानना है कि वैज्ञानिक शोध कभी सीधे रास्ते पर नहीं चलता. शुरुआती कई मॉडल फेल होने के बाद उन्होंने 'ForeCAT' का सफल एल्गोरिदम तैयार किया. जिस समय दुनिया भर में ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण वायुमंडलीय हलचलें बढ़ रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में टर्बुलेंस का खतरा और बढ़ने की आशंका है. ऐसे में आदित्य द्वारा डिजाइन किए गए ForeCAT सिस्टम को भविष्य में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम से जोड़ा जा सकता है. इसे प्लानिंग सॉफ्टवेयर का हिस्सा बनाया जा सकता है. इससे पायलटों को खतरनाक हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से काफी पहले ही सही रूट या एल्टीट्यूड बदलने का समय मिल जाएगा.

रोबोटिक्स के चैंपियन और भविष्य के साइंटिस्ट

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83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप जीतने वाले आदित्य इससे पहले 'VEX रोबोटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप' में अपनी टीम के साथ ग्लोबल लेवल पर दूसरे स्थान पर रह चुके हैं. इसके अलावा वे 'रीजेनरॉन साइंस टैलेंट सर्च स्कॉलर' भी चुने जा चुके हैं. आदित्य अब कंप्यूटर साइंस और नेचुरल साइंसेज की पढ़ाई आगे बढ़ाना चाहते हैं, ताकि वे फिजिक्स और एआई के मेल से इंसानी जिंदगी को आसान और सुरक्षित बनाने वाले और भी बड़े समाधान खोज सकें.

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