NEET-UG विवाद और देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है. अपने पत्र में उन्होंने इस्तीफे की वजह, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के हितों को लेकर कई अहम बातें लिखी हैं. आइए जानते हैं कि उन्होंने अपने पत्र में क्या-क्या कहा.
सोशल मीडिया पर किया शेयर
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पत्र शेयर कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है. इस दौरान उन्होंने लिखा कि चार दशक से ज्यादा समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारे के लिए काम कर रहे हैं. उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है.
युवाओं को दिया संदेश
प्रधान ने पत्र में युवाओं को भी बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने लिखा कि मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है.
3 मई की परीक्षा पर लिया गया संज्ञान
इसके साथ ही अपने पत्र में उन्होंने 3 मई को हुई नीट परीक्षा में हुई अनियमितता पाई गई. भारत सरकार ने इसे लेकर तुरंत संज्ञान लिया और जांच CBI को सौंपी. बाद में परीक्षा को रद्द कर दिया गया. इसके साथ ही उन्होंने पत्र में बताया कि अगले साल से होने वाली नीट परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन मोड में किया जाएगा.
जिम्मेदारी से नहीं मोड़ा मुंह
पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ा. उन्होंने लिखा कि पहले दिन से ही इसपर मैंने जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे.
संतोषजनक रहे परिणाम
पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि 16 जुलाई को जारी हुए नीट के रिजल्ट संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली.
10 दिनों से मन दुखी है
अपने इस्तीफे में प्रधान ने कहा कि वह पिछले 10 दिनों से हो रही घटनाओं को लेकर दुखी हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं है बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है. भारत की युवा शक्ति हाँ देश की असली ताकत है.
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन पर क्या बोले प्रधान?
वहीं, लंबे समय से जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वहां पर जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें फायदा न उठा सकें. देश की एकता बनी रहे, भारत का एक भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें. इस बात पर विचार करते हुए मैंने इस्तीफा दे दिया है.
आजतक एजुकेशन डेस्क