'देहाती' कहकर मजाक उड़ाते थे सीन‍ियर्स... BG मेड‍िकल कॉलेज से लापता फर्स्ट इयर छात्र, पर‍िजनों ने लगाए ये आरोप 

रैगिंग के इन गंभीर आरोपों के बाद बीजे मेडिकल कॉलेज ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया. हालांकि, तन्मय के पिता का आरोप है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट या उसकी फाइंडिंग्स परिजनों के साथ साझा ही नहीं की गईं. उन्होंने यह बड़ा दावा भी किया है कि कॉलेज में रैगिंग को लेकर कई अन्य माता-पिता ने भी शिकायतें दर्ज कराई हैं.

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क्या रैगिंग के खौफ में लापता हुआ एमबीबीएस छात्र तन्मय? क्या रैगिंग के खौफ में लापता हुआ एमबीबीएस छात्र तन्मय?

ओमकार

  •  पुणे,
  • 31 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:19 PM IST

पुणे के मशहूर बीजे मेडिकल कॉलेज से एक बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाली खबर सामने आई है. यहां पढ़ने वाला फर्स्ट ईयर का एक एमबीबीएस छात्र पिछले 14 दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता है. छात्र के परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सीनियर छात्रों द्वारा लगातार की जा रही रैगिंग और प्रताड़ना से तंग आकर उसने हॉस्टल छोड़ा है.

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लापता छात्र की पहचान तन्मय वांगे के रूप में हुई है. तन्मय के पिता अजयकुमार वांगे ने पुलिस और कॉलेज प्रशासन से लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उत्कर्ष सिंह और श्रेया यादव समेत सीनियर छात्रों का एक ग्रुप तन्मय को लगातार परेशान कर रहा था. जब से उसने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया था, तब से उसके ग्रामीण बैकग्राउंड (देहाती पृष्ठभूमि) को लेकर उसका मजाक उड़ाया जाता था और उसे नीचा दिखाया जाता था.

CCTV में दिखा रेलवे स्टेशन, फिर बंद हो गया फोन
घटनाक्रम के मुताबिक, 18 जुलाई को तन्मय ने हॉस्टल अथॉरिटी को बताया कि वह अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहा है और इसके बाद वह हॉस्टल से निकल गया. सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि उसने पुणे रेलवे स्टेशन से सोलापुर जाने वाली ट्रेन पकड़ी थी.

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हालांकि, लोनी कालभोर रेलवे स्टेशन पार करने के बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया. जांच अधिकारियों के मुताबिक, 21 जुलाई और 23 जुलाई को उसके फोन पर इंटरनेट एक्टिविटी कुछ देर के लिए डिटेक्ट हुई थी, लेकिन उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है.

कमेटी बनाई लेकिन परिजनों से छिपाई रिपोर्ट!
रैगिंग के इन गंभीर आरोपों के बाद बीजे मेडिकल कॉलेज ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया. हालांकि, तन्मय के पिता का आरोप है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट या उसकी फाइंडिंग्स परिजनों के साथ साझा ही नहीं की गईं. उन्होंने यह बड़ा दावा भी किया है कि कॉलेज में रैगिंग को लेकर कई अन्य माता-पिता ने भी शिकायतें दर्ज कराई हैं.

बेटे के अचानक गायब हो जाने से परिवार पूरी तरह टूट गया है. सदमे और मानसिक तनाव के कारण तन्मय की मां की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.

रैगिंग के विवादों से पुराना नाता रहा है बीजे मेडिकल कॉलेज का
यह पहली बार नहीं है जब बीजे मेडिकल कॉलेज रैगिंग के आरोपों के घेरे में आया हो. इससे पहले भी कॉलेज में ऐसे कई शर्मनाक मामले सामने आ चुके हैं. यहां पिछले साल, एक साथी रेजीडेंट डॉक्टर की रैगिंग करने के आरोप में तीन रेजीडेंट डॉक्टरों को सस्पेंड किया गया था.

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एक अन्य हाई-प्रोफाइल मामले में, सिम्बायोसिस के संस्थापक एस. बी. मजूमदार के पोते ने भी इस कॉलेज में रैगिंग की शिकायत की थी. इसके बाद तीन रेजीडेंट डॉक्टरों को सस्पेंड किया गया था और ऑर्थोपेडिक्स विभाग के तत्कालीन एचओडी डॉ. शिरीष बारटक्के का तबादला कर दिया गया था.

इस पूरे मामले पर इंडिया टुडे से बात करते हुए बीजे मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एकनाथ पवार ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक कमेटी बना दी गई है. उन्होंने दावा किया कि कॉलेज प्रशासन तन्मय के माता-पिता के लगातार संपर्क में है और छात्र के गायब होने से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां जुटा रहा है.

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