बिहार: TRE-3 पेपर लीक मामले में MBBS डॉक्टर गिरफ्तार, हर अभ्यर्थी पर 50 हजार रुपये का था सौदा, अब तक 296 गिरफ्तार

बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह पैसे लेकर अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्र तक पहुंचाने की साजिश में शामिल था. जांच एजेंसी के मुताबिक डॉक्टर करीब 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग के एक होटल लेकर गया था. इस मामले में अब तक 296 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

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TRE-3 पेपर लीक मामले में डॉक्टर गिरफ्तार. (Photo: Representational) TRE-3 पेपर लीक मामले में डॉक्टर गिरफ्तार. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • पटना ,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:00 PM IST

बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि डॉक्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कराने की साजिश का हिस्सा था और पैसे लेकर अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्र तक पहुंचाने में मदद कर रहा था. इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर 296 हो गई है.

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आर्थिक अपराध इकाई की तरफ से मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में इस गिरफ्तारी की जानकारी दी गई. एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तार डॉक्टर बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है. उसे सोमवार को पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया गया. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई. जांच एजेंसी के अनुसार डॉक्टर का संबंध संजीव कुमार सिंह उर्फ संजीव मुखिया के बेटे से था.

संजीव मुखिया को NEET UG-2024 पेपर लीक मामले का कथित मास्टरमाइंड माना जाता है. इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI कर रही है. आर्थिक अपराध इकाई ने यह भी कहा कि संजीव मुखिया कई अन्य मामलों में भी वांछित रहा है. आर्थिक अपराध इकाई का दावा है कि गिरफ्तार डॉक्टर शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 का प्रश्नपत्र लीक कराने की साजिश में शामिल था.

NEET-UG पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड के बेटे से जुड़े थे तार

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आरोप है कि वह पैसे लेकर ऐसे अभ्यर्थियों की व्यवस्था करता था जिन्हें परीक्षा से पहले लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाता था ताकि उनकी भर्ती सुनिश्चित की जा सके. जांच में यह भी सामने आया है कि डॉक्टर को प्रत्येक अभ्यर्थी के बदले 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया था. एजेंसी के अनुसार वह जितने अधिक अभ्यर्थियों को इस नेटवर्क से जोड़ता, उसे उसी हिसाब से भुगतान किया जाना था. जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं.

आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 15 मार्च 2024 को आयोजित होनी थी. परीक्षा से दो से तीन दिन पहले डॉक्टर लगभग 30 अभ्यर्थियों को पटना से झारखंड के हजारीबाग स्थित एक होटल लेकर गया था. आरोप है कि वहीं पर इन अभ्यर्थियों को लीक हुआ प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था ताकि वे परीक्षा से पहले उसकी तैयारी कर सकें. जांच एजेंसी का कहना है कि यही पूरी साजिश का अहम हिस्सा था.

अभ्यर्थियों को पहले से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और उसके बदले पैसे लेने की योजना के तहत कई लोगों की भूमिका सामने आई है. इसी कड़ी में डॉक्टर की गिरफ्तारी की गई है. बिहार लोक सेवा आयोग ने TRE-3 के तहत प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए यह प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की थी. परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने मामले की जांच शुरू की थी.

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जांच के दौरान लगातार नए नाम सामने आते रहे और कार्रवाई का दायरा बढ़ता गया. गिरफ्तार डॉक्टर की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि भी सामने आई है. आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार उसने वर्ष 2021 में पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उसने कैमूर जिले में सरकारी डॉक्टर के रूप में भी काम किया. बाद में उसने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया.

वर्तमान में वह मेडिकल की स्नातकोत्तर पढ़ाई की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान उसका नाम TRE-3 पेपर लीक मामले की जांच में सामने आया और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि TRE-3 पेपर लीक मामले की जांच लगातार जारी है. 

EOU ने कहा, पूरे नेटवर्क की जांच अभी भी जारी

एजेंसी पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र लीक करने और अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे. इस ताजा गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या 296 हो गई है. जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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