IAS अधिकारी बनना देश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी सेवाओं में से एक माना जाता है लेकिन इस पद के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है.IAS अधिकारियों को सेवा से जुड़े नियमों और आचरण का पालन करना होता है. नियमों का गंभीर उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.
लेकिन IAS बनने के पीछे बड़ी मेहनत लगती है. परीक्षा को पास करने में आधी उम्र तक निकल जाती है लेकिन एक दाग आपकी इस पूरी मेहनत को खराब कर देता है. तो चलिए जानते हैं कि आखिर वह कौन सी गलतियां होती हैं जिसकी वजह से बात उनकी नौकरी पर बन आती है. हालांकि, किसी भी IAS अधिकारी को हटाना या सस्पेंड करना कोई सिंपल प्रक्रिया आसान नहीं है.
किन गलतियों से छिन सकती है नौकरी?
अगर कोई IAS अधिकारी कानून के दायरे के बाहर निकलकर काम करते हैं या भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में मिले होते हैं, तो उन्हें पद से हाथ धोना पड़ सकता है. अगर कोई अधिकारी रिश्वत लेते पकड़ा जाए तो या उसपर भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो जाता है, तो उसे सस्पेंड किया जा सकता है.
इसके अलावा अगर वह सरकारी नियमों का पालन नहीं करते हैं या सरकारी नीतियों का विरोध करते हैं, किसी राजनीतिक दल का साथ देना या बिना जानकारी के लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहना भी कुर्सी जाने की वजह बन सकती है. यदि किसी न्यायालय की ओर से किसी अधिकारी को किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया जाता है और जेल की सजा सुनाई जाती है, तो भी उसका पद छिन सकता है.
क्या होता है सस्पेंशन का नियम?
ऑल इंडिया सर्विसेस डिसिप्लिन एंड अपील नियम 1969 के तहत तय होती है. नियमों के मुताबिक अधिकारी जिस सरकार के अधीन काम कर रहा है, परिस्थितियों के अनुसार, वही सरकार निलंबन के आदेश दे सकती है. हालांकि, केंद्र और राज्य के बीच अधिकारियों को लेकर नियम अलग-अलग है. हालांकि, किसी भी अधिकारी को क्यों सस्पेंड किया जा रहा है, उसका कारण बताना अनिवार्य है.
आजतक एजुकेशन डेस्क