फर्जी एक्सपीरियंस लेटर और सीवी लेकर लोग कर रहे हैं नौकरी! कंपनी ले सकती है ये एक्शन 

एक कंपनी से निकलने के लिए और नई कंपनी में नौकरी करने की होड़ में कई बार कर्मचारी ऐसे कदम उठा लेते हैं, जो आगे चलकर न केवल उन्हें परेशानी देता है बल्कि कई बार कानूनी पचड़ों में भी फंसा देता है. नौकरी पाने के लिए कई उम्मीदवार जल्दबाजी या गलत सलाह के कारण फर्जी दस्तावेज जमा कर देते हैं.  इसमें नकली शैक्षणिक प्रमाणपत्र, एक्सीपीरियंस लेटर, सैलरी स्लिप, पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज शामिल हो सकते हैं.

Advertisement
फर्जी डॉक्यूमेंट कहीं ले न ले आपकी नौकरी. फर्जी डॉक्यूमेंट कहीं ले न ले आपकी नौकरी.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:28 AM IST

फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर नौकरी पाने के कई मामले सामने आते हैं. कई बार उम्मीदवार नकली डिग्री, फर्जी एक्सपीरियंस लेटर, जाली सैलरी स्लिप समेत कई अन्य गलत दस्तावेज जमा कर नौकरी पाने की कोशिश करते हैं. हालांकि, ऐसा करना न केवल नौकरी को खतरे में डाल सकता है बल्कि मामले की गंभीरता के आधार पर कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकता है. लेकिन उम्मीदवारों को ऐसा लगता है कि कंपनी इसके लिए कुछ नहीं कर सकती है, तो ये सोचना बिल्कुल गलत है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि यदि किसी कर्मचारी के दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो कंपनी उसके खिलाफ क्या कदम उठा सकती है और कानून इस बारे में क्या कहता है. 

Advertisement

कंपनी क्या कर सकती है कार्रवाई? 

अगर कोई जॉइनिंग के समय या बाद में कंपनी को पता चलता है कि कर्मचारी ने फेक डॉक्यूमेंट के आधार पर नौकरी पाई है, तो कंपनी अपने नियमों और रोजगार अनुबंध (Employment Contract) के अनुसार कई कदम उठा सकती है. इनमें- 

  • जॉब ऑफर तुरंत रद्द कर सकती है. 
  • कर्मचारी की सेवाएं समाप्त
  • (Termination) कर सकती है. 
  • बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में दस्तावेज फेल होने पर नियुक्ति रद्द की जा सकती है. 
  • कंपनी की आंतरिक नीति के अनुसार भविष्य में दोबारा नौकरी के लिए अयोग्य घोषित कर सकती है. 

कानून की भी ले सकती है मदद 

अगर आप ये सोच रहे हैं कि कंपनी कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकती है, तो ये गलत है. अगर कंपनी को लगता है कि फर्जी दस्तावेज देकर नौकरी हासिल करने की कोशिश की गई है या कंपनी को आर्थिक, कानूनी या प्रतिष्ठा से जुड़ा नुकसान हुआ है, तो वह इस मामले पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है. ऐसी स्थिति में कंपनी पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती है. जांच के बाद फर्जीवाड़ा या धोखाधड़ी साबित होती है तो भारतीय कानून के तहत संबंधित धाराओं में कार्रवाई हो सकती है. हर मामले में कानूनी कार्रवाई अपने-आप नहीं होती, बल्कि यह उपलब्ध सबूत, कंपनी की नीति और मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करती है. 

Advertisement

किन डॉक्यूमेंट्स में होता है फर्जीवाड़ा? 

  • शैक्षणिक डिग्री और मार्कशीट
  • एक्सपीरियंस लेटर
  • पिछली कंपनी की सैलरी स्लिप
  • रिलीविंग लेटर
  • पहचान और पते से जुड़े डॉक्यूमेंट 
---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »