मिस यूनिवर्स इंडिया की फाइन‍ल‍िस्ट फ‍िल्मों में नहीं, गूगल में कर रहीं जॉब... जानिए उमंगा की कहानी

मध्य प्रदेश की उमंगा कुमावत, जो मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के टॉप-20 फाइनलिस्ट में शामिल थीं, ने ग्लैमर की दुनिया छोड़कर गूगल में क्लाउड इंजीनियर के रूप में अपनी टेक्निकल करियर को प्राथमिकता दी है. जयपुर में हुए फिनाले के बाद वे बेंगलुरु स्थित गूगल ऑफिस में 9 से 5 की कॉर्पोरेट लाइफ जी रही हैं.

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मिस यूनिवर्स इंडिया की टॉप-20 फाइनलिस्ट, जो गूगल में संभालती हैं क्लाउड इंजीनियरिंग! (Photo: umanga_kumawat/Instagram) मिस यूनिवर्स इंडिया की टॉप-20 फाइनलिस्ट, जो गूगल में संभालती हैं क्लाउड इंजीनियरिंग! (Photo: umanga_kumawat/Instagram)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:19 PM IST

आमतौर पर माना जाता है कि जब कोई युवा ग्लैमर की दुनिया में कदम रखता है, खासकर मिस यूनिवर्स इंडिया जैसे देश के सबसे बड़े ब्यूटी पेजेंट के मंच तक पहुंचता है तो उसका अगला कदम बॉलीवुड, मॉडलिंग या एक्टिंग होता है. लेकिन मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं उमंगा कुमावत ने इस पुरानी धारणा को तोड़ दिया है.

जयपुर में आयोजित 'मिस यूनिवर्स इंडिया 2026' के ग्रैंड फिनाले में देश भर की 52 सुंदरियों के बीच टॉप-20 में जगह बनाने के ठीक कुछ हफ़्तों बाद, उमंगा वापस अपने लैपटॉप, कोडिंग, कॉर्पोरेट मीटिंग्स और टेक लाइफ में लौट आई हैं. वो बेंगलुरु स्थित गूगल ऑफिस में बतौर क्लाउड इंजीनियर कार्यरत हैं.

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दोनों में परफेक्ट बैलेंस

23 अगस्त 2026 को हुए नेशनल फिनाले के बाद जहां कई कंटेस्टेंट ग्लैमर इंडस्ट्री में अपने अगले प्रोजेक्ट्स तलाश रही थीं, वहीं उमंगा ने अपने पेशेवर करियर को पहली प्राथमिकता दी. सोशल मीडिया पर साझा की गई अपनी 'डे इन माई लाइफ' वीडियो के जरिए उमंगा ने दिखाया कि किस तरह एक नेशनल लेवल पेजेंट की फाइनलिस्ट होने के बावजूद वे एक आम आईटी पेशेवर की तरह 9 से 5 की कॉर्पोरेट लाइफ को अनुशासन के साथ जी रही हैं:

वो बेंगलुरु स्थित गूगल कैंपस में अपने दिन की शुरुआत वे वर्कआउट और जिम सेशन से करती हैं. फिर 10:30 बजे जिम के बाद दोपहर 12:30 बजे से वे पूरी तरह से अपने लैपटॉप, कोडिंग, डॉक्युमेंट्स और टेक्निकल प्रोजेक्ट्स में जुट जाती हैं. लंच में सादा पौष्टिक भोजन और शाम की कॉफी के साथ अपनी वर्क-लाइफ बैलेंस की रूटीन को वे बिना किसी शो-ऑफ के पूरा करती हैं.

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आज के समय में जब युवा करियर और अपने पैशन को लेकर अक्सर असमंजस में रहते हैं, उमंगा की कहानी टेक और कॉर्पोरेट जगत के युवाओं के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है. वो ब्यूटी पेजेंट और कॉर्पोरेट जॉब, दोनों अलग-अलग ध्रुव माने जाते हैं. लेकिन सही टाइम-मैनेजमेंट से अपने प्रोफेशन और पैशन दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है.

'स्टीरियोटाइप' को तोड़ा

टेक और इंजीनियरिंग (STEM) सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी और सफलता को उमंगा की यह उपलब्धि एक नया नजरिया देती है कि एक सफल इंजीनियर ग्लैमरस मंच पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकती है. उमंगा कुमावत की यह कहानी साबित करती है कि अगर आपके अंदर अनुशासन और अपने काम के प्रति ईमानदारी है, तो आप 9-से-5 की जॉब करते हुए भी अपने सबसे बड़े सपनों को उड़ान दे सकते हैं.

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