कोडिंग से लेकर हर कामों में अब प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए एआई का इस्तेमाल तेजी से किया जा रहा है. जहां एक ओर इसकी वजह से कई कंपनियों में छंटनी हो रही है, तो वहीं कई बड़ी टेक कंपनियों के CEO कह रहे हैं कि एआई हजारों नई नौकरियों को जन्म देंगी. इसमें Meta के CEO मार्क जकरबर्ग का नाम भी शामिल है. उनका मानना है कि AI आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा. उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले मेटा में काम करने वाले 8000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है.
पोस्ट कर शेयर की
मीट वेबसाइट पर एक ब्लॉग में मार्क ने कहा है कि सुपरइंटेलिजेंस यानी ऐसी एआई जो, इंसानों की सोचने की क्षमता से भी आगे निकल सकती है, समाज में कई बड़े बदलाव कर सकती है. उन्होंने कहा कि इसके मौके और चुनौतियां इतनी बड़ी होंगी, जितनी हमने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखी होगी. इसलिए इसे गंभीरता से लेना जरूरी है. हालांकि, जकरबर्ग ने AI से होने वाले संभावित नुकसान और खासकर नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर हो रही चर्चाओं पर हैरानी जताई. उन्होंने कहा कि अगर लोग मानते हैं कि AI की वजह से ज्यादातर नौकरियां और इंसानों की अहमियत खत्म हो जाएगी, तो फिर वे ऐसे भविष्य को बनाने की इतनी जल्दी क्यों कर रहे हैं.
गौर करने वाली बात यह भी है कि Meta भी AI में बड़े पैमाने पर निवेश करने वाली कंपनियों में शामिल है. कंपनी AI में निवेश बढ़ाने के लिए पहले ही हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है. Meta की योजना इस साल अकेले AI पर 145 अरब डॉलर तक खर्च करने की है.
मिल रहे हैं नए रोजगार
इसके विपरीत, मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग का मानना है कि AI नए रोजगार पैदा करने में मदद करेगा. AI कितना भी स्मार्ट हो जाए, कंप्यूटिंग क्षमता हमेशा सीमित रहेगी और उसका इस्तेमाल एक जगह करने पर उसे दूसरी जगह इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. जकरबर्ग का ये भी मानना है कि सुपरइंटेलिजेंस की मदद से लोग ऑटोमेशन से भी ज्यादा महत्वपूर्ण नई चीजें बना सकते हैं. उनके मुताबिक, AI अगर आविष्कार के काम से ज्यादा इस्तेमाल होगा तो लोगों की व्यक्तिगत क्षमता भी बढ़ सकती है जिससे उनका भविष्य भी बेहतर होगा.
नई टेक्नोलॉजी के साथ नए अवसर
उन्होंने इस पोस्ट के जरिए कहा कि जब भी कोई नई तकनीक आती है तो उसके साथ नए रोजगार भी पैदा होते हैं. उदाहरण के लिए पहले ऐप डेवलपर, सोशल मीडिया क्रिएटर, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीशियन और डेटा सेंटर ऑपरेटर जैसी नौकरियां आम नहीं थीं.
लेकिन जब लोगों ने इसे शुरू किया तो, इसमें आगे निकल गए. वैसे ही AI के आने से भी ऐसे नए रोजगार पैदा हो सकते हैं, जो आज आम नहीं हैं. इनमें एक व्यक्ति की ओर से चलाए जाने वाले प्रोडक्ट स्टूडियो शामिल हो सकते हैं, जहां कस्टम खिलौने, फर्नीचर या कपड़े डिजाइन किए जाएं.
इसके साथ ही AI की मदद से लोगों के लिए खास उपचार तैयार कर सकते हैं. भविष्य में कई ऐसी नौकरियां भी सामने आ सकती हैं, जिनकी अभी कल्पना करना मुश्किल है. जकरबर्ग के मुताबिक, कंपनियों का आकार भले ही छोटा हो जाए, लेकिन रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं.
इसका मतलब साफ है कि भविष्य में ऐसी कंपनियों की संख्या ज्यादा हो सकती है, जिनमें कम लोग काम करेंगे. वहीं, अरबपति एलन मस्क पहले दावा कर चुके हैं कि AI और रोबोट सभी नौकरियों पर कब्जा कर सकते हैं. उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में इंसान सब्जियां उगाने जैसे काम कर सकते हैं. हालांकि, मस्क का यह भी मानना है कि उस भविष्य में सभी लोगों को अच्छी सैलरी मिल सकती है.
एआई को नहीं करना चाहिए सीमित
हाल के कुछ समय में कई प्रभावशाली AI टूल्स की पहुंच को लेकर बहस तेज हो गई है. व्हाइट हाउस की ओर से विदेशियों के लिए एंथ्रोपिक के क्लाउड मिथोस और फेबल मॉडल के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगाए जाने के बाद कुछ लोगों का मानना है कि गलत इस्तेमाल रोकने के लिए शक्तिशाली AI मॉडल पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.
लेकिन वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि इन AI टूल्स तक सभी की पहुंच हो. मार्क जकरबर्ग का भी कहना ऐसा ही कुछ है. उनका मानना है कि शक्तिशाली AI टूल्स को कुछ लोगों या कंपनियों तक सीमित करना सही नहीं है. उनके मुताबिक, AI की ताकत को एक ही जगह रखना भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है.
उनका कहना है कि इतिहास में भी किसी एक ताकतवर व्यक्ति या संस्था पर पूरी मानवता की भलाई की जिम्मेदारी छोड़ना सही साबित नहीं हुआ है. इससे पहले OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन भी कह चुके हैं कि उनकी कंपनी AI मॉडल पर रोक नहीं लगाना चाहती.
हालांकि, उन्होंने माना है कि OpenAI अभी एस्ट्रा AI मॉडल लॉन्च नहीं कर सकती, क्योंकि यह बहुत ज्यादा शक्तिशाली है. वहीं, Meta ने हाल ही में अपनी Superintelligence Labs (MSL) के बनाए कई नए Muse AI मॉडल लॉन्च किए हैं. हाल में Meta का एक AI मॉडल टेस्टिंग के दौरान नियंत्रण से बाहर हो गया और उसने एक दूसरी कंपनी के सिस्टम को हैक कर लिया. ऐसी ही घटनाएं पहले OpenAI और Anthropic के AI मॉडलों के साथ भी सामने आ चुकी हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क