सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने वीकेंड पर बिल पे करने के लिए चलाई रैपिडो, सामने आई गिग वर्कर्स की असली मुश्किलें

भारत में गिग वर्कर्स की संख्या बढ़ रही है. बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के अनुभव से पता चलता है कि रैपिडो जैसी सेवाओं में काम करने वाले लोगों को सुरक्षा, अनिश्चितता और मदद की कमी जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 

Advertisement
वीकेंड पर बिल पे करने के लिए चलाता था रैपिडो. वीकेंड पर बिल पे करने के लिए चलाता था रैपिडो.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST

बेंललुरु के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर जिन्होंने भारी क्रेडिट कार्ट बिल को चुकाने के लिए वीकेंड पर रैपिडो ड्राइविंग शुरू की. उनका कहना है कि इन अनुभव ने उन्हें भारत में गिग वर्कर्स द्वारा सामना की जाने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ा. एक्स्ट्रा कमाई करने के इरादे से शुरू हुआ ये सफर यह शख्स के साथ हुए विवाद के बाद खराब अनुभव में बदल गया. इस घटना के बाद उन्हें समझ आया कि राइड-हेलिंग कैप्टन को रोज कई जोखिमों का सामना करना पड़ता है. 

Advertisement

रेडिट पर किया पोस्ट 

रेडिट पर एक पोस्ट में इंजीनियर ने बताया कि किराए के कमरे में रहने और घर की बुनियादी जरूरतें खरीदने के बाद जब उन पर क्रेडिट कार्ड का भारी बिल बकाया हो गया, तो उन्होंने रैपिडो कैप्टन के रूप में रजिस्ट्रेशन किया. पैसे उधार लेने के बजाय उन्होंने वीकेंड पर मिलने वाले खाली समय का उपयोग कर पैसे कमाने का सोचा. अपनी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा कि वैसे मुझे बाइक चलाना बहुत पसंद हैं और मेरा वीकेंड आमतौर पर खाली ही रहता है. इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न कुछ घंटों के लिए रैपिडो या उबर की सवारी ही की जाए? 

शुरुआत हुई अच्छी 

शुरुआत के कुछ हफ्तों में यह अच्छा चला और कमाई भी अच्छी हुई. करीब 20 की और ज्यादातर यात्री अच्छे और सहयोगी थे. उन्हें हैरानी हुई कि इतने लोग वीकेंड में कमाई के लिए यह काम क्यों नहीं करते.लेकिन एक राइड ने उनकी पूरी धारणा ही बदल दी. 

Advertisement

फिर क्या हुआ? 

एक वीकेंड पर इंजीनियर जब यात्री को लेने पहुंचा, तो यात्री के साथी ने उससे राइड कैंसिल करने को कहा. जब उसने बताया कि कैंसिल करने पर कैप्टन पर जुर्माना लगता है और ग्राहक को खुद कैंसिल करना होगा, जिसके बाद से ही विवाद बढ़ गया. उस व्यक्ति ने हेलमेट पर इतनी जोर से हमला किया कि उसका शीशा टूट गया. बहस बढ़ाने के बजाय इंजीनियर वहां से चला गया. इस घटना से उन्हें केवल हेलमेट का नुकसान नहीं हुआ बल्कि उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि गिग वर्कर को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 

उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा कि मैंने यह काम खुद चुना है. लेकिन अगर मुझे ये पसंद नहीं आया तो, मैं अगले हफ्ते से राइड लेना बंद कर सकता हूं, मेरे लिए यह केवल एक्स्ट्रा इनकम का सोर्स है लेकिन उन लोगों का क्या जिनका पूरा घर ही इसके जरिए चलता है. 

पूरी तरह से बदल दी धारणा 

इस घटना के बाद ऐप आधारित काम को लेकर उनका नजरिया पूरी तरह से बदल गया. उन्होंने बताया कि हर राइड के पीछे ऐसे कर्मचारी होते हैं, जिन्हें खराब व्यवहार, नशे में यात्रियों, राइड कैंसिल होने, गाड़ी खराब होने और सुरक्षा जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद वे अपनी और परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए कमाई करते हैं. उन्होंने कहा कि विवाद होने पर राइड-हेलिंग कैप्टन को ग्राहकों की तुलना में कम मदद मिलती है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »