पूरी सेना के बराबर तबाही मचाने वाले USS अब्राहम लिंकन से US-इजरायल ने किया ईरान पर अटैक

अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर से ईरान पर हमला शुरू कर दिया है. इस शक्तिशाली ग्रुप में 70 लड़ाकू विमान, सैकड़ों टोमाहॉक मिसाइलें और 8000 सैनिक हैं. इजरायल की मदद और ईरान को चेतावनी देने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है. स्थिति बहुत गंभीर है.

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USS अब्राहम लिंकन अपने पूरे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ. (File Photo: US Navy) USS अब्राहम लिंकन अपने पूरे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ. (File Photo: US Navy)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:26 PM IST

अमेरिका ने अपना सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन से ईरान पर हमला किया है. यह जहाज दक्षिण चीन सागर से मिडिल ईस्ट कुछ हफ्ते पहले पहुंचा था. अमेरिका कह रहा है – ईरान के साथ तनाव बढ़ रहा है, इसलिए हम अपनी पूरी ताकत तैनात कर चुके हैं. 

अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया क्या?

अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन से ईरान पर हमला शुरू कर दिया है. यह हमला इजरायल की मदद और ईरान को रोकने के लिए किया जा रहा है.

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यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप क्या है?

यह अमेरिकी नौसेना का पूरा युद्ध समूह है. इसमें एक बड़ा कैरियर मुख्य जहाज होता है. पूरा ग्रुप अकेला ही पूरी सेना जितनी तबाही मचा सकता है. इसका नाम Carrier Strike Group 3 (CSG-3) है.

इस ग्रुप में कितने जहाज और पनडुब्बियां हैं?

  • 1 बड़ा न्यूक्लियर कैरियर – यूएसएस अब्राहम लिंकन (1 लाख टन से ज्यादा वजन)
  • 3-4 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर (Arleigh Burke क्लास)
  • कभी-कभी 1 क्रूजर
  • 1-2 न्यूक्लियर अटैक पनडुब्बियां
  • 1-2 सपोर्ट जहाज (तेल, गोला-बारूद ले जाने वाले)
  • कुल: 7-10 जहाज और पनडुब्बियां

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इसमें कितने सैनिक और विमान हैं?

  • कुल 7000-8000 सैनिक और मरीन
  • 65-70 लड़ाकू विमान
  • F/A-18 Super Hornet
  • F-35C स्टील्थ फाइटर
  • E-2D Hawkeye (आसमान की नजर)
  • MH-60 हेलीकॉप्टर
  • EA-18G Growler (दुश्मन के रडार जाम करने वाला)

इसमें कितनी मिसाइलें और हथियार हैं?

  • सैकड़ों टोमाहॉक क्रूज मिसाइलें (दूर से दुश्मन को मारने वाली)
  • हवा से हवा, हवा से जमीन मिसाइलें
  • बम और गोला-बारूद हजारों किलो
  • डिफेंस मिसाइलें (समुद्र से आने वाले हमले रोकने वाली)
  • कैरियर खुद न्यूक्लियर पावर से चलता है, लेकिन उसके हथियार सामान्य हैं।

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ईरान को कितना नुकसान होगा?

  • बहुत भारी नुकसान.
  • विमान रोज 100-150 हमले कर सकते हैं.
  • टोमाहॉक मिसाइलें ईरान के एयरबेस, मिसाइल साइट, तेल फैक्टरी, नौसेना बेस को तबाह कर सकती हैं.
  • ईरान की छोटी नौसेना को पूरी तरह नष्ट कर सकता है.
  • होर्मुज स्ट्रेट (तेल का रास्ता) पर कब्जा कर सकता है.
  • ईरान की हवा में उड़ान बंद हो सकती है. 
  • लेकिन ईरान के पास भी बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन और दोस्त गुट हैं जो जवाब दे सकते हैं.

यह ग्रुप क्यों भेजा गया?

ईरान को डराने, इजरायल की मदद करने और अमेरिका के हितों की रक्षा करने के लिए. यह कोई रोज का काम नहीं, बल्कि बहुत बड़े तनाव में खास भेजा गया है.

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आगे क्या हो सकता है?

स्थिति बहुत गंभीर है. अगर ईरान ने जवाब दिया तो पूरा मिडिल ईस्ट फिर से जंग में फंस सकता है. तेल महंगा हो सकता है. दुनिया भर में टेंशन बढ़ गया है.

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