PAK के रोंगटे खड़े करने वाली मिसाइलों को लेकर होगी बड़ी डील, भारत-फ्रांस के बीच 3200 करोड़ के सौदे पर चर्चा

भारतीय वायुसेना अपनी मौजूदा राफेल फ्लीट के लिए इन क्रूज मिसाइलों की खरीद कर रही है. छह से सात मई की रात पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट करने के बाद वायुसेना ने इन्हीं हथियारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पाकिस्तान वायुसेना के ठिकानों पर हमले के लिए भी किया.

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राफेल की स्कैल्प क्रूज मिसाइल (Photo: IAF) राफेल की स्कैल्प क्रूज मिसाइल (Photo: IAF)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:03 PM IST

भारत और फ्रांस के बीच एक बड़े रक्षा सौदे को लेकर बातचीत चल रही है, जिसके तहत भारतीय वायुसेना (IAF) बड़ी संख्या में SCALP क्रूज मिसाइलें खरीदने जा रही है. इन्हीं मिसाइलों का इस्तेमाल पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के भीतर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों को तबाह करने में किया गया था.

इस संबंध में फ्रांस से SCALP मिसाइलों की खरीद पर चर्चा जारी है और रक्षा अधिकारियों के मुताबिक इस पर जल्द ही फैसला लिए जाने की उम्मीद है. SCALP मिसाइलों को भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों से दागा गया था. इन हमलों में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का भी इस्तेमाल हुआ. पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर जिलों में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि हमले बेहद सटीक थे और सभी लक्ष्य पूरी तरह नष्ट हो गए.

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भारतीय वायुसेना अपनी मौजूदा राफेल फ्लीट के लिए इन क्रूज मिसाइलों की खरीद कर रही है. छह से सात मई की रात पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट करने के बाद वायुसेना ने इन्हीं हथियारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पाकिस्तान वायुसेना के ठिकानों पर हमले के लिए भी किया. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान वायुसेना के 12 प्रमुख एयरबेस को निशाना बनाया और जमीन पर खड़े लड़ाकू विमानों और जासूसी विमानों समेत कई आतंकी टारगेट्स को नष्ट किया.

इसके अलावा, भारतीय वायुसेना अपने राफेल लड़ाकू विमानों के लिए बड़ी संख्या में Meteor हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी खरीदने की प्रक्रिया में है. इन मिसाइलों को भारतीय नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल मरीन विमानों में भी इंटीग्रेट किया जाएगा, जिनकी डिलीवरी अगले तीन से चार वर्षों में होने की संभावना है.

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ऑपरेशन सिंदूर में राफेल विमानों के बेहतरीन प्रदर्शन और क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए भारतीय वायुसेना अब 114 और राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का प्रस्ताव भी आगे बढ़ाने जा रही है. इस प्रस्ताव को अगले कुछ दिनों में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) से मंजूरी मिलने की संभावना है. आने वाले वर्षों में राफेल विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनने जा रहे हैं और अगले 10 से 15 वर्षों में इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंचने की उम्मीद है.

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