गले-सीने और जांघ पर गोलियां, अंधेरे में पुलिस का एक्शन...अतीक के गुर्गे उस्मान के एनकाउंटर की पूरी कहानी

प्रयागराज में 24 फरवरी को उमेश पाल और उसके गनर्स की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस हत्याकांड ने यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. इसके बाद से यूपी पुलिस लगातार एक्शन में है. पुलिस ने सोमवार को हत्याकांड में शामिल एक शूटर को एनकाउंटर में मार गिराया.

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उमेश पाल पर फायरिंग करने वाला शूटर विजय था. उमेश पाल पर फायरिंग करने वाला शूटर विजय था.

aajtak.in

  • प्रयागराज,
  • 07 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 10:18 AM IST

उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान को एनकाउंटर में ढेर कर दिया. पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ प्रयागराज के कौंधियारा में सोमवार तड़के 5.30 बजे हुई. इस दौरान विजय चौधरी के गर्दन, सीने और जांघ में गोली लगी. उधर, विजय की पत्नी सुहानी ने इसे फेक एनकाउंटर बताया. सुहानी के मुताबिक, पुलिस ने विजय को सुबह ही घर से उठाया था. 

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 विजय ने ही चलाई थी पहली गोली

प्रयागराज में 24 फरवरी को उमेश पाल और उसके गनर की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. उमेश के दूसरे गनर को भी इस दौरान गोली लगी थी. जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई. उमेश पाल राजूपाल हत्याकांड में गवाह थे. उमेश के गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने उनकी पर फायरिंग कर दी थी. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था. इस फुटेज में एक शख्स हाथ में पॉलीथीन लिए हुए फायरिंग करता हुआ दिखा. इसने ही उमेश पाल पर पहली गोली चलाई थी. 

विजय तक कैसे पहुंची पुलिस?

पुलिस के मुताबिक, हाथ में पॉलीथीन लिए हुए शख्स ही विजय उर्फ उस्मान था. प्रयागराज पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में शामिल पांच बदमाशों की शिनाख्त कर ली थी, लेकिन पहली गोली चलाने वाले विजय उर्फ उस्मान को पहचान नहीं पा रही थी. इसके बाद पुलिस ने अपने मुखबिरों को एक्टिव किया. रविवार को पुलिस के पास एक कॉल आई और उसने उमेश पाल पर पहली गोली चलाने वाले विजय उर्फ उस्मान के बारे में जानकारी दी. 

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इसके बाद प्रयागराज पुलिस ने आउटर एरिया में विजय उर्फ उस्मान को पकड़ने का जाल बिछाया. तड़के जैसे ही पुलिस ने विजय उर्फ उस्मान को पकड़ने की कोशिश की तो फायरिंग शुरू हो गई. इस दौरान एक सिपाही घायल हो गया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विजय उर्फ उस्मान ढेर हो गया. उस्मान को तीन गोलियां लगीं. 

विजय कैसे बना उस्मान?

विजय उर्फ उस्मान को अतीक गैंग का अहम सदस्य बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, अतीक अहमद के गिरोह के सदस्यों ने विजय चौधरी को उस्मान नाम दिया था. विजय के भाई राकेश चौधरी पर दर्जनों मामले दर्ज हैं. वह नैनी जेल में बंद हैं. 

50 हजार का इनामी था विजय 

ADG प्रशांत कुमार ने बताया कि विजय एनकाउंटर में जख्मी हो गया था. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां उसकी मौत हो गई. विजय पर 50 हजार रुपए का इनाम था. उसके पास से एक पिस्टल और कुछ कारतूस भी बरामद हुए हैं. एडीजी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताई. उन्होंने कहा कि हम स्पष्ट कर चुके हैं कि इस हत्याकांड में शामिल और साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले 27 फरवरी को पुलिस ने एनकाउंटर में अरबाज को ढेर कर दिया था. अरबाज हत्याकांड में शूटरों द्वारा इस्तेमाल क्रेटा कार को चला रहा था. पुलिस ने इस मामले में सदाकत को भी गिरफ्तार किया है. 

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विजय की पत्नी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
 
उधर, विजय की पत्नी सुहानी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सुहानी ने दावा किया है कि पुलिस सुबह ही उसके पति और ससुर को उठा ले गई थी और मोबाइल फोन जब्त कर लिए थे. सुहानी ने कहा कि पुलिस ने बिल्कुल गलत किया है. कानून किसी को मारने के लिए नहीं बना है. कानून सुरक्षा के लिए बना है. उन्होंने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ पर यह सब करवाने का आरोप लगाया. सुहानी ने बताया कि विजय अपनी गाड़ी सीमेंट कंपनी में चलाता है. 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के दिन वह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था. 

इस मामले में प्रयागराज पुलिस ने उमेश पाल की पत्नी जया पाल की शिकायत पर 25 फरवरी को मामला दर्ज किया था. जया पाल की शिकायत पर अतीक अहमद, उनकी पत्नी शाइस्ता, अतीक अहमद के दो बेटों, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और 9 अन्य पर मामला दर्ज किया था. 

 

 

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