जब अदालत में सुनवाई के दौरान जज ने मांगा दाऊद इब्राहिम का फोन नंबर

माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर ने मंगलवार को थाणे की एक अदालत को बताया कि उसने अपनी गिरफ्तारी से पहले दाऊद से फोन पर बात की थी.

Advertisement
दाऊद इब्राहीम दाऊद इब्राहीम

दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 07 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 10:24 AM IST

माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर ने मंगलवार को थाणे की एक अदालत को बताया कि उसने अपनी गिरफ्तारी से पहले दाऊद से फोन पर बात की थी. उसके इस खुलासे पर जज ने कहा कि वह दाऊद इब्राहिम का फोन नंबर बताए. इस पर कासकर ने सफाई दी कि जिस नंबर से फोन आया था वह उसके फोन पर डिस्प्ले नहीं हो रहा था.

Advertisement

अपनी शर्तों पर भारत आना चाहता था दाऊद

कासकर ने यह भी कहा कि उसे यह नहीं पता है कि दाऊद फिलहाल कहां है. कासकर के वकील श्याम केसवानी ने बीच में दखल देते हुए कहा कि पहले दाऊद इब्राहिम भारत लौटना चाहता था और वकील राम जेठमलानी ने इसके लिए मध्यस्थता करने की भी कोशिश की थी. दाऊद की शर्त यह थी कि उसे मुंबई के आर्थर रोड पर स्थ‍ित जेल में रखा जाए. लेकिन सरकार ने उसकी शर्त मानने से इंकार कर दिया था. केसवानी ने कहा कि इसी वजह से दाऊद भारत नहीं लौट पाया.

9 मार्च तक पुलिस हिरासत में रहेगा कासकर

थाणे पुलिस ने कासकर और उसके गैंग के सदस्यों के खिलाफ पिछले साल दर्ज फिरौती के तीसरे मामले में इकबाल कासकर को पुलिस हिरासत में देने की मांग की. यह मामला मुंबई का है. श्याम सुंदर अग्रवाल नामक एक शख्स ने बोरिवली में एक प्लॉट खरीदा था. कासकर के लोगों ने अग्रवाल को धमकी दी, उससे करोड़ों रुपये की फिरौती ली और प्लॉट भी किसी और को सौंपने देने को मजबूर किया.

Advertisement

वकील श्याम सुंदर केसवानी ने कोर्ट से कहा कि कासकर को डायबिटीज और पैर में चोट की वजह से इलाज की जरूरत है. जज ने पु‍लिस से कहा कि कासकर का किसी सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं. कासकर 9 मार्च तक पुलिस हिरासत में रहेगा.

 गौरतलब है कि कुछ महीनों पहले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर एम.एन. सिंह ने भी यह खुलासा किया था कि दाऊद भारत आना चाहता था और इसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ता से संपर्क किया था.

एम.एन. सिंह के मुताबिक उस वक्त राम जेठमलानी का संदेश लेकर महेश जेठमलानी उनसे मिलने आए थे. उन्होंने बताया था कि दाऊद सरेंडर करना चाहता है. लेकिन उसकी कुछ शर्तें हैं. पहली शर्त थी कि मुंबई पुलिस उसका नहीं करेगी. दूसरी शर्त थी कि उस पर केवल मुंबई बलास्ट केस का ट्रायल चलाया जाएगा. दाऊद की तीसरी शर्त थी कि उसे जेल में रखने के बजाय हॉउस अरेस्ट रखा जाए.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »