मोहाली MMS कांड: 7 दिन की रिमांड पर भेजे गए तीनों आरोपी

चंडीगढ़ की प्राइवेट यूनिवर्सिटी के MMS कांड मामले में मोहाली कोर्ट द्वारा तीन आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. पुलिस ने कोर्ट में आरोपियों की ज्यादा दिन की रिमांड की मांग की थी. कई तरह के सवाल पूछे जाने थे. अब तीनों आरोपी सात दिन तक पुलिस रिमांड में रहेंगे.

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मोहाली MMS कांड मोहाली MMS कांड

कमलजीत संधू

  • चंडीगढ़,
  • 19 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:11 PM IST

चंडीगढ़ की प्राइवेट यूनिवर्सिटी के MMS कांड मामले में मोहाली कोर्ट द्वारा तीन आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. पुलिस ने कोर्ट में आरोपियों की ज्यादा दिन की रिमांड की मांग की थी. कई तरह के सवाल पूछे जाने थे. अब तीनों आरोपी सात दिन तक पुलिस रिमांड में रहेंगे.

अफवाह ने विवाद को ज्यादा बढ़ाया?

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जानकारी के लिए बता दें कि पंजाब पुलिस ने मोहाली कोर्ट में आरोपी MBA छात्रा, उसके बॉयफ्रेंड और उसके एक दोस्त को पेश किया गया था. कोर्ट ने अभी के लिए सभी आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है. इस मामले की वजह से 6 दिन के लिए प्राइवेट यूनिर्वसिटी को भी बंद कर दिया गया है और छात्र अपने-अपने घर के लिए निकल गए हैं. वहीं दूसरी तरफ पुलिस की तरफ से भी जांच की एक अलग टीम बना दी गई है जो इस मामले में तफ्तीश कर रही है. जोर देकर कहा गया है कि किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करना है.

अलग-अलग दावे, प्रदर्शन जारी

इस समय मोहाली कांड को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि MMS सिर्फ एक छात्रा का था या फिर कई का. शुरुआती जांच के मुताबिक सिर्फ एक ही छात्रा का MMS था, 60 वाला दावा गलत है. पंजाब पुलिस के एडीजी गुरप्रीत देव ने बताया कि आरोपी छात्रा ने अपना ही वीडियो शेयर किया था और किसी दूसरी छात्रा का वीडियो नहीं मिला है. लेकिन कैंपस की दूसरी छात्राों का दावा है कि आरोपी छात्रा ने 60 से ज्यादा लड़कियों के वीडियो बनाए और उसे लीक किया.

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आरोपियों पर कौन सा एक्ट लगा?

अभी के लिए पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 354C और आईटी एक्ट की धारा 66E के तहत केस दर्ज कर लिया है. आईपीसी की धारा 354C कहती है कि अगर कोई पुरुष, किसी प्राइवेट कृत्य में लगी किसी स्त्री को तब देखेगा, जब उस स्त्री को इस बारे में पता न हो या फिर उसकी तस्वीर खींचेगा और उसे प्रसारित करेगा, तो दोष साबित होने पर कम से कम 1 साल और ज्यादा से ज्यादा 3 साल की कैद और जुर्माने की सजा होगी. अगर दूसरी बार भी दोषी साबित होता है तो 3 साल की कैद और जुर्माने की सजा होगी.

 

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