सोशल मीडिया पर फ्रेंडशिप, गोवा में हाउस पार्टी... पंजाब के Ex CM बादल के रईस भाई के मर्डर की Inside Story

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई की गोवा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उनकी पहचान नरोत्तम ढ़िल्लों उर्फ निमिस ढिल्लों उर्फ निमिस बादल के रूप मे हुई है. उनका शव उत्तरी गोवा के पोरवरिम इलाके में स्थित उनके आवास पर मिला. पुलिस ने इस मामले में भोपाल के एक कपल को गिरफ्तार किया है.

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गोवा में हुए एक मर्डर केस ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. गोवा में हुए एक मर्डर केस ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.

aajtak.in

  • पणजी,
  • 06 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 1:09 PM IST

बमुश्किल 28 रोज पहले गोवा पुलिस ने अपनी सूझबूझ से अपने ही 4 साल के बेटे के क़त्ल की आरोपी एक सीईओ सूचना सेठ को कर्नाटक से गिरफ्तार करवा लिया था. तब सूचना उत्तरी गोवा के कैंडोलिम से चित्रदुर्ग के आईमंगला तक 385 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी. लेकिन उसके टैक्सी ड्राइवर की मदद से उसकी लोकेशन ट्रैक कर गोवा पुलिस ने उसे बच्चे की लाश के साथ पकड़ लिया. अब एक बार फिर गोवा पुलिस ने क़त्ल के एक दूसरे मामले में मुस्तैदी की वैसी ही मिसाल पेश की है. इस बार गोवा पुलिस ने एक अमीर कारोबारी के कत्ल के सिलसिले में गोवा से करीब 470 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के पेण इलाके से दो संदिग्ध कातिलों को दबोचा है. फर्क बस इतना है कि पिछली बार गोवा पुलिस का साथ उस मिशन में कर्नाटक पुलिस ने दिया था और इस बार नवी मुंबई की पुलिस ने उनके बताने पर गुनहगारों को धर दबोचा है.

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इत्तेफाक से एआई कंपनी की सीईओ सूचना सेठ के हाथों अपने ही चार साल के बेटे के कत्ल का मामला जितना अजीब और रहस्यमयी था, गोवा में एक होटेलियर के कत्ल की ये कहानी कुछ उतनी ही अजीब और हैरान करनेवाली है. वैसे तो पूरा का पूरा गोवा ही एक टूरिस्ट डेस्टिशन के तौर पर दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन गोवा का पिलेर-ने-मारा इलाका अपने हाई प्रोफाइल विलाज और शानदार हॉस्पीटैलिटी के लिए अलग ही पहचान रखता है. रविवार 4 फरवरी सुबह 7.30 बजे इसी इलाके से गोवा पुलिस को एक कॉल आती है. कॉलर बताता है कि यहां एक विला में एक शख्स की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है. मरने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद उस विला का मालिक नरोत्तम सिंह ढिल्लों है. 77 साल के नरोत्तम सिंह उर्फ निम्स ढिल्लों की गिनती इलाके के रइसों में होती थी, जो इस पिलेर-ने-मारा इलाके में सिर्फ एक नहीं बल्कि तीन-तीन आलीशान विलाज के मालिक थे. 

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नरोत्तम सिंह ढिल्लों इनमें से एक विला का इस्तेमाल तो वो खुद अपनी रिहायश के तौर पर करते थे, जबकि बाकी के दो विलाज को उन्होंने गेस्ट हाउस बना रखा था. वो पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई भी थे. अब एक इतने अमीर और प्रभावशाली कारोबारी की रहस्यमयी हालत में मौत की खबर अपने-आप में काफी गंभीर बात थी. लिहाज़ा गोवा की परवोरिम थाने की पुलिस आनन-फानन में ढिल्लों के विला में आ पहुंची. खबर सही थी. यहां वाकई विला के अंदर ढिल्लों की लाश उनके बिस्तर पर पड़ी थी. कपड़े अस्त-व्यस्त थे और लाश पर कुछ चोट के निशान भी मौजूद थे, जिन्हें देखने से साफ था कि ढिल्लों की मौत कोई सामान्य मौत नहीं है. मौत से पहले उनके साथ मारपीट या ज्यादती की गई है. पुलिस ने लाश को बारीकी से देखा तो पाया कि उनका मोबाइल फोन और उनके सोने के जेवर भी गायब है.

बताया गया कि नरोत्तम सिंह ढिल्लों आम तौर पर कड़ा, सोने की चेन और अंगूठियां पहनते थे, लेकिन उनकी जान लेने वाले लोगों ने हत्या करने के साथ-साथ उनसे लूटपाट भी की थी. यानी पहली नजर में उनका मामला लूटपाट के लिए कत्ल का लग रहा था. पुलिस के खोजी कुत्ते और फॉरेंसिक टीम ने अपने-अपने तौर पर कातिलों के बारे में सुराग इकट्ठा करने की कोशिश की. लेकिन इस शुरुआती कोशिश में सिवाय इस नतीजे पर पहुंचने के लिए कत्ल के पीछे मोटिव लूटपाट का है, पुलिस ज्यादा कुछ पता नहीं लगा सकी. लेकिन इसी बीच विला की छानबीन करते-करते पुलिस की नजर एक सीसीटीवी फुटेज पर पड़ी, जो पास की एक दूसरी बिल्डिंग के कैमरे में कैद हुई थी. इस फुटेज के मुताबिक रात करीब साढ़े तीन बजे ढिल्लों के विला से एक कार रवाना हुई थी. पुलिस को ये भी पता चला कि एक नौजवान कपल 3 फरवरी की रात को उनके विला में पार्टी के लिए पहुंचा था.

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ढिल्लों और उनके मेहमानों ने रात करीब 2 बजे डिनर लिया था. यानी कत्ल से पहले वाली रात भी वो कुछ लोगों को होस्ट कर रहे थे, उनकी मेहमानवाजी में लगे थे. जाहिर है ऐसे में पुलिस का शक उन मेहमानों पर ही जाकर टिका, जो उनके विला में बीती रात को पार्टी करने पहुंचे थे. अभी पुलिस उनके बारे में कुछ जानकारी जुटाने की कोशिश कर ही रही थी, तब तक पता चला कि बीती रात उनके घर से निकलने वाले लोगों ने विला से बाहर जाने के लिए मेन गेट का नहीं, बल्कि एक खिड़की का सहारा लिया था. असल में सुबह विला के कर्मचारियों को वो खिड़की खुली हुई मिली, जबकि वो आम तौर पर बंद रहती है, जबकि मेन गेट बंद था. इस तरह अब तक की सारी तफ़्तीश ढिल्लों के अनजान मेहमानों पर टिक चुकी थी. लेकिन वो कहां से आए थे, कहां गए, उनकी पहचान क्या है, ये सब एक राज बना था. इसी बीच पुलिस के सामने ऐसी कई बातें आई जिसने राज का फाश कर दिया.

गोवा के परवोरिम पुलिस स्टेशन में 3 फरवरी की रात को एक और शिकायत आई. अपनी कार किराए पर देने वाले एक शख्स ने पुलिस को बताया कि उसने एक कपल को कार किराए पर दी थी. लेकिन वो लोग कार को लेकर गोवा से बाहर मुंबई की तरफ जा रहे हैं. फोन भी नहीं उठा रहे हैं. इन दोनों मामलों में कुछ इत्तेफाक अजीब थे. अव्वल तो कार लेकर भागने वाला भी एक कपल था और ढिल्लों के कत्ल में भी कपल का हाथ होने का शक था. कार की चोरी भी तकरीबन उसी दौरान हुई थी, जिस दौरान ढिल्लों की हत्या हुई थी. दोनों ही मामले पारवोरिम थाना इलाके में हुए थे. ऐसे में अब पुलिस भी इन दोनों केसेज़ को एक दूसरे से जोड़ कर देखने लगी और उसने फौरन कार को ट्रैक करना शुरू किया. कार महाराष्ट्र के नवी मुंबई से मुंबई की तरफ बढ़ रही थी. गोवा पुलिस ने फौरन नवी मुंबई पुलिस को उस कार की जानकारी दी और उसका लोकेशन उनके साथ शेयर कर दिया.

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नवी मुंबई पुलिस ने कार को ट्रैक करना शुरू किया और आखिरकार उसे महाराष्ट्र के ही रायगढ़ जिले में मौजूद पेण इलाके से इंटरसेप्ट कर लिया. गोवा पुलिस की शिकायत के मुताबिक कार में एक कपल मिला, जिसे पुलिस ने फौरन हिरासत में ले लिया. वैसे तो इस जोड़ी के साथ कार में एक और भी शख्स था, जो उनके साथ गोवा गया था, लेकिन वो भागने में कामयाब रहा. इसके बाद शुरू हुआ पूछताछ का सिलसिला. पुलिस दोनों से कार लेकर भागने की वजह जानने के साथ-साथ ढिल्लों के मर्डर के एंगल से भी पूछताछ कर रही थी. पहले तो दोनों ने कत्ल वाली बात से इनकार किया, लेकिन जब उनकी तलाशी में ढिल्लों के पास से लूटे गए सोने के गहने बरामद हो गए, तो मामला साफ हो गया. पकड़ी गई जोड़ी की पहचान जितेंद्र साहू और उसकी फ्रेंड नीटू राहुजा के तौर पर हुई. लेकिन दोनों से हुई पूछताछ के बाद जो कहानी सामने आई, उसने पुलिस तक का दिमाग घुमा दिया.

पुलिस सूत्रों की मानें तो इस कत्ल के पीछे सिर्फ लूटपाट की वजह नहीं, बल्कि धोखे और बदतमीजी की कहानी छुपी थी. कपल ने पुलिस को बताया कि गोवा के कारोबारी और होटेलियर एनएस ढिल्लों से उनकी मुलाकात सोशल मीडिया पर हुई थी. उन्होंने उन्हें अपना परिचय देते हुए गोवा में पार्टी के लिए बुलाया था. भोपाल की रहने वाली लड़का-लड़की की ये जोड़ी ढिल्लों के इनविटेशन पर गोवा उसके विला में पार्टी करने पहुंची. लेकिन दोनों की मानें तो 3 फरवरी की रात को पार्टी के बाद एनएस ढिल्लों अपनी मेहमान लड़की से बदतमीजी करने लगा. जब उस कपल के इसका विरोध किया, तो ढिल्लों डराने-धमकाने पर उतर आया. बस इसी के बाद गुस्से में उनकी ढिल्लों से लड़ाई हो गई और इसी लड़ाई के दौरान उनके हाथों ढिल्लों का कत्ल हो गया. जाहिर है, एक सवाल ये भी था कि यदि उन्होंने वाकई गुस्से में आकर ही ढिल्लों की जान ली, तो फिर कत्ल के बाद लूट क्यों की? 

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फिलहाल पुलिस ये जानना चाहती है कि कहीं कत्ल का मकसद लूटपाट ही तो नहीं था? कहीं ऐसा तो नहीं कि वो लूटपाट के अपने मकसद को छुपाने के लिए ढिल्लों के छेड़छाड़ वाली कहानी सुना रहे हैं? जाहिर है, अब गोवा पुलिस क़त्ल की आरोपी जोड़ी को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी और तभी जाकर पूरी कहानी साफ हो सकेगी. 

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इनपुट- गोवा से रितेश देसाई के साथ मुंबई से दिव्येश सिंह

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