कातिल आफताब ने तालाब में फेंका था श्रद्धा का सिर! दिल्ली पुलिस खाली कराने में जुटी

आफताब ने पुलिस के सामने ये तो मान लिया है कि उसने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए हैं. लेकिन जिन सवालों के ईर्द-गिर्द पुलिस भटक रही है, वो ये कि उन टुकड़ों को आफताब ने कहां ठिकाने लगाया. किस जगह श्रद्धा का सिर फेंका और कहां उसके कपड़े फेंके.

Advertisement
छतरपुर एनक्लेव स्थित तालाब में श्रद्धा का सिर तलाश रही पुलिस छतरपुर एनक्लेव स्थित तालाब में श्रद्धा का सिर तलाश रही पुलिस

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 20 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

श्रद्धा मर्डर केस में पुलिस की जांच का दायरा फैलता जा रहा है. इस हत्याकांड का सबसे बड़ा राजदार चुप है... खामोश है. क्योंकि वो राजदार ही गुनहगार है. आफताब के गुनाहों का कच्चा चिट्ठा खोलने के लिए पुलिस की टीमें लगातार पड़ताल में जुटी हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस नगर निगम के कर्मचारियों के साथ एक तालाब को खाली कराने में लगी है. दरअसल, पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली है कि आरोपी ने छतरपुर एनक्लेव स्थित इसी तालाब में श्रद्धा का सिर फेंका था. जिसे खाली करने और श्रद्धा के सिर की तलाश में कई लोगों की टीम मशीनरी के साथ जुटी है. 

Advertisement

यूं तो आफताब ने पुलिस के सामने ये तो मान लिया है कि उसने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए, उन्हें अपने फ्लैट में फ्रीज में रखा और कई दिनों तक उन टुकड़ों को ठिकाने लगाता रहा. लेकिन जिन सवालों के ईर्द-गिर्द पुलिस भटक रही है, वो ये कि उन टुकड़ों को आफताब ने कहां ठिकाने लगाया. कहां श्रद्धा का सिर फेंका और कहां उसके कपड़े फेंके. कहां वो हथियार फेंका, जिससे उसने श्रद्धा को बेरहमी से मार डाला. इन सबूतों का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस कई राज्यों में खाक छान रही है. 

दिल्ली पुलिस को जंगलों से अलग-अलग किस्म की हड्डियों के 17 टुकड़े मिल चुके हैं. जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है. फोरेंसिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनको देखकर आसानी से पहचाना जा सकता है कि ये इंसान की हैं. हालांकि इन हड्डियों को श्रद्धा की हड्डियां साबित करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है. इसके लिए डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है. फोरेंसिक टीम के मुताबिक इन हड्डियों में एक फेमर बोन है, यानी वो हड्डी जिसे हम आम बोलचाल की भाषा में जांघ की हड्डी या थाई बोन कहते हैं. 

Advertisement

इसी तरह पुलिस और एक्सपर्ट्स को जंगल से रेडियस उलना, पाटेला और ऐसी कई और हड्डियां मिली हैं. रेडियस उलना यानी कलाई और कोहनी के बीच की हड्डी, इंसान की ये हड्डी काफी मजबूत होती है. पटेला असल में घुटने की हड्डी होती है, जिसे नी-कैप भी कहते हैं. खास बात ये भी है कि इन हड्डियों पर तेजधार हथियार से काटे जाने के भी निशान मिले हैं.

5 राज्यों तक पहुंचा जांच का दायरा

श्रद्धा मर्डर केस की जांच का दायरा 5 राज्यों तक जा पहुंचा है. दिल्ली में श्रद्धा का मर्डर हुआ था. मुंबई में दोनों की दोस्ती परवान पर चढ़ी थी. दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक मामले की जांच पड़ताल चल रही है. अब सबूतों की तलाश हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में भी हो रही है. लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है. श्रद्धा मर्डर केस का हिमाचल से बड़ा कनेक्शन है. लिहाजा पुलिस आफताब को वहां ले जाकर जांच की तैयारी में है. पुलिस वहां क्राइम सीन रिक्रिएट कर सकती है. मई में श्रद्धा का मर्डर हुआ था और आफताब श्रद्धा के साथ 6 अप्रैल को कुल्लू में थी. वहां दोनों मणिकरण के तोष गांव में रूके थे. वहीं हिमाचल दौरे पर ही आफताब को बद्री नाम का एक शख्स भी मिला था, जिसने दिल्ली के महरौली में रूकने में मदद की. वो भी पुलिस के रडार पर है.

Advertisement

ऋषिकेश में भी मिल सकते हैं अहम सबूत

पुलिस की जांच में ये भी सामने आया है कि आफताब और श्रद्धा उत्तराखंड के ऋषिकेश भी गए थे. श्रद्धा ने अपना रील भी बनाया था, जिसे इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था. सूत्र बताते हैं कि पहले ऋषिकेश में ही आफताब श्रद्धा को मारना चाहता था. लेकिन उसे पकड़े जाने का डर था. लिहाजा वो डर गया, और दिल्ली में कत्ल को अंजाम दिया. दिल्ली पुलिस को शक है कि ऋषिकेश में भी अहम सुराग मिल सकते हैं.

हरियाणा में सबूतों की तलाश

श्रद्धा मर्डर केस की जांच हरियाणा तक पहुंच चुकी है. पुलिस ने एक दिन पहले ही श्रद्धा की हत्या में इस्तेमाल आरी की तलाश गुरुग्राम तक की है. पुलिस को शक है कि आफताब ने श्रद्धा की लाश के टुकड़े करने के लिए जिस आरी का इस्तेमाल किया, वो आरी उसने गुरुग्राम में अपने दफ्तर के पीछे मौजूद झाड़ियों में ही कहीं फेंक दी थी. उसी की तलाश में शनिवार को पुलिस ने मेटल डिटेक्टर के तलाशी अभियान चलाया. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »