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EPF Pension Rule: 0 बैलेंस, फिर भी PF ट्रांसफर करना बेहद जरूरी, वरना नहीं मिलेगी पेंशन!

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्‍ली,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:39 PM IST
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अगर आप प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारी हैं और आप आपने पीएफ का समय पर भुगतान करते हैं तो आपको रिटायरमेंट पर बड़ा अमाउंट मिल सकता है. साथ ही पेंशन अमाउंट भी आपको रिटायरमेंट के बाद ही दिया जाएगा. 
 

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लेकिन अगर पीएफ को लेकर कुछ गलती करते हैं तो पेंशन का पैसा खो सकते हैं और आपकी पेंशन नहीं मिलेगी. आइए जानते हैं कौन सी ये गलती है और क्‍या नहीं करना चाहिए. 
 

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सिर्फ बैलेंस निकाल लेना ही काफी नहीं

दरअसल, कई कर्मचारी नौकरी बदलने के बाद अपना ईपीएफ बैलेंस निकाल लेते हैं और सोचते हैं कि अब ट्रांसफर करने के लिए कुछ बचा ही नहीं है. हालांकि, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) ईपीएफ से अलग काम करती है. 
 

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पीएफ अकाउंट ट्रांसफर करना बेहद जरूरी

भले ही आपका पीएफ बैलेंस शून्य हो जाए, आपकी ईपीएस सेवा अवधि पुराने खाते से जुड़ी रहती है और भविष्य में पेंशन लाभ सुरक्षित रखने के लिए इसे ट्रांसफर करना आवश्यक है. क्‍योंकि कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत आपके पेंशन योग्‍य सेवा अवधि‍ का रिकॉर्ड रखा जाता है 
 

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जितनी ज्‍यादा सर्विस, उतना ज्‍यादा पेंशन 

आपकी पात्र सेवा अवधि जितनी लंबी होगी, रिटायरमेंट के बाद आपको मिलने वाली पेंशन राशि उतनी ही अधिक होगी. जब भी आप अपना EPF निकालेंगे तो आपको सिर्फ सेविंग अमाउंट ही मिलेगा. आपका ईपीएफ सर्विस रिकॉर्ड ऑटोमैटिक नियोक्‍ता के अकाउंट में ट्रांसफर नहीं होता है. 

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अगर आपका सर्विस हिस्‍ट्री अभी भी पुरानी सदस्यता आईडी से जुड़ा हुआ है, तो पेंशन का कैलकुलेशन करते समय उन सालों को सही ढंग से गिना नहीं जा सकता है, जिससे रिटायरमेंट बेनिफिट कम हो सकते हैं. 
 

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EPS नियमों के तहत, कर्मचारियों को मासिक पेंशन के लिए पात्र होने के लिए आम तौर पर कम से कम 10 वर्ष की सेवा अवधि की आवश्यकता होती है. अगर पिछली नौकरियों के सेवा रिकॉर्ड ट्रांसफर नहीं किए जाते हैं, तो आपका पेंशन रिकॉर्ड कम हो सकता है. छूटे हुए वर्षों से आपकी पेंशन योग्य सेवा अवधि कम हो सकती है, जिससे आपके पेंशन लाभ कम हो सकते हैं. 
 

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