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Train Rules: ट्रेन में नहीं मिला चादर, कंबल... तो कैसे मिलेगा पैसा वापस? जानें नियम

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्‍ली,
  • 07 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST
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भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है. यह देश के कोने-कोने में फैला हुआ है... यहां तक कि यह नेटवर्क विदेशों तक भी फैला हुआ है.इस बड़े नेटवर्क को संभालने के लिए रेवले की ओर से कुछ नियम बनाए गए हैं, जिसे कर्मचारी से लेकर यात्री तक को फॉलो करने पड़ते हैं. 

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इसी में से एक नियम, एसी कोचों में बेड रोल को लेकर है. रेवले सभी एसी कोचों में यात्रियों को चादर, तकिया, तौलिया और कंबल प्रोवाइड कराता है. ताकि यात्रि आसानी से अपना सफर गुजार सके. इसके अलावा, उन्‍हें सफर में किसी भी तरह की समस्‍या पैदा ना हो. 

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टिकट के साथ ये सुविधा
3 AC, 2AC और 1AC के सभी कोचों में टिकट के साथ ही बेडरोल की सुविधा होती है. इसके लिए कोई अतिरिक्‍त चार्ज नहीं लिया जाता है. हालांकि, कुछ स्‍लीपर ट्रेनों में अगर आप बेडरोल मांगते हैं तो दिया जाता है. इसमें दुरंतो और गरीब रथ शामिल है. 

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स्‍लीपर कोच में भी मिल सकता है बेडरोल 
अगर आप स्‍लीपर ट्रेन में सफर कर रहे हैं और आपने चादर-कंबल जैसी चीजों की मांग की तो आपको दिया जाता है, लेकिन इसके लिए आपको अतिरिक्‍त पैसे का भुगतान करना होगा. यह भुगतान टिकट बुक करने वक्‍त ही करना होगा. हालांकि ये कुछ ही ट्रेनों तक सीमित है. 

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नहीं मिला चादर-कंबल तो क्‍या होगा? 
लेकिन जरा सोचिए, अगर रेलवे एसी कोच में चादर, तकिया या कंबल जैसी चीजें आपको नहीं देता है तो नियम क्‍या कहता है. रेलवे का कहना है कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले आपको कोच अटेंडर से संपर्क करना चाहिए, लेकिन अगर वे देने से मना करता है तो शिकायत कर सकते हैं. 

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मिलेगा इतने रुपये का रिफंड
हालांकि, इसे बाद भी अगर किसी वजह से आपको बेड-रोल नहीं मिलता है, तो आप डेस्टिनेशन स्टेशन पर ₹20 के रिफंड के हकदार होंगे. हालांकि, इस रिफंड के लिए आपका क्लेम ट्रेन के पहुंचने के 20 घंटे के अंदर रजिस्टर हो जाना चाहिए. रिफंड के क्लेम के साथ आपको अपना यात्रा टिकट और कंडक्टर या TTE का बेड-रोल न मिलने का सर्टिफिकेट भी देना होगा.

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