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Gold-Silver Crash Reason: ये 5 कारण... जिनकी वजह से देखते ही देखते क्रैश हुआ सोना-चांदी

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:19 PM IST
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सोना-चांदी की कीमतों में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को बड़ी गिरावट आई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही जहां चांदी 4500 रुपये से ज्यादा सस्ती होकर 2.30 लाख रुपये प्रति किलो के लेवल पर आ गई. तो वहीं सोने की कीमत भी तेजी से फिसली है और Gold Rate 2000 रुपये कम होकर 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है. (Photo: Reuters)

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सोना-चांदी झटके में इतना सस्ता 
MCX Gold-Silver Rates में आए बदलाव पर नजर डालें, तो गुरुवार को जैसे ही एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत हुई. 4 दिसंबर की एक्सपायरी वाली चांदी क्रैश होकर (Silver Price Crash) होकर 2,30,221 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. बीते कारोबारी दिन ये 2,34,786 रुपये पर बंद हुई था. इस हिसाब से देंखे तो चांदी झटके में 4,565 रुपये सस्ती हो गई. वहीं दूसरी ओर 10 Gram 24 Karat Gold Rate  अपने पिछले बंद 1,52,470 रुपये से 1987 रुपये कम होकर 1,50,483 रुपये पर आ गया. (Photo: Reuters)

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गिरावट का पहला कारण
US Fed का फैसला: सोना-चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे पहला कारण US Fed का पॉलिसी रेट को लेकर लिया गया फैसला है. 
फेडरल रिजर्व ने पॉलिसी रेट हाइट (Interest Rate Hike) का ऐलान किया है. फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के नेतृत्व में हुई बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की गई और अब रेट 3.75% से 4% के दायरे में पहुंच गया है. बता दें कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ता है और कीमती धातुओं के दाम गिरते हैं. (Photo: Reuters)

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गिरावट का दूसरा कारण
US Dollar: सोना-चांदी की कीमतें टूटने के पीछे दूसरी वजह मजबूत अमेरिकी डॉलर है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में 25 BPS की बढ़ोतरी की, जो 2023 के बाद पहली वृद्धि है. इसके साथ ही इस साल एक और Rate Hike का संकेत दिया है. इसके बाद डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने से कीमती धातुओं के भाव पर दबाव दिखा है. (Photo: Reuters)

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गिरावट का तीसरा कारण
US Bond Yields: अमेरिका में बॉन्ड 5% पर पहुंच चुकी है और इसे बढ़ोतरी भी सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह है. दरअसल, ऐसा इसलिए क्योंकि जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो सोने और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं, जिससे इनकी कीमतों पर दबाव पड़ता है. अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशक सोने के बजाय बॉन्ड में पैसा लगाना पसंद करते हैं. (Photo: Reuters)
 

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गिरावट का चौथा कारण
Crude Inflation: वेस्ट एशिया में तनाव बरकरार है और कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर के बार बनी हुई हैं. गुरुवार को खबर लिखे जाने तक Brent Crude Price 105 डॉलर प्रति बैरल के पार ट्रेड कर रहा था. तेल के इंटरनेशनल रेट्स बढ़ने से वैश्विक स्तर पर महंगाई का जोखिम बढ़ता है और इसका असर भी कीमती धातुओं के भाव पर दिखता है. (Photo: Reuters)

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गिरावट का पांचवां कारण
Global Tension: मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार है, जियो पॉलिटिकल तनाव की स्थिति में अक्सर कीमती धातुओं में बिकवाली देखने को मिलती है और इसके बढ़ने पर Gold-Silver Rates में गिरावट आती है. दरअसल, युद्ध या अन्य वजह से ग्लोबल तनाव की खबर आने से पहले ही अगर सोना-चांदी के दाम काफी बढ़ चुके होते हैं, तो निवेशक मुनाफा वसूली करने लगते हैं औऱ इससे कमोडिटी मार्केट में कीमती धातुओं का रेट गिर जाता है. (Photo: Reuters)

(नोट- सोना-चांदी जैसे किसी भी असेट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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