क्या आपके पास इंडसइंड बैक (Indusind Bank) का क्रेडिट कार्ड है? अगर हां, तो फिर ये खबर आपके लिए खास है, क्योंकि चार दिन बाद 15 जून से इस क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव (Credit Card Rule Change) होने जा रहा है और इसका सीधा असर यूजर्स पर पड़ने वाला है. इन चेंज में फ्यूल पेमेंट चार्ज से लेकर लेट पेमेंट चार्ज तक बदलने जा रहे हैं. आइए जानते हैं इन बड़े बदलावों के बारे में...(Photo: Indusind Bank)
बैंक ने बताया- क्या बदलेगा?
Indusind Bank द्वारा अगले सप्ताह की शुरुआत के साथ ही क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए एक साथ कई बदलाव लागू किए जा रहे हैं. इनसे जुड़ी जानकारी बैंक ने अपनी वेबसाइट पर भी शेयर कर दी है, जिसमें डिटेल से ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाले असर को बताया गया है. (Photo: File/ITG)
पहला बदलाव: ट्रांसपोर्टेशन खर्च पर चार्ज
IndusInd Bank क्रेडिट कार्ड यूजर्स पर अब हर स्टेटमेंट साइकल में ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े खर्च के 40,000 रुपये से ज्यादा होने पर कुल खर्च के ऊपर 1 फीसदी चार्ज के साथ जीएसटी वसूलेगा. हालांकि, एयर ट्रैवल को इससे बाहर रखा गया है. (Photo: Reuters)
दूसरा बदलाव: फ्यूल ट्रांजैक्शन चार्ज
अगला बदलाव ईंधन खरीद के लिए इंडसइंड बैंक द्वारा किए जाने वाला खर्च आता है. बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, 15 जून से अलग-अलग वेरियंट के क्रेडिट कार्ड पर लगने वाली फ्यूल ट्रांजैक्शन फीस में बदलाव किया जा रहा है. इसके तहत ज्यादातर कार्ड्स पर हर स्टेटमेंट साइकल में अब 50000 रुपये की जगह सिर्फ 30,000 रुपये से अधिक फ्यूल खर्च करने पर 1 फीसदी चार्ज के साथ ही जीएसटी देना होगा. (Photo: Pixabay)
तीसरा बदलाव: अंतरराष्ट्रीय खर्च पर चार्ज
बैंक ने डायनैमिक करेंसी कन्वर्जन (Dynamic Currency Conversion) के निमय में भी बदलाव किया है और ये चेंज भी 15 जून से ही लागू हो रहा है. अब अलग-अलग वेरियंक के क्रेडिट कार्ड के लिए DCC Charge 1%+GST, या औ 2%+GST कर दिया गया है. यूजर बैंक की वेबसाइट पर जाकर अपने कार्ड से जुड़े शुल्क देख सकते हैं. (Photo: Pexels)
चौथा बदलाव: ब्याज का कैलकुलेशन बदला
एक और बड़ा बदलाव इंडसइंड बैंक क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर लगने वाले ब्याज के कैलकुलेशन को लेकर हुआ है. अगर कोई क्रेडिट कार्ड कार्ड-होल्डर आंशिक भुगतान (Credit Card Partial Payment) कर रहा था, लेकिन मौजूदा महीने में उसने ड्यू डेट पर या उससे पहले पूरा भुगतान कर दिया है, तो पिछले स्टेटमेंट के क्लोजिंग बैलेंस पर भुगतान की तारीख तक ब्याज लगता रहेगा. यह ब्याज अगले महीने के स्टेटमेंट में जोड़ा जाएगा. कार्ड-होल्डर्स को Interest Free Period का लाभ तभी मिलेगा, जब अगले महीने के स्टेटमेंट का पूरा पेमेंट कर देगा. (Photo: Pexels)