पेट्रोल-डीजल पर आपको मिली राहत इन कंपनियों के लिए हो रही महंगी साबित

वित्त मंत्री ने सभी राज्यों से भी वैट घटाने की अपील की. इसी अपील का असर था कि जेटली की घोषणा के बाद ही भाजपा शासित ज्यादातर राज्यों ने वैट में कटौती कर दी.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Reuters file photo) प्रतीकात्मक तस्वीर (Reuters file photo)

विकास जोशी

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 12:21 PM IST

भारत सरकार ने बेतहाशा बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों से आम आदमी को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर दी है. गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसकी घोषणा करते हुए तेल कंपनियों को भी कीमतें कम करने की खातिर भार उठाने के लिए कहा है. सरकार की इस घोषणा के बाद लगातार तेल कंपनियों के शेयर लाल निशान के नीचे बने हुए हैं.

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इस घोषणा के बाद शुक्रवार को भी के शेयर लाल निशान के नीचे कारोबार कर रहे हैं. फिलहाल (11.26AM) सबसे ज्यादा गिरावट हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयरों में देखने को मिल रही है. कंपनी के शेयर 20.52 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं.

हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बाद भारत पेट्रोल‍ियम के भी लाल निशान के नीचे हैं. इनमें भी भारी गिरावट देखने को मिल रही है. इस कंपनी के शेयर 17.32 फीसदी की गिरावट के साथ निफ्टी-50 पर कारोबार कर रहे हैं.

इन दोनों कंपनियों के अलावा इंडियन ऑयल कंपनी के शेयर 13.51 अंकों की गिरावट के साथ, ओएनजीसी के शेयर 10.93 फीसदी और गेल के शेयर भी 7.45 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं.

बता दें कि गुरुवार को ने 2.50 रुपये की कटौती का एलान किया. इस दौरान उन्होंने तेल कपंनियों को 1 रुपये की कटौती प्रति लीटर करने के लिए कहा और राजस्व विभाग 1.50 रुपये वहन करेगा.

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वित्त मंत्री ने सभी राज्यों से भी वैट घटाने की अपील की. इसी अपील का असर था कि जेटली की घोषणा के बाद ही भाजपा शासित ज्यादातर राज्यों ने वैट में कटौती कर दी.

हालांकि वित्त मंत्री की तरफ से यह घोषणा किए जाने के तुरंत बाद ही में हलचल मच गई और तेल कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए. गुरुवार से शुरू हुई यह गिरावट आज भी जारी है.

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