घर खरीदना लगातार महंगा होता जा रहा है. लेकिन इसके बावजूद भारतीयों में बड़े घर खरीदने की चाह कम नहीं हुई है. हालिया होमबायर सर्वे इसके उलट तस्वीर दिखाता है. खरीदार अब छोटे और कॉम्पैक्ट घरों के बजाय बड़े घरों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. इसके लिए वे ज्यादा कीमत चुकाने को भी तैयार हैं.
ANAROCK के कंज्यूमर सेंटिमेंट सर्वे H1 2026 के मुताबिक, करीब आधे खरीदार 3 BHK घर पसंद कर रहे हैं. वहीं, 90 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये के बीच की कीमत वाला घर खरीदारों का सबसे पसंदीदा बजट बनकर सामने आया है.
बड़े घरों की मांग लगातार बढ़ रही है. सर्वे के अनुसार, 48 फीसदी लोगों ने 3 BHK घर को अपनी पसंद बताया. यह सबसे पसंदीदा घर का आकार है. वहीं, 38 फीसदी लोगों की पसंद 2 BHK घर है. इसके अलावा करीब 5 फीसदी लोग अब 4 या उससे ज्यादा बेडरूम वाले घर पसंद कर रहे हैं. H1 2024 में ऐसे घरों को पसंद करने वाले लोगों की संख्या करीब 3 फीसदी थी.
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देश के कई बड़े शहरों में 3 BHK घरों की मांग खास तौर पर मजबूत है.
अहमदाबाद में 57 फीसदी लोगों ने 3 BHK को पसंद किया. इसके बाद चेन्नई और दिल्ली-NCR में 53-53 फीसदी और हैदराबाद में 52 फीसदी लोगों ने 3 BHK को प्राथमिकता दी. बेंगलुरु में 46 फीसदी, पुणे में 47 फीसदी और कोलकाता में 46 फीसदी लोगों ने 3 BHK घर पसंद किया. वहीं, MMR में 3 BHK की मांग सबसे कम 39 फीसदी रही.
ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि 3 BHK के साथ-साथ ज्यादा बजट वाले घरों और 4 BHK या उससे बड़े घरों की मांग यह दिखाती है कि ज्यादा कीमत के बावजूद खरीदार जगह और बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि बड़े घरों की मांग ज्यादातर बड़े शहरों में दिखाई दे रही है, हालांकि अलग-अलग शहरों में इसकी तीव्रता अलग है.
बड़े घरों की चाह से बढ़ रहा है बजट
बड़े घरों की बढ़ती मांग के साथ खरीदार अब ज्यादा कीमत वाले घरों को लेकर भी सहज हो रहे हैं. सर्वे के मुताबिक, 90 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये की कीमत वाले घर सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. 34 फीसदी लोगों ने इस बजट को चुना. वहीं, 27 फीसदी लोग 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घर खरीदना चाहते हैं.
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यह कम कीमत वाले घरों से जुड़ी पसंद में बदलाव दिखाता है. सर्वे के अनुसार, 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों की मांग पिछले कुछ वर्षों में काफी कम हुई है, जबकि ज्यादा कीमत वाले घरों की मांग बढ़ी है.
इससे पता चलता है कि ज्यादा पैसे खर्च करके बेहतर घर खरीदने का चलन अब केवल अमीर खरीदारों तक सीमित नहीं है. आम खरीदार भी ज्यादा जगह और बेहतर सुविधाओं के लिए अपना बजट बढ़ाने को तैयार हैं. हालांकि, बढ़ती कीमतों के कारण खरीदारों को अब ज्यादा सोचना पड़ रहा है.
करीब 65 फीसदी लोगों ने कहा कि वे संपत्ति की मौजूदा बढ़ती कीमतों को लेकर कम से कम कुछ हद तक चिंतित हैं. इनमें 40 फीसदी लोगों का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी लंबे समय तक जारी रह सकती है. फिर भी, इस चिंता के कारण बड़ी संख्या में लोग घर खरीदने का फैसला नहीं छोड़ रहे हैं. करीब 44 फीसदी लोगों ने कहा कि वे अपनी खरीदारी की योजना जारी रखेंगे. वहीं, 38 फीसदी लोग खरीदारी में थोड़ी देरी कर सकते हैं.
सिर्फ 18 फीसदी लोगों ने कहा कि वे घर खरीदने का फैसला अनिश्चित समय के लिए टाल सकते हैं या इसे पूरी तरह रद्द कर सकते हैं. जो लोग घर खरीदने में देरी कर रहे हैं या फैसला रद्द करने पर विचार कर रहे हैं, उनके लिए सबसे बड़ी समस्या बजट है. 44 फीसदी लोगों ने इसे मुख्य कारण बताया. वहीं, 32 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके बजट में घरों के विकल्प कम हैं.
घर खरीदने का फैसला छोड़ने के बजाय कुछ खरीदार अपनी योजना में बदलाव कर रहे हैं. करीब 31 फीसदी लोग खरीदने के बजाय किराये पर रहने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं, जबकि 20 फीसदी लोग शहर के बाहरी इलाकों में घर तलाश रहे हैं.
खरीदार चाहते हैं पैसे की पूरी कीमत
सर्वे से यह भी पता चलता है कि घरों की यह मांग मुख्य रूप से उन लोगों की है, जो खुद रहने के लिए घर खरीदना चाहते हैं. करीब 68 फीसदी लोगों ने कहा कि वे घर अपने रहने के लिए खरीद रहे हैं. वहीं, 32 फीसदी लोग निवेश के लिए घर खरीद रहे हैं.
इसके साथ ही खरीदार अब घर को निवेश के नजरिए से भी देख रहे हैं. कम से कम 77 फीसदी लोगों ने कहा कि किसी संपत्ति से मिलने वाला किराया उसके निवेश मूल्य को तय करने में महत्वपूर्ण या बहुत महत्वपूर्ण है. वहीं, 67 फीसदी लोगों के लिए भविष्य में संपत्ति को बेचने पर मिलने वाली कीमत भी महत्वपूर्ण है.
नए प्रोजेक्ट भी खरीदारों की पसंद
नए लॉन्च होने वाले प्रोजेक्ट भी खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं. करीब 34 फीसदी लोगों ने नए लॉन्च को पसंद किया, जबकि 18 फीसदी लोग तैयार घर खरीदना पसंद करते हैं. नए प्रोजेक्ट में घर खरीदने वाले लोगों के लिए बिल्डर की प्रतिष्ठा सबसे महत्वपूर्ण है. 34 फीसदी लोगों ने इसे सबसे अहम कारक बताया.
इसके बाद 21 फीसदी लोगों ने कीमत से मिलने वाले फायदे को प्राथमिकता दी. इसके अलावा लोकेशन और निर्माण की गुणवत्ता भी खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण हैं.
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निवेश के लिए रियल एस्टेट अब भी पहली पसंद
निवेश के मामले में भी रियल एस्टेट लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. सर्वे में 60 फीसदी लोगों ने रियल एस्टेट को अपना पसंदीदा निवेश विकल्प बताया. इसके बाद 20 फीसदी लोगों ने शेयर बाजार, 11 फीसदी ने सोना और 9 फीसदी लोगों ने फिक्स्ड डिपॉजिट को पसंद किया.
जैस्मिन आनंद