विजय माल्या का दावा- पूरा कर्ज चुका, बैंकों का जवाब- ₹8,752 Cr अब भी बाकी

विजय माल्या ने हाल ही में दावा किया था कि बैंकों ने उनके डिफॉल्ट से ज्यादा रकम वसूल कर ली है. अब SBI के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह ने कोर्ट में इस दावे पर अपना जवाब दिया है. बैंकों के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 तक माल्या से जुड़े मामले में करीब ₹8,752 करोड़ की रकम अभी भी बकाया है. वहीं, ED का कहना है कि संपत्तियों की रिकवरी होने से मनी लॉन्ड्रिंग की आपराधिक कार्यवाही अपने आप खत्म नहीं होती.

Advertisement
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह ने कोर्ट को बताया कि विजय माल्या पर अभी ₹8,752 करोड़ बकाया है. (File Photo) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह ने कोर्ट को बताया कि विजय माल्या पर अभी ₹8,752 करोड़ बकाया है. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • मुंबई,
  • 03 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

बैंकों ने अपना पूरा पैसा वसूल लिया है, बल्कि कर्ज से ज्यादा रकम रिकवर कर ली है. भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर कुछ इसी तरह का दावा किया था. उन्होंने यह टिप्पणी सुभाष चंद्रा से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए की थी. अब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह ने माल्या के इस दावे पर अपना जवाब दिया है.

Advertisement

बैंकों के मुताबिक, अगस्त 2026 तक विजय माल्या से करीब ₹8,752 करोड़ की वसूली अब भी बाकी है. यानी बैंकों का कहना है कि माल्या और उनकी कंपनियों से जुड़ी संपत्तियों से बड़ी रकम वसूलने के बावजूद उनका पूरा बकाया नहीं चुका है.

बैंकों ने हलफनामे में क्या बताया?

SBI के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह ने बॉम्बे हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया है कि विजय माल्या से कितनी रकम वसूल हो चुकी है और कितना बकाया है. बैंकों ने कहा कि कर्ज वसूली अधिकारी के जरिए करीब ₹10,270 करोड़ की अस्थायी वसूली हुई है. इसके अलावा, डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) में मामला दायर होने से पहले ₹544.58 करोड़ की रकम भी वसूली गई थी.

हालांकि, बैंकों के मुताबिक, सिर्फ वसूली गई रकम को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि पूरा कर्ज चुक गया है. जनवरी 2026 में बैंकों ने ₹8,135.63 करोड़ बकाया होने की जानकारी दी थी. बाद में ब्याज और अन्य रकम जुड़ने के कारण 31 अगस्त 2026 तक बकाया बढ़कर ₹8,751.86 करोड़ हो गया. इसमें कानूनी और दूसरे खर्च शामिल नहीं हैं.

Advertisement

विजय माल्या का क्या है दावा?

किंगफिशर एयरलाइंस के संस्थापक और यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजय माल्या ने 2020 में बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. उन्होंने दलील दी थी कि बैंकों ने उनकी संपत्तियों से मूल रूप से तय कर्ज से ज्यादा रकम वसूल कर ली है. इसलिए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही खत्म की जानी चाहिए. माल्या को जनवरी 2019 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था.

वह अपनी याचिका के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आपराधिक मामलों को बंद कराने की मांग कर रहे हैं. बैंकों ने अब कोर्ट में उनकी दलील का विरोध किया है. उनका कहना है कि माल्या की याचिका गलत आधार पर दाखिल की गई है. बैंकों ने यह भी बताया कि मामले से जुड़ी कुछ कुर्क की गई हिस्सेदारी अब तक बेची नहीं गई है.

पैसा लौटने से केस खत्म नहीं: ED

इस मामले में सिर्फ बैंकों और विजय माल्या के बीच कर्ज की वसूली का विवाद नहीं है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी कथित बैंक धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई कर रहे हैं.

ED ने बॉम्बे हाई कोर्ट में कहा है कि करीब ₹14,132 करोड़ की संपत्तियां SBI के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह को वापस दिलाई जा चुकी हैं. लेकिन संपत्तियों की बहाली या कर्ज की वसूली से मनी लॉन्ड्रिंग का आपराधिक मामला अपने आप खत्म नहीं हो जाता.

Advertisement

आसान भाषा में समझें तो कर्ज की रकम वापस मिलना और किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक आरोपों का फैसला होना दो अलग-अलग बातें हैं. बैंकों को पैसा वापस मिल जाने से यह अपने आप साबित नहीं होता कि कथित अपराध हुआ ही नहीं था. ED का कहना है कि आपराधिक मामले में आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया के तहत अलग से फैसला होना चाहिए.

अब 13 अक्टूबर को होगी सुनवाई

बैंकों के ताजा हलफनामे से साफ है कि वे विजय माल्या का पूरा बकाया चुक जाने की बात स्वीकार नहीं कर रहे हैं. वहीं, माल्या की दलील है कि बैंकों ने मूल कर्ज से ज्यादा रकम वसूल कर ली है. इस विवाद पर अंतिम फैसला अदालत को करना है. बॉम्बे हाई कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होनी है. अब नजर इस पर रहेगी कि कोर्ट बैंकों के ताजा जवाब और माल्या की याचिका पर क्या रुख अपनाता है. फिलहाल, न तो बकाया रकम को लेकर विवाद खत्म हुआ है और न ही आपराधिक कार्यवाही बंद हुई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »