500% टैरिफ लगाने की जिद से पीछे हटे ट्रंप, रूसी तेल खरीद पर बड़ा फैसला, भारत-चीन को राहत!

Russian Oil की खरीदारी करने वाले देशों को लेकर अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है. US सीनेट में पेश एक बिल में ऐसे देशों पर पहले प्रस्तावित अधिकतम 500% टैरिफ को घटाकर 100% करने का प्रस्ताव दिया गया है.

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अमेरिकी सीनेट में रूसी तेल खरीद को लेकर नया बिल पेश. (Photo: Reuters) अमेरिकी सीनेट में रूसी तेल खरीद को लेकर नया बिल पेश. (Photo: Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:48 AM IST

अमेरिका से एक बड़ी खबर आई है. ईरान से फिर तेज हुई जंग के बीच US सीनेट ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक को संशोधित किया है. इसके तहत रूसी तेल और गैस के खरीदारों पर प्रस्तावित टैरिफ में बड़ी कटौती (US Tariff Cut) की गई है. इस बदलाव से रूसी तेल के सबसे बड़े आयातकों पर दबाव कम हो सकता है, जो भारत और चीन हैं. 

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रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की ओर से रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक में बदलाव का ये प्रस्ताव भारत और चीन के लिए राहत भरा है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने मंगलवार को कानून का एक बिल पेश किया, जो रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर पहले के मसौदे के अनुसार प्रस्तावित अधिकतम 500% टैरिफ को घटाकर 100% कर देता है. संशोधित विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतिबंधों को माफ करने की शक्ति भी देता है, अगर उन्हें लगे कि ऐसा करना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है.

रूसी तेल के टॉप-5 खरीदारों पर लागू
अमेरिकी सीनेट में पेश किया गया ये संशोधित विधेयक भारत और चीन के साथ-साथ रूस से कच्चे तेल की खरीद करने वाले पांच टॉप खरीदारों पर लागू होगा. यह विधेयक, जिसे मूल रूप से दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पेश किया था, को दोनों दलों का समर्थन प्राप्त है.

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रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान में इस संशोधित विधेयक के 26 सह-प्रायोजक हैं और कांग्रेस में आगे बढ़ने के साथ-साथ और अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद है. रॉयटर्स के मुताबिक, इसके पारित होने की संभावना मूल प्रस्ताव की तुलना में ज्यादा है. 

पहले रूसी खरीदारों को दी थी ये धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की टैरिफ नीतियों से दुनिया में हलचल लगातार देखने को मिली है. 2026 की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद को लेकर एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी, जिसमें 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल था.

इसे 'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025' कहा गया था और इस बिल के तहत भारत और चीन समेत रूसी तेल के बड़े खरीदार देशों से आयातित सामानों पर हाई टैरिफ लगाए जाने की बात शामिल थी. हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने इस कदम को खासतौर पर यूक्रेन युद्ध के शांति समझौते पर बातचीत से इनकार करने वाली पुतिन सरकार पर सख्ती के लिए उठाया गया बताया गया था.

इसे लेकर 'दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF Davos 2026) में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा सीनेट के समक्ष रखे गए उस प्रस्ताव के बारे में कहा था कि हम देखेंगे कि यह पारित होता है या नहीं. अब इसमें संशोधन किया गया है.

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