भारतीयों से अमीर हुए इस देश के लोग, 2022 में कंगाल हो गया था ये मुल्‍क!

श्रीलंका के लोग अब भारतीयों से भी अमीर बन चुके हैं. वर्ल्‍ड बैंक की नई रैंकिंग में इसका खुलासा किया गया है और कहा गया है कि बेहतर इकोनॉमी रफ्तार और महंगाई के कम होने के कारण वापस श्रीलंका ने ये मुकाम हासिल किया है.

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साल 2022 में ऑस्‍ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच एक टेस्‍ट मैच के दौरान श्रीलंका की सरकार के खिलाफ स्‍टेडियम के बाहर लोगों का विरोध प्रदर्शन. (Photo: File/AP) साल 2022 में ऑस्‍ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच एक टेस्‍ट मैच के दौरान श्रीलंका की सरकार के खिलाफ स्‍टेडियम के बाहर लोगों का विरोध प्रदर्शन. (Photo: File/AP)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 05 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:29 PM IST

एक समय ऐसा था कि यह देश कंगाली के कगार पर आ चुका था. महंगाई इतनी ज्‍यादा बढ़ गई थी कि लोगों ने वहां के राष्‍ट्रपति भवन तक पर कब्‍जा कर लिया था... लेकिन अब इस देश ने शानदार कमबैक किया है. सालों की आर्थिक उथल-पुथल के बाद इस देश ने फिर से 'अपर मिडिल इनकम इकोनॉमी' का दर्जा हासिल कर लिया है. 

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हम बात कर रहे हैं श्रीलंका की, जो कुछ साल पहले खुद को दिवालिया घोषित कर चुका था. विदेशी कर्ज नहीं चुका पाने के कारण यह दिवालिया हो गया था. ऐसा इसलिए हुआ था, क्‍योंकि कोविड-19 के कारण पर्यटन प्रभावित हुआ. इस कारण यहां की इकोनॉमी में मंदी आ गई थी. महंगाई चरम पर पहुंच गई थी. लोगों में गुस्‍सा छा गया था, जिसके बाद जो हुआ, वो पूरी दुनिया देखा... अब इस देश ने फिर से पुराना दर्जा हासिल कर लिया है. 

दरअसल, देशों की इनकम पर वर्ल्ड बैंक ने ताजा आंकड़ा पेश किया है, जिसके मुताबिक, 2022 में आए गंभीर आर्थिक संकट के बाद श्रीलंका के लिए यह एक अहम उपलब्धि है. जबकि भारत 'लोअर-मिडल इनकम इकोनॉमी' में बना हुआ है. 

श्रीलंका के अलावा ये देश भी बने अमीर 
श्रीलंका का यह अपग्रेड वर्ल्‍ड बैंक की इनकम कैटेगरी में किए गए बड़े बदलावों का हिस्‍सा है. ये बदलाव 1 जुलाई 2026 से लागू हुए. 30 जून 2027 तक ये लागू रहेंगे. इस सालाना अपडेट में 218 इकोनॉमी को शामिल किया गया है. इनमें से छह देश इस साल ऊंची इनकम वाली कैटेगरी में रखा गया है. श्रीलंका के अलावा, वियतनाम, फिलीपींस, जॉर्डन और फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया 'लोअर-मिडल' से 'अपर-मिडल' इनकम वाली कैटेगरी में रखा यगा है. वहीं, मायोट 'अपर-मिडल' से 'हाई इनकम' वाली कैटेगरी में जा पहुंचे हैं.

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अचानक कैसे बदली श्रीलंका की किस्‍मत? 
वर्ल्‍ड बैंक के अनुसार, श्रीलंका का 'अपर मिडल इनकम' कैटेगरी में वास आना, उसकी अर्थिक संकट से उबरने के प्रॉसेस को दिखाता है. वहीं 2022 में यह देश सॉवरेन डेट डिफॉल्‍ट (सरकारी कर्ज नहीं दे पाना) की स्थिति में पहुंच गया था. देश ने 2025 में 5 फीसदी की वास्‍तविक GDP ग्रोथ दर्ज की, जबकि इसकी हर व्‍यक्ति एटलस ग्रॉस नेशनल इनकम (GNI) में 11.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.  

वर्ल्ड बैंक ने इस तेजी की वजह बेहतर आर्थिक गतिविधियों, कम महंगाई और एक्सचेंज रेट में स्थिरता को बताया है. इस कारण नई कैटेगरी में श्रीलंका की प्रति व्यक्ति आय 'अपर-मिडल इनकम' वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए तय सीमा से ऊपर पहुंच गई है. 

भारत क्‍यों है श्रीलंका से पीछे? 
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक होने के बावजूद भारत को अभी भी 'लोअर-मिडल इनकम इकोनॉमी' की कैटेगरी में रखा गया है. यह क्‍लासिफिकेशन इसलिए है क्‍योंकि वर्ल्‍ड बैंक कुल जीडीपी के बजाय 'प्रति व्‍यक्ति GNI' का यूज करता है. हालांकि, कुल साइज के मामले में भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से कए हैं. लेकिन इसकी आय 140 करोड़ से ज्‍यादा लोगों में बंटी है. ऐसे में प्रति व्‍यक्ति आय का एवरेज 'अपर मिडिल क्‍लास इनकम' की सीमा से नीचे है. 

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