अडानी ग्रुप और LIC के अधिकारी के बीच मुलाकात, क्या निवेशकों के लिए है खतरा?

LIC के अधिकारियों और अडानी ग्रुप के टॉप मैनजमेंट के बीच बैठक हुई है. अडानी ग्रुप के गिरते शेयरों की वजह से LIC को नुकसान हुआ था. हालांकि, अब स्थिति थोड़ी बदली है और समूह के शेयरों में तेजी दर्ज की गई है.

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अडानी ग्रुप में है LIC की है बड़ी हिस्सेदारी. अडानी ग्रुप में है LIC की है बड़ी हिस्सेदारी.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और अडानी ग्रुप के टॉप अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई है. LIC के चेयरमैन एमआर कुमार ने इस बात की जानकारी दी है. रविवार को नई दिल्ली में एक्चुअरीज के 22वें वैश्विक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी के अधिकारियों ने अडानी समूह के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की है. अडानी समूह की कंपनियों में एलआईसी ने बड़ा निवेश किया है. इस वजह से जब कंपनियों के शेयर टूट रहे थे, तो LIC विपक्ष के निशाने पर थी. 

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एमआर कुमार ने कहा कि मैं केवल इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि बातचीत विभाग से हुई है. लेकिन अभी आप कुछ भी नहीं कह सकते हैं. लेकिन हां, हमने एक बैठक की है और हम इस बैठक को लेकर काफी खुश हैं.' पिछले महीने अर्निंग कॉन्फ्रेंस में कहा था कि LIC का मैनजमेंट अडानी ग्रुप के प्रबंधन से मुलाकात कर कंपनियों के गिरते शेयरों को लेकर स्पष्टीकरण मांगेगा.

हिंडनबर्ग का आरोप

हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी को पब्लिश अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर शेल फर्मों के माध्यम से स्टॉक हेरफेर और धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. 24 जनवरी को प्रकाशित रिपोर्ट ने अडानी के शेयरों में भारी उथल-पुथल मचा दी. इस वजह ग्रुप की कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Mcap) में लगभग 60-70 प्रतिशत की गिरावट आ गई थी. हालांकि, अडानी ग्रुप ने इसे खारिज कर दिया था. 

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अडानी ग्रुप में LIC की हिस्सेदारी

LIC ने अडानी समूह की 10 लिस्टेड कंपनियों में से सात में निवेश किया है. अडानी ग्रीन एनर्जी में इसकी 1.28 फीसदी और अडानी पोर्ट्स में 9.14 फीसदी हिस्सेदारी है. पिछले एक महीने में अडानी पोर्ट्स के शेयरों में 25.36 फीसदी की तेजी आई है. शुक्रवार को अडानी पोर्ट्स के शेयर करीब 10 फीसदी बढ़कर 684.35 रुपये पर बंद हुए. जबकि अडानी ग्रीन एनर्जी का शेयर 5 फीसदी उछलकर 562 रुपये पर बंद हुए. 

शेयरधारकों को टेंशन लेने की जरूरत नहीं

बीटी टीवी के साथ बातचीत में कुमार ने कहा कि मैं शेयरधारकों और पॉलिसीधारकों को बताना चाहूंगा कि चिंता की कोई बात नहीं है. पॉलिसीधारकों, शेयरधारकों के लिए एक प्रतिशत भी जोखिम नहीं है. निवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. यह इतनी बड़ी बात नहीं है. उन्होंने कहा कि ये समुद्र में सिर्फ एक बूंद जैसा है. मुश्किल दौर से गुजर रहे अडानी ग्रुप में बीमा कंपनी का निवेश वैल्यू 9,000 करोड़ रुपये बढ़कर 39,068.34 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. 

सुप्रीम कोर्ट ने बनाई है समिति

हाल ही में शीर्ष अदालत ने अडानी-हिंडनबर्ग मामले पर अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड न्यायाधीश की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय समिति नियुक्त की है. सेबी के साथ, समिति इस बात की समानांतर जांच करेगी कि अडानी समूह या अन्य कंपनियों ने पूंजी बाजार के नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं. एक बड़े फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पूंजी बाजार को नियंत्रित करने वाले नियामक तंत्र की समीक्षा का आदेश दिया है.

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