कब तक फिर चीनी हो जाएगी सस्ती, ISMA ने दिए 20 बड़े अपडेट्स

Why Sugar Price Hike: हालिया कीमतों में बढ़ोतरी मुख्यतौर पर त्योहारी मांग, पैदावार में कमी, मौसम की मार, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और कुछ स्तरों पर जमाखोरी कारण हैं.

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ISMA का कहना है कि देश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है. (Photo: ITG) ISMA का कहना है कि देश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है. (Photo: ITG)

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST

पिछले कुछ हफ्तों में खुदरा और थोक बाजारों में चीनी के दामों में आई तेजी ने आम आदमी के मंथली खर्च पर सीधा असर डाला है. मिठाई से लेकर चाय की चुस्की महंगी हो गई है. बढ़ती कीमतों के बीच सरकार हरकत में आ गई है. 

दरअसल, सरकार का दावा है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है. इंडियन शुगर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) और सरकार के आंकड़ों के अनुसार घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. हालिया कीमतों में बढ़ोतरी मुख्यतौर पर त्योहारी मांग, पैदावार में कमी, मौसम की मार, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और कुछ स्तरों पर जमाखोरी कारण हैं. चीनी की कीमतों में आई ये तेजी अस्थाई है, यानी आने वाले दिनों में चीनी की कीमतें घटने की पूरी संभावना है.

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सरकार ने कीमतों को काबू में रखने के लिए 10 लाख टन शुल्क-मुक्त कच्चे चीनी के आयात की अनुमति दी है और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त स्टॉक सीमा तय की है. आने वाले दिनों में नए पेराई सत्र की शुरुआत और बाजार में नए स्टॉक के आते ही चीनी के दाम स्थिर होने की पूरी उम्मीद है, ताकि आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.

इस बीच ISMA ने चीनी को लेकर चल रहीं खबरों पर 20 अपडेट्स दिए हैं. 

1. पर्याप्त स्टॉक: भारत में चीनी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और देश में किसी भी प्रकार की ढांचागत (structural) कमी नहीं है.

2. अनुमानित शुद्ध उत्पादन: चीनी सत्र 2025–26 के लिए शुद्ध चीनी उत्पादन लगभग 279 लाख मीट्रिक टन (LMT) रहने का अनुमान है.

3. घरेलू खपत: देश में चीनी की वार्षिक घरेलू खपत 280 से 285 लाख मीट्रिक टन (LMT) के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है.

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4. क्लोजिंग स्टॉक: सत्र के अंत में क्लोजिंग स्टॉक लगभग 35 लाख मीट्रिक टन (LMT) रहने का अनुमान है, जिससे घरेलू आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी.

5. कीमतों में बढ़ोतरी के कारण: कीमतों में तेजी की मुख्य वजहों में अनुमान से थोड़ा कम उत्पादन, त्योहारी मांग, बाजार धारणा और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मजबूती शामिल हैं.

6. शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति: सरकार ने एहतियाती कदम और बाजार में विश्वास बनाए रखने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन शुल्क-मुक्त कच्चे चीनी के आयात की छूट दी है.

7. सख्त निगरानी व्यवस्था: सरकार द्वारा स्टॉकहोल्डिंग सीमा, भौतिक स्टॉक सत्यापन और जीएसटी जांच से जुड़े साप्ताहिक खुलासे जैसे नियम लागू किए गए हैं.

8. डीलर स्टॉक सीमा: वर्तमान में डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा तय है, ISMA ने इसे घटाकर 200 टन करने का सुझाव दिया है.

9. जमाखोरी और अवैध भंडारण: कुछ व्यापारियों द्वारा जमाखोरी और अग्रिम भंडारण करने से बाजार में चीनी की दिखावटी किल्लत की स्थिति बनी है.

10. पेराई सत्र में तेजी: ISMA और अन्य संबंधित पक्ष 2026–27 के पेराई सत्र को 10 से 15 दिन पहले शुरू करने पर काम कर रहे हैं.

11. विशेष पेराई शुरू: तमिलनाडु और कर्नाटक में विशेष पेराई का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है.

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12. अक्टूबर 2026 में अधिक उत्पादन: अक्टूबर 2026 में चीनी उत्पादन लगभग 10 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद है, जो सामान्यतः 4 लाख मीट्रिक टन रहता है.

13. मासिक रिलीज कोटा: मौजूदा स्टॉक और सुनियोजित मासिक रिलीज कोटा प्रणाली से खुले बाजार में चीनी की उपलब्धता लगातार बनी रहेगी.

14. एथेनॉल सम्मिश्रण का प्रभाव नहीं: ISMA के अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) चीनी की मौजूदा कीमतों में वृद्धि के लिए कतई जिम्मेदार नहीं है.

15. अनाज-आधारित एथेनॉल की हिस्सेदारी: सत्र 2025–26 में कुल एथेनॉल आपूर्ति में 75% हिस्सा अनाज-आधारित और केवल 25% हिस्सा चीनी-आधारित एथेनॉल का रहने का अनुमान है.

16. 20% ब्लेंडिंग का स्तर: कुल एथेनॉल आपूर्ति लगभग 1,197 करोड़ लीटर रहने का अनुमान है, जिसके साथ ब्लेंडिंग दर 20% तक पहुंच रही है.

17. किसानों के बकाये का भुगतान: एथेनॉल कार्यक्रम से मिलों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है. 20 अगस्त 2026 तक 2025–26 सत्र के लगभग 97% गन्ना बकाये का भुगतान किया जा चुका है.

18. वैश्विक कीमतों में उछाल: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीनी की कीमतें 30 जून के 474 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 20 अगस्त 2026 को 552 डॉलर प्रति टन हो गईं, यानी 16% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. 

19. 2016–17 से बेहतर स्थिति: 2016–17 में मांग (245–250 LMT) के मुकाबले उत्पादन केवल 203 LMT था, जबकि वर्तमान स्थिति पूरी तरह संतुलित और सुरक्षित है.

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20. कीमतों में बढ़ोतरी अस्थाई: हाल ही में चीनी की कीमतों में आई तेजी केवल अस्थाई है और यह किसी बुनियादी कमी के कारण नहीं है.

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