भारत और ब्रिटेन के लिए बुधवार का दिन बड़ा है, क्योंकि दोनों देशों फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-UK FTA) 15 जुलाई से प्रभावी होने जा रहा है. ये व्यापार समझौता भारत के लिए बेहद खास है, क्योंकि इससे देश के करीब 99% निर्यात को ब्रिटेन जैसे बड़े बाजार में ड्यूटी-फ्री यानी जीरो टैरिफ (Zero Tariff) एंट्री मिलेगी. इसके साथ ही ये एफटीए दोनों देशों की इकोनॉमी के लिए भी बूस्टर का काम करेगा. आइए जानते हैं इससे भारत को होने वाले 5 बड़े फायदे क्या हैं?
India-UK इकोनॉमी को बूस्ट
जहां एक ओर दुनिया मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-ईरान जंग में उलझी हुई है, तो वहीं भारत-ब्रिटेन के बीच बड़ी डील लागू हो रही है. India-UK Deal को लेकर दोनों देशों की सरकारों का मानना है कि इससे इकोनॉमी पर बड़ा असर होगा.
जहां एक ओर ब्रिटिश सरकार इसे भारत के साथ किया गया सबसे बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट बताती है और उसका मानना है कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से ब्रिटिश अर्थव्यवस्था (UK Economy) में 4.8 अरब पाउंड का इजाफा होगा और वास्तविक वेतन में 2.2 अरब पाउंड की वृद्धि देखने को मिलेगी. तो वहीं दूसरी ओर भारत सरकार का कहना है कि इस डील से भारतीय निर्यात को जोरदार बढ़ावा मिलेगा. यानी ये FTA दोनों देशों की इकोनॉमी के लिए एक बूस्टर साबित होने वाला है.
भारत को FTA से क्या-क्या फायदे?
ब्रिटेन के साथ भारत का ये फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कई मायनों में भारतीय निर्यात और भारतीय कामगारों के लिए फायदे का सौदा साबित होने वाला है. ब्रिटेन से आनी वाली स्कॉच-व्हिस्की से लेकर सुपर लग्जरी कारें सस्ती होंगी, तो भारत को एक बड़ा बाजार मिलने वाला है.
पहला फायदा: भारत में UK की चीजें सस्ती
विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade) द्वारा भारत-ब्रिटेन एफटीए को लेकर जारी किए गए एक नोटिफिकेशन को देखें, तो UK-India FTA लागू होने पर भारत में ब्रिटिश स्कॉच-व्हिस्की पर लागू 150% टैरिफ कई किस्तों में कट करके 40% लाया जाएगा. यानी इसकी कीमत में 110% की कमी आएगी. इसके अलावा ऑटोमोबाइल टैरिफ 100% से घटाकर सिर्फ 10% कर दिया जाएगा. इससे लैंड रोवर, जुगआर, Rolls Royce और एस्टन मार्टिन, डिफेंडर जैसी कारें सस्ती कीमतों पर मिल सकेंगी. ब्रिटिश ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर 22% टैरिफ कम या खत्म होगा.
दूसरा फायदा: भारत का 99% सामान ड्यूटी फ्री
भारत-UK एफटीए भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिल सकेगी. इनमें कपड़े, जूते और कुछ फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं. टेक्सटाइल गारमेंट पर यूके में 12% की ड्यूटी लगती है. केमिकल्स पर 8 फीसदी, बेस मेटल्स पर 10 फीसदी की ड्यूटी लगती है, लेकिन अब इस डील से 99 फीसदी वस्तुएं यूके में '0%' के तहत आएंगी.
तीसरा फायदा: निर्यात के साथ रोजगार के अवसर
भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का अगला बढ़ा फायदा रोजगार पर देखने को मिलेगा. दरअसल, ब्रिटिश बाजार में भारत के निर्यात पर जीरो या कम टैरिफ पर एंट्री से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. इससे श्रम-प्रधान उद्योगों में उत्पादन बढ़ेगा. खासतौर पर कपड़ा, चमड़ा, फूड प्रोसेसिंग और MSMEs सेक्टर में लाखों नए रोजगार बनेंगे.
चौथा फायदा: पेशेवरों को नेशनल इंश्योरेंस छूट
भारत-ब्रिटेन के बीच हुए इस समझौते से ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को भी बड़ा फायदा मिलेगा. दरअसल, FTA में 'डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन' (DCC) के तहत ब्रिटेन में कार्यरक भारतीयों को नेशनल इंश्योरेंस में छूट प्रस्तावित है. बीते दिनों केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया था कि यूके में भारतीय पेशेवरों के वेतन का करीब 25% हिस्सा ब्रिटेन सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना में जाता था, लेकिन अब यह पैसा भारत में उनके भविष्य निधि खाते (PF Account) में जमा होगी, जिस पर 8.25% सालाना ब्याज मिलेगा. यह पूरा पैसा टैक्स फ्री होगा.
पांचवां फायदा: निवेश को मिलेगा बढ़ावा
FTA के लागू होने से जहां भारत और ब्रिटेन दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, तो वहीं निवेश में उछाल आने की भी उम्मीद है. UK की कंपनियां भारत में अधिक निवेश कर सकती हैं, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा भारतीय आईटी कंपनियों, इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स समेत अन्य प्रोफेशनल्स के लिए ब्रिटेन में मौके बढ़ेंगे.
दीपक चतुर्वेदी