पीछे हटने का सवाल ही नहीं... फॉक्सकॉन का आया बयान, भारत में अकेले लगाएंगे प्लांट

Vedanta के साथ अपने ज्वाइंट वेंचर को खत्म करने का ऐलान करने के एक दिन बाद मंगलवार को ताइवानी कंपनी Foxconn ने कहा कि वह भारत सरकार की ओर से अपनी सेमीकंडक्टर विनिर्माण नीति के तहत दिए जाने वाले प्रोत्साहन (PLI स्कीम) के लिए आवेदन करने की योजना बना रही है.

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सोमवार को वेदांता के साथ डील खत्म करने का किया था ऐलान सोमवार को वेदांता के साथ डील खत्म करने का किया था ऐलान

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 6:49 PM IST

ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) ने सोमवार को वेदांता (Vedanta) से डील तोड़ने का ऐलान किया था. जिसे भारत के लिए एक झटके के तौर पर देखा जा रहा था. लेकिन एक दिन बाद ही मंगलवार को कंपनी ने भारत को लेकर अपना रूख साफ कर दिया है. फॉक्सकॉन का कहना है कि वो भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई (Semiconductor Plant) लगाने के लिए अलग से आवेदन करेगी. यानी उन्हें भले ही वेदांता से करार तोड़ा है. लेकिन भारत में प्लांट लगाने को लेकर अपना फैसला नहीं बदला है. 

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पीएलआई के लिए आवेदन की तैयारी
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक कंपनी ने बयान में कहा कि वह सेमीकंडक्टर के संशोधित कार्यक्रम और डिस्प्ले फैब पारिस्थितिकी तंत्र के लिए आवेदन करने की योजना पर काम कर रही है. ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन ने मंगलवार को कहा कि वह भारत सरकार की ओर से अपनी सेमीकंडक्टर विनिर्माण नीति के तहत दिए जाने वाले प्रोत्साहन (PLI स्कीम) के लिए आवेदन करने की योजना बना रही है. 

फॉक्सकॉन को नए पार्टनर की तलाश 
दुनिया की सबसे बड़ी चिप मेकर कंपनी Foxconn ने कहा कि वह भारत में नए पार्टनर की तलाश के लिए समीक्षा कर रही है. कंपनी की ओर से कहा गया कि भारत सरकार के सेमीकंडक्‍टर एंड डिस्‍प्‍ले फैब इकोसिस्‍टम के तहत फाइनेंशियल इंसेटिव का फायदा मिलेगा, जिससे प्रोजेक्‍ट लगाने के लिए 50 फीसदी पूंजी की सहायता मिल जाएगी. फॉक्सकॉन के मुताबिक, कंपनी भारत को छोड़कर नहीं जा रही. हमने 2006 में भारत में एंट्री की थी और तब से यहीं पर हैं. हम भारत के लिए प्रतिबद्ध हैं और सरकार की योजना के साथ मिलकर जल्‍द देश में सेमीकंडक्‍टर यूनिट पर निर्माण शुरू कर देंगे.

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गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मार्च 2020 में पीएलआई स्कीम की शुरुआत की थी. बता दें सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI Scheme) के तहत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 6 साल में इस प्रोजेक्ट पर 76,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके तहत 2.3 लाख करोड़ रुपये की प्रोत्साहन रकम दी जाएगी. इसके उद्देश्यों की बात करें तो स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और आयात बिलों में कटौती करना शामिल है. PLI Scheme के तहत घरेलू इकाइयों में निर्मित उत्पादों की बिक्री में वृद्धि पर कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाता है. 

कल किया था वेदांता से डील तोड़ने का ऐलान
गौरतलब है कि 10 जुलाई सोमवार को यानी एक दिन पहले ही Foxconn ने भारतीय अरबपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) के साथ 19.5 अरब डॉलर के ज्‍वाइंट वेंचर को खत्‍म करने का ऐलान किया था और अब आज कंपनी की ओर से भारत में अकेले सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की घोषणा कर दी है.

कंपनी के बयान के मुताबिक, अब Foxconn पीएलआई स्कीम के तहत चिप बनाने का काम शुरू करेगी. कंपनी का कहना है कि वह इसके लिए पार्टनर्स तलाश कर रही है. इसमें भारतीय और विदेशी कंपनियां दोनों ही शामिल हो सकती हैं. जो विदेशी कंपनियां भारत में काम करने की इच्‍छुक हैं, उनका स्‍वागत है.

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बिना कारण बताए ही तोड़ दी थी डील
Foxconn ने सोमवार को कहा कि वह वेदांता लिमिटेड के साथ एक संयुक्त उद्यम से बाहर निकल रही है, जिसे भारत से सेमीकंडक्टर बनाने के लिए स्थापित किया गया था. इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता ने इस डील को बिना कोई कारण बताए ही तोड़ दिया है. कंपनी की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि फॉक्सकॉन ने तय किया है कि वह वेदांता के साथ ज्वाइंट वेंचर पर किया गया समझौता आगे नहीं बढ़ेगा.

वेदांता के साथ डील कैंसिल होने से अनिल अग्रवाल के प्लान को लगा है. हालांकि, कंपनी ने इसे एक अच्छा अनुभव बताते हुए कहा कि फॉक्सकॉन भारत के सेमीकंडक्टर विकास की दिशा को लेकर आशान्वित है. हम सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल का मजबूती से समर्थन करते रहेंगे.

डील टूटने पर IT मंत्री ने किया था ट्वीट
सेमीकंडक्टर बनाने को लेकर वेदांता के साथ ज्वाइंट वेंचर से बाहर निकलने के फॉक्सकॉन के ऐलान के बाद इस मामले आईटी मंत्री की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया आई थी. IT Minister राजीव चंद्रशेखर ने एक ट्वीट कर कहा कि वेदांता के साथ अपने JV से हटने के फॉक्सकॉन के इस निर्णय का भारत के सेमीकंडक्टर फैब लक्ष्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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इस डील के खत्म होने पर अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड की ओऱ से भी एक बयान जारी कर टिप्पणी की गई थी. वेदांता के मुताबिक, वह सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के लिए प्रतिबद्ध है और भारत के पहले सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के लिए अन्य पार्टनर्स भी ढूंढ़े हैं. कंपनी ने जल्द प्रोडक्शन ग्रेड 28nm का लाइसेंस मिलने का विश्वास जताया है.


 

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