US Vs Iran: ईरान के तेल पर ट्रंप का ट्रिपल अटैक, अब कैसे बचेगा? इकोनॉमी हो जाएगी क्रैश

Donald Trump के ट्रिपल अटैक ने तेल आधारित ईरानी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है. होर्मुज पर अमेरिकी नाकाबंदी की वजह से ईरान के लिए मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं और उसके पास महज कुछ हफ्तों का तेल रिजर्व बचा है.

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ट्रंप के ट्रिपल अटैक से कराह रहा ईरान. (Photo: Reuters) ट्रंप के ट्रिपल अटैक से कराह रहा ईरान. (Photo: Reuters)

दीपक चतुर्वेदी

  • नई दिल्ली,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:09 PM IST

मिडिल ईस्ट जंग में भले ही सीजफायर चल रहा है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है. दूसरी ओर होर्मुज को लेकर टेंशन चरम पर बनी हुई है. हालांकि, Iran War से अमेरिका में महंगाई की मार देखने को मिली है, लेकिन ईरान के लिए संकट और भी बढ़ा होता जा रहा है. 

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल पर ट्रिपल अटैक किया है, जिससे बचना ईरान के लिए आसान नहीं लग रहा और उसकी तेल पर आधारिक इकोनॉमी क्रैश (Iran Economy Crash) होने का खतरा बढ़ता जा रहा है. हालात ये हैं कि ईरान के पास अब सिर्फ 22 दिन का तेल रिजर्व बचा है, जबकि उसके पास मौजूद तेल भंडारण की जगह भी खत्म होती जा रही हैं. 

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पहला अटैक: तेल स्टोरेज साइट खत्म  
अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे युद्ध (US-Israel War With Iran) के बीच ईरान तेल भंडारण के गंभीर संकट की ओर बढ़ रहा है. इसकी वजह है कि ट्रंप के आदेश से ईरानी नियंत्रण वाले होर्मुज स्ट्रेट के पास बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी (US Hormuz Blockade) जारी है. इसके चलते ईरान के कच्चे तेल का निर्यात रुका हुआ है. तेल सप्लाई ठप होने और उसकी तेल साइट्स से लगातार प्रवाह जारी रहने से भंडारण टैंक और तैरते हुए भंडार तेजी से भर रहे हैं. मतलब ईरान के पास तेल रिजर्व के लिए जगह खत्म होती जा रही है और ईरान को अपने तेल उत्पादन में कटौती करनी पड़ सकती है. 

विश्लेषकों का कहना है कि इससे आने वाले हफ्तों में उत्पादन में और अधिक कटौती करनी पड़ सकती है, जिससे संभवतः उसके तेल कुएं बंद हो जाएंगे और लॉन्गटर्म उत्पादन क्षमता बाधित होगी, क्योंकि अमेरिकी नाकाबंदी के बीच अतिरिक्त कच्चे तेल को कहीं और ले जाने का कोई रास्ता उसके पास नहीं होगा.

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दूसरा अटैक: ईरानी तेल टैंकरी की जब्ती
अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के चलते अमेरिका लगातार ईरानी तेल से लदे जहाजों को जब्त करने की कार्रवाई कर रहा है. बीते कुछ दिनों में अमेरिकी सैनिकों ने Hormuz Blockade का उल्लंघन कर निकलने वाले कई ईरानी जहाजों को पकड़कर अपने कब्जे में लिया है, जिनमें लाखों बैरल कच्चा तेल भरा है. ईरान की ओर से अमेरिकी कार्रवाई पर नाराजगी भी जताई और इसकी तुलना समुद्री लुटेरों तक से कर दी. हालांकि, अमेरिका की ओर से साफ किया गया कि यह कार्रवाई अवैध तेल नेटवर्क को खत्म करने का हिस्सा है और आगे भी ऐसे एक्शन होते रहेंगे. 

तीसरा अटैक: खत्म हो रहा ईरानी तेल रिजर्व 
Donald Trump Triple Attack में तीसरा ये है कि ईरान का तेल रिजर्व सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही सक्षम रह गया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट देखें, तो ईरान का बिना इस्तेमाल वाला तेल स्टोरेज 12 से 22 दिन के लिए रह गया है और ये ईरान के लिए बड़ा संकट माना जा सकता है.  रिसर्च फर्म केप्लर के आंकड़ों का हवाला देते हुए इसमें बताया गया कि ईरान में क्रूड ऑयल स्टोर करने की साइट्स खत्म होने से प्रोडक्शन में कटौती का खतरा गहरा गया है. ऐसे में अमेरिका के साथ उसका तनाव बढ़ता है, तो फिर स्थिति खराब होती जाएगी. Iran मई के बीच तक रोजाना के क्रूड ऑयल प्रोडक्शन 1.5 मिलियन बैरल और कटौती करने के लिए मजबूर हो सकता है.

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केप्लर के मुताबिक, टैंकरों पर ईरानी कच्चे तेल की लोडिंग में भारी गिरावट आई है. 1 अप्रैल से 13 अप्रैल के बीच ईरानी कच्चे तेल और कंडेनसेट की लोडिंग औसतन 2.1 मिलियन बैरल प्रति दिन रही. अमेरिकी नाकाबंदी के बाद से सिर्फ 5 कार्गो ही देखे गए हैं, जिससे 14 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच औसत घटकर 567,000 बैरल प्रति दिन हो गया है.

US के मंत्री बोले- बंद हो जाएगा तेल उत्पादन
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान का तेल उत्पादन जल्द ही बंद हो जाएगा और इसके पीछे अमेरिकी नाकाबंदी वजह है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट में कहा कि बचे हुए IRGC नेता सीवेज पाइप में डूबते चूहों की तरह फंसे हुए हैं, ईरान का लड़खड़ाता तेल उद्योग बंद होने की कगार पर है. 

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