ऑटो पार्ट्स और अन्य हार्डवेयर उपकरण बनाने वाली बनाने वाली कंपनी बॉश लिमिटेड (Bosch Limited) ने अपने शेयरधारकों को एक साथ दो बड़े तोहफे दिए हैं. कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) और बोनस शेयर (Bonus Shares) जारी करने का ऐलान किया है. दोनों को मिलाकर कंपनी का मौजूदा हर 1 शेयर बढ़कर 20 शेयर हो जाएगा. बॉश ने करीब 22 साल बाद स्टॉक स्प्लिट का फैसला किया है.
हालांकि, इस बड़ी घोषणा के बावजूद शुक्रवार को कंपनी का शेयर गिरावट के साथ बंद हुआ. बीएसई पर 6 नवंबर को बॉश का शेयर 3.21% गिरकर ₹50,765 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान शेयर ने ₹52,650 का नया 52 हफ्ते का हाई भी बनाया था, लेकिन बाद में इसमें बिकवाली देखने को मिली.
पहले 1 शेयर के होंगे 5, फिर मिलेंगे 15 बोनस शेयर
कंपनी के बोर्ड ने 1:5 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी दी है. इसका मतलब है कि ₹10 फेस वैल्यू वाला हर 1 शेयर टूटकर ₹2 फेस वैल्यू के 5 शेयरों में बदल जाएगा. इसके अलावा कंपनी ने 3:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का ऐलान किया है. यानी शेयरधारकों को हर 1 शेयर पर 3 अतिरिक्त शेयर मिलेंगे. इसे एक उदाहरण से समझिए. अगर आपके पास बॉश के 10 शेयर हैं, तो स्टॉक स्प्लिट के बाद ये 50 शेयर हो जाएंगे. इसके बाद इन 50 शेयरों पर 150 बोनस शेयर मिलेंगे. इस तरह आपके पास कुल 200 शेयर हो जाएंगे.
कंपनी 22 साल बाद स्प्लिट करेगी स्टॉक
बॉश ने इससे पहले साल 2004 में अपने शेयरों का स्टॉक स्प्लिट किया था. उस समय कंपनी ने ₹100 फेस वैल्यू वाले 1 शेयर को ₹10 फेस वैल्यू के 10 शेयरों में बांटा था. अब कंपनी ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयर को ₹2 फेस वैल्यू के 5 शेयरों में बांटने जा रही है. इस तरह करीब 22 साल बाद कंपनी ने दोबारा स्टॉक स्प्लिट का फैसला किया है.
बॉश कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी
बॉश ने जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे भी जारी किए हैं. इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹839.4 करोड़ रहा. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹708 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था. हालांकि, इस बार के मुनाफे में करीब ₹130 करोड़ का एकमुश्त फायदा भी शामिल है. अगर इस रकम को हटा दें, तो कंपनी का मुनाफा करीब ₹709.4 करोड़ रह जाता है. कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. जुलाई-सितंबर तिमाही में बॉश का रेवेन्यू सालाना आधार पर 28.2% बढ़कर ₹7,655 करोड़ पहुंच गया. पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹5,969 करोड़ था. वहीं, कंपनी का EBITDA भी बढ़कर ₹1,037 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹842 करोड़ था. हालांकि, EBITDA मार्जिन में हल्की गिरावट आई. यह पिछले साल के 14% से घटकर 13.5% रह गया.
52 हफ्ते का हाई बनाने के बाद गिरा शेयर
बॉश के शेयर में शुक्रवार को शुरुआत में तेजी दिखी. गुरुवार को ₹52,450 पर बंद हुआ शेयर शुक्रवार को ₹52,540 पर खुला. कारोबार के दौरान यह ₹52,650 तक पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्ते का नया हाई है. हालांकि, ऊपरी स्तर पर बिकवाली के चलते शेयर नीचे आ गया. दिन के कारोबार में इसने ₹50,321.20 का निचला स्तर छुआ और आखिर में 3.21% गिरकर ₹50,765 पर बंद हुआ. शुक्रवार की गिरावट से पहले शेयर में अच्छी तेजी रही थी. पिछले दो सप्ताह में इसमें करीब 15% की बढ़ोतरी हुई. वहीं, छह महीने में शेयर ने 38.44% और इस साल अब तक 40.45% रिटर्न दिया है. शेयर का 52 हफ्ते का निचला स्तर ₹28,650.05 है.
निवेशकों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?
स्टॉक स्प्लिट और बोनस के बाद शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, लेकिन इससे निवेश की कुल वैल्यू अपने आप नहीं बढ़ती. स्टॉक स्प्लिट में शेयर की फेस वैल्यू घटती है और बोनस के बाद शेयरों की संख्या बढ़ती है. इसके हिसाब से शेयर की कीमत में भी एडजस्टमेंट होता है. फिलहाल कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट और बोनस का ऐलान किया है. इनके लिए रिकॉर्ड डेट और लागू होने की तारीख की जानकारी का इंतजार है. निवेशकों को इन तारीखों और कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर नजर रखनी चाहिए.
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के लिए है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें.
आजतक बिजनेस डेस्क