मनीष कश्यप कल जेल से होगा रिहा, कभी आंसू तो कभी आक्रोश... सलाखों के पीछे ऐसे रहे यूट्यूबर के 9 महीने

पटना हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप की कल रिहाई होगी. मनीष को बिहार की बेऊर जेल में रखा गया है. मनीष पर कानूनी शिकंजा तब कसा था, जब तमिलनाडु में बिहार के लोगों के खिलाफ हिंसा को लेकर एक वीडियो सामने आया

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यूट्यूबर मनीष कश्यप. (फाइल फोटो) यूट्यूबर मनीष कश्यप. (फाइल फोटो)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 22 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

पटना हाईकोर्ट (Patna highcourt) से राहत मिलने के बाद बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप (YouTuber Manish Kashyap) की कल यानी कि 23 दिसंबर को रिहाई होगी. मनीष को बिहार की बेऊर जेल में रखा गया है. 9 महीने बाद वो जेल से रिहा होने जा रहा है. पहले उसे तमिलनाडु ले जाया जाना था. मगर, पटना सिविल कोर्ट के फैसले के बाद बिहार में ही रखा गया.

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मनीष पर कानूनी शिकंजा तब कसा था, जब तमिलनाडु में बिहार के लोगों के खिलाफ हिंसा को लेकर एक वीडियो सामने आया. आरोप था कि ये वीडियो मनीष ने फर्जी तरीके से अपने यूट्यूब चैनल पर दिखाया. तमिलनाडु पुलिस ने वीडियो को गलत बताते हुए एफआईआर दर्ज की. तमिलनाडु सरकार ने मनीष पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की थी.

कुर्की-जब्ती के बाद मनीष ने सरेंडर कर दिया था

इस पर मनीष ने राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. तब तमिलनाडु सरकार ने एनएसए हटाए जाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट में दलीलें दी थीं. हालांकि, मनीष को राहत मिल गई थी. वहीं, उस पर बिहार के बेतिया जिले में करीब 7 मामले दर्ज हैं.

इसमें भाजपा विधायक के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के अलावा बैंक मैनेजर से मारपीट का भी आरोप है. इस मामले में कुर्की-जब्ती के बाद मनीष ने थाने में सरेंडर कर दिया था. तभी से मनीष को जेल में रखा गया.

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तमिलनाडु में मनीष के खिलाफ 6 मामले दर्ज हुए थे

इसी साल अगस्त महीने में पटना सिविल कोर्ट ने मनीष को बड़ी राहत दी थी. कोर्ट ने मनीष को तमिलनाडु जेल वापस नहीं ले जाने का आदेश दिया था. तब वकील शिवनंदन भारती ने बताया था कि तमिलनाडु में मनीष के खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज हुए थे, जिस पर उन्हें डिफॉल्ट बेल मिली थी.

आर्थिक अपराध इकाई ने 4 मामले दर्ज किए थे

सिविल कोर्ट के फैसले के बाद मनीष को तमिलनाडु जेल में नहीं जाना पड़ा. उसको पटना की ही बेऊर जेल में रखा गया. यहां कई मामलों में सुनवाई के दौरान पेशी होनी थी. वहीं तमिलनाडु में दर्ज मामलों में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई.

'रोना नहीं, रोना नहीं' की गुहार लगाते दिखे थे समर्थक

पटना सिविल कोर्ट के फैसले के बाद मनीष के समर्थकों में गजू की खुशी देखने को मिली थी. हालांकि, जब मनीष कोर्ट परिसर से बाहर आए तो वो रोते हुए दिखे थे, जबकि समर्थक फूल बरसा रहे थे. इस दौरान मनीष के समर्थक 'रोना नहीं, रोना नहीं' की गुहार भी लगाते दिखे थे.

'मैं फौजी का बेटा हूं, चारा चोर नहीं'

वहीं, सितंबर महीने में पटना कोर्ट में पेशी के दौरान यूट्यूबर का गुस्सा भी देखने को मिला था. गुस्से में लालू परिवार पर भड़ास निकाली थी. मनीष ने कहा था ''6 महीने से चुप था, लेकिन अब तो हद हो गई है. मुझे गंजेड़ी, नशेड़ी के बीच में बैठाया जाता है. वो लोग मेरे मुंह पर फूंकते हैं. मेरा सिर दर्द होने लगता है लेकिन ये लोग (पुलिस) कुछ नहीं करते हैं.

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मनीष ने कहा था कि एक दिन हम सरकार बनाएंगे और बताएंगे कैसे सरकार चलती है. मुझे झुकाने का प्रयास किया गया है लेकिन मैं फौजी का बेटा हूं, चारा चोर नहीं. इन लोगों के आगे झुकूंगा नहीं. यह हथकड़ी ईमानदार आदमी के हाथ लगी है. मेरे दादा चीन से युद्ध में लड़े, मेरे पिता पाकिस्तान से युद्ध में लड़े थे.

बताते चलें कि आर्थिक अपराध इकाई ने मनीष के खिलाफ 4 मामले दर्ज किए थे. इनमें से 2 मामलों में पटना सिविल कोर्ट में अगस्त महीने में मनीष कश्यप की पेशी हुई थी. पहला मामला तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो वायरल करने का था तो दूसरा मामला अपमानजनक शब्द बोलने का था, जिसका वीडियो वायरल हुआ था.

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