पांच साल पहले दो बहनें एक साथ पढ़ाई के लिए घर से निकली थीं. परिवार को उम्मीद थी कि दोनों पढ़-लिखकर अपना करियर बनाएंगी. समय के साथ एक ने बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल कर ली. इसी दौरान दोनों के बीच का रिश्ता भी गहरा होता गया. अब बिहार के जमुई जिले में इन दोनों की शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि परिजनों के अनुसार विवाह से पहले एक युवती ने जेंडर परिवर्तन कराकर अपना नाम राखी से राहुल रख लिया और फिर मंदिर में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली.
मामला बिहार के जमुई जिले का है. जानकारी के अनुसार बीपीएससी शिक्षिका नयनश्री ने अपनी रिश्ते की बहन राखी कुमारी से शादी कर ली. बताया जा रहा है कि शादी से पहले राखी ने अपना जेंडर परिवर्तन कराया और उसके बाद राहुल नाम अपना लिया. परिजनों के अनुसार नयनश्री और राहुल (पूर्व में राखी) दोनों की उम्र 22 वर्ष है. दोनों रिश्ते में फुफेरी और ममेरी बहनें बताई जा रही हैं. शादी के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया. बताया जा रहा है कि दोनों ने लक्ष्मीपुर स्थित पटेश्वर नाथ मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह किया. विवाह के दौरान सात फेरे लिए गए और सिंदूरदान की रस्म भी निभाई गई.
बचपन से एक-दूसरे को जानते थे दोनों
लक्ष्मीपुर वार्ड निवासी राजेश कुमार के अनुसार राहुल पूर्व में राखी कुमारी के नाम से जानी जाती थी. नयनश्री और राखी बचपन से एक-दूसरे को जानते थे. उन्होंने बताया कि नयनश्री की चाची और राखी के पिता भाई-बहन हैं. इसी कारण दोनों परिवारों के बीच लगातार आना-जाना था. दोनों लड़कियां अक्सर एक-दूसरे के घर जाती थीं और बचपन से साथ समय बिताती थीं. परिवारों के बीच नजदीकी होने की वजह से दोनों का संपर्क लगातार बना रहा. बचपन से लेकर किशोरावस्था तक दोनों का रिश्ता सामान्य पारिवारिक रिश्तों की तरह ही देखा जाता रहा.
2019 में साथ पास की मैट्रिक परीक्षा
जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में दोनों ने एक साथ मैट्रिक की परीक्षा पास की थी. इसके बाद दोनों ने आगे की पढ़ाई जारी रखी. बताया जाता है कि इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान भी दोनों का संपर्क बना रहा. पढ़ाई के लिए दोनों ने कोचिंग भी की. इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं. राजेश कुमार के अनुसार यहीं से दोनों के बीच प्रेम संबंध की शुरुआत हुई. बताया जा रहा है कि यह रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया और आने वाले वर्षों में दोनों लगातार संपर्क में रहीं. वर्ष 2023 में दोनों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का फैसला किया. जानकारी के अनुसार दोनों बीपीएससी की तैयारी करना चाहती थीं और इसके लिए पटना में रहकर पढ़ाई करना चाहती थीं. परिवारों के बीच अच्छे संबंध होने की वजह से दोनों को एक साथ पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया गया. वहां रहकर दोनों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. परिजनों के अनुसार उस समय किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि दोनों के बीच प्रेम संबंध चल रहा है. परिवारों को यही जानकारी थी कि दोनों पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दे रही हैं.
नयनश्री का बीपीएससी में चयन
बताया जा रहा है कि वर्ष 2025 में नयनश्री ने बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर ली. इसके बाद TRE-3 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत उसका चयन हुआ. चयन के बाद नयनश्री ने शिक्षक के रूप में योगदान देना शुरू किया. वर्तमान में वह लक्ष्मीपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मेदनीपुर में कार्यरत बताई जा रही हैं. परिवार और रिश्तेदार नयनश्री की इस सफलता से खुश थे. इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध भी जारी रहा. राजेश कुमार के अनुसार नयनश्री और राखी के बीच करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध था. बताया जाता है कि दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने का फैसला किया था. इसी दौरान विवाह को लेकर भी चर्चा शुरू हुई. परिजनों का दावा है कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थीं, लेकिन परिवार के अधिकांश लोगों को इस संबंध की जानकारी नहीं थी.
छह महीने पहले कराया जेंडर परिवर्तन
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा जेंडर परिवर्तन को लेकर हो रही है. राजेश कुमार के अनुसार राखी कुमारी ने करीब छह महीने पहले अपना जेंडर परिवर्तन कराया था. बताया जा रहा है कि इसके लिए दिल्ली के एम्स में चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई गई. परिवार को इसकी जानकारी पहले से नहीं थी. राजेश कुमार का दावा है कि जेंडर परिवर्तन की प्रक्रिया के लिए लगभग आठ लाख रुपये खर्च किए गए. उन्होंने यह भी कहा कि नयनश्री ने अपने नाम पर बैंक से लोन लिया था. उनके अनुसार नयनश्री का मानना था कि यदि वह स्वयं जेंडर परिवर्तन कराती हैं तो सरकारी शिक्षक होने के कारण आगे कुछ प्रशासनिक या सेवा संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं. इसी वजह से राखी ने जेंडर परिवर्तन कराने का फैसला लिया.
परिवार को बाद में मिली जानकारी
बताया जा रहा है कि जेंडर परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान परिवार को पूरी जानकारी नहीं थी. राजेश कुमार के अनुसार राखी बिना परिवार को बताए दिल्ली गई थी. वहां चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह घर लौटी. तब परिवार के लोगों को पता चला कि वह राखी से राहुल बन चुकी है. इस खुलासे के बाद परिवार के लोग हैरान रह गए. हालांकि बाद में मामला धीरे-धीरे रिश्तेदारों और आसपास के लोगों तक भी पहुंच गया.
मंदिर में की शादी
बताया जा रहा है कि लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते को दोनों ने विवाह का रूप देने का फैसला किया. इसके बाद लक्ष्मीपुर स्थित पटेश्वर नाथ मंदिर में दोनों ने सादगी के साथ शादी कर ली. विवाह में सीमित संख्या में लोग मौजूद थे. मंदिर में वरमाला, सिंदूरदान और अन्य धार्मिक रस्में पूरी की गईं. इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर लिया. शादी के बाद नयनश्री राहुल के पैतृक गांव हरला पहुंचीं, जहां कुछ पारंपरिक रस्में भी निभाई गईं.
शादी के बाद की रस्मों और कार्यक्रमों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. इन वीडियो में शादी और उसके बाद की कुछ पारंपरिक रस्में दिखाई दे रही हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया.
बड़ी बहन ने क्या बताया
राखी उर्फ राहुल की बड़ी बहन रेणु कुमारी ने बताया कि परिवार को पहले से इस शादी की कोई जानकारी नहीं थी. उनके अनुसार 31 मई की सुबह राखी घर से यह कहकर निकली थी कि वह मोबाइल खरीदने जा रही है. बाद में परिवार को पता चला कि उसने नयनश्री से मंदिर में शादी कर ली है. रेणु कुमारी का कहना है कि उन्हें शादी के बारे में पहले कुछ नहीं बताया गया था. जब दोनों शादी के बाद घर पहुंचीं, तभी परिवार को इसकी जानकारी मिली. रेणु कुमारी के अनुसार शादी की जानकारी मिलने के बाद नयनश्री के माता-पिता उनके घर पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि नयनश्री के परिजन इस शादी को स्वीकार नहीं कर रहे थे. इसी बात को लेकर हंगामा हुआ. रेणु कुमारी ने बताया कि स्थिति ऐसी हो गई कि घर का गेट तक तोड़ने की कोशिश की गई. उनका कहना है कि बाद में दोनों को पीछे के दरवाजे से वहां से भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों कहां हैं, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है.
परिजनों को फोन से मिली जानकारी
परिवार की सदस्य सुशीला देवी ने बताया कि उन्हें भी विवाह की जानकारी बाद में फोन के माध्यम से मिली. उनका कहना है कि दोनों ने स्वयं उन्हें विवाह की जानकारी नहीं दी थी. जब तक सूचना मिली, तब तक शादी हो चुकी थी. सुशीला देवी के अनुसार दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थीं, लेकिन परिवार को उनके प्रेम संबंध की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि परिवार को कभी इस तरह के रिश्ते का संदेह नहीं हुआ. यदि मामला लड़का और लड़की के बीच होता तो शायद परिवार पहले ही सतर्क हो जाता, लेकिन यहां दोनों लड़कियां थीं, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ.
पुलिस को भी दी गई सूचना
राजेश कुमार के अनुसार मामले की सूचना डायल 112 पुलिस को भी दी गई थी. उनका दावा है कि पुलिस की ओर से यह कहा गया कि दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से विवाह करने के लिए स्वतंत्र हैं. हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
राकेश कुमार सिंह