बिहार के मधेपुरा स्थित प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर भारी भीड़ के चलते हालात बिगड़ गए. सुबह करीब 8 बजे के बाद जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी. देखते ही देखते कतार में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और बैरिकेडिंग भीड़ के दबाव में टूट गई.
बैरिकेडिंग टूटने के बाद मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस दौरान कई महिला और बुजुर्ग श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए. भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए. बताया जा रहा है कि धक्का-मुक्की के दौरान उनकी वर्दी तक फट गई.
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सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की जानकारी मिलते ही मधेपुरा के डीएम, एसपी, एसडीएम और एसडीपीओ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की.
भीड़ बेकाबू होने से एक के ऊपर एक गिरे लोग
बताया जा रहा है कि रात करीब 1 बजे सरकारी पूजा के बाद मंदिर के पट खुले थे. इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचने लगे. श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण प्रशासन के लिए भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया. वीडियो में देखा जा सकता है लोग एक के ऊपर एक गिरते चले गए, जिन्हें सुरक्षाकर्मी भीड़ से निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
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स्थिति बिगड़ने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया. पुलिस ने श्रद्धालुओं को दोबारा कतार में लगाकर व्यवस्था संभाली. मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई.
सावन की आखिरी सोमवापरी होने से जुटी भारी भीड़
मंदिर न्यास समिति ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है. प्रशासन की तरफ से भी लोगों से धक्का-मुक्की से बचने और व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक करने की अपील की गई है. सावन की आखिरी सोमवारी होने की वजह से सिंहेश्वर मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे, लेकिन अचानक बढ़े दबाव के कारण बैरिकेडिंग टूट गई और कुछ देर के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई.
मुरारी कुमार सिंह