फर्जी अधिकारी, जाली आई-कार्ड और वर्दी... पटना में जीजा-साले गिरोह का भंडाफोड़

पटना में सरकारी नौकरी के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. सचिवालय थाना पुलिस ने जीजा-साले को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सरकारी अधिकारी बताकर युवाओं को सचिवालय और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे. आरोपियों के पास से वर्दी, फर्जी आई-कार्ड, जाली बैनर, प्रशस्ति पत्र, मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए गए हैं.

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गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी.(Photo: Screengrab) गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी.(Photo: Screengrab)

सुजीत कुमार

  • पटना,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

बिहार की राजधानी पटना में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. सचिवालय थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी अधिकारी बनकर युवाओं को नौकरी का झांसा देने वाले जीजा-साले को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सचिवालय और पुलिस की वर्दी, फर्जी आई-कार्ड समेत कई सामान बरामद किए गए हैं.

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सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 को पटना के समाज कल्याण विभाग परिसर में एक व्यक्ति बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की नियुक्ति से संबंधित फर्जी बैनर और वीडियो कॉल के जरिए प्रदर्शन कर रहा था. उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर विभाग के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी राजनाथ सिंह ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ शुरू की.

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पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अजय कुमार शुक्ला बताया और खुद को कटिहार का रहने वाला बताया. उसने अपनी पहचान स्वास्थ्य विभाग, न्यू सचिवालय पटना के प्रशाखा पदाधिकारी के तौर पर बताई. आरोपी ने इसके लिए एक फर्जी आई-कार्ड भी दिखाया. हालांकि, जांच में सामने आया कि इस नाम का कोई अधिकारी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ही नहीं है.

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फर्जी अधिकारी बनकर देता था नौकरी का झांसा

मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद सचिवालय थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस की पूछताछ और जांच के दौरान गिरोह के एक अन्य सदस्य का भी पता चला. इसके बाद अजय कुमार शुक्ला के साले राजा कुमार को गिरफ्तार किया गया. राजा की उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है.

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी सीधे-साधे युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे. वे सचिवालय और पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे संपर्क करते थे. इसके लिए सरकारी अधिकारी होने का दिखावा किया जाता था और फर्जी दस्तावेजों तथा वर्दी का इस्तेमाल कर युवाओं पर भरोसा जमाने की कोशिश की जाती थी.

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, सचिवालय और पुलिस की 2 जोड़ी वर्दी, 2 फर्जी आई-कार्ड, नौकरी से संबंधित जाली बैनर और 2 फर्जी प्रशस्ति पत्र बरामद किए हैं. बरामद सामान की जांच की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल कितने लोगों को ठगने के लिए किया गया.

गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश

पटना पुलिस अब इस फर्जी नौकरी गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर इनका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है.

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पुलिस के मुताबिक, गिरोह के अन्य साथियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल जीजा अजय कुमार शुक्ला और उसके साले राजा कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इनके जरिए गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

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