ऑटोपायलट या मौत का 'बटन'! दीवार तोड़ घर में घुसी TESLA! महिला की मौत, जांच के घेरे में FSD फीचर

Tesla Model 3 Crash: टेस्ला का ऑटोपायलट और फुल सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) फीचर एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. ताजा मामले में एक तेज रफ्तार टेस्ला कार दीवार तोड़ते हुए घर में जा घुसी. इस हादसे में घर में मौजूद एक 76 साल की बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई.

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Tesla का फुल सेल्फ-ड्राइविंग फीचर एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. Photo: FB/Terry Allbritton Tesla का फुल सेल्फ-ड्राइविंग फीचर एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. Photo: FB/Terry Allbritton

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST

Tesla Crash: सेल्फ-ड्राइविंग कारों को फ्यूचर बताया जाता है. दावा किया जाता है कि मशीनें इंसानों से कम गलती करेंगी. और दुनिया की दिग्गज इलेक्ट्रिक कार कंपनी के सीईओ एलन मस्क आए दिन इसकी वकालत करते भी नज़र आते हैं. लेकिन टेक्सास में हुई एक दर्दनाक घटना ने इन दावों पर फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. एक Tesla Model 3 कार बेकाबू होकर दीवार तोड़ते हुए एक घर में घुस गई. घर के अंदर मौजूद 76 साल मार्था एविला इस हादसे का शिकार हुईं और उनकी मौत हो गई. 

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इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. वहीं, दुनिया की सबसे चर्चित इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla एक बार फिर कठघरे में खड़ी है. ऑटोपायलट और फुल सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) जैसी आधुनिक तकनीकियों पर सवाल उठ रहे हैं और अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर गलती किसकी है.

क्या है मामला?

19 जून को टेक्सास के कैटी शहर में एक Tesla Model 3 कथित तौर पर तेज रफ्तार में एक घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गई. हादसे के समय 76 साल की मार्था एविला घर के भीतर मौजूद थीं. कार की चपेट में आने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई. हादसे में जस्टिन बार्बर भी घायल हुए. पुलिस के मुताबिक, कार चला रहे माइकल बटलर ने जांच अधिकारियों को बताया कि दुर्घटना के समय वाहन में ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम एक्टिव था. अब इस मामले की जांच अमेरिका की प्रमुख सड़क सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं और पीड़ित परिवार ने Tesla के खिलाफ बड़ा मुकदमा भी दर्ज कराया है.

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इस हादसे के बाद अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी है. इससे पहले नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) भी इस एक्सीडेंट की जांच शुरू कर चुकी है. Tesla से जुड़े ऐसे मामलों में यह कोई पहली जांच नहीं है. पिछले कई सालों में Tesla के इस ऑटोपायलट और फुल सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) सिस्टम से जुड़े अनेक हादसों की जांच की जा चुकी है.

मृतक महिला के परिवार ने Tesla और चालक माइकल बटलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. परिवार का आरोप है कि कंपनी ने अपने ऑटोपायलट और FSD सिस्टम को लेकर ग्राहकों को पर्याप्त जानकारी या अलर्ट नहीं दिया है. टेक्सास की अदालत में दाखिल मुकदमे में 10 लाख डॉलर से अधिक के हर्जाने की मांग की गई है. इसके अलावा नुकसान की भरपाई की भी मांग की गई है. पीड़ित परिवार का कहना है कि, टेस्ला ने इस तकनीकी से होने वाले संभावित खतरों को नजरअंदाज किया है.

Elon Musk का कहना है कि, FSD फीचर एक्टिव होने पर कार स्लो-स्पीड में चलती है. Photo: ITG

क्या कहते हैं Elon Musk 

Tesla के सीईओ एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, फुल सेल्फ ड्राइविंग (FSD) सिस्टम रिहायशी इलाकों में धीमी गति से वाहन चलाता है और यह दुर्घटना तेज रफ्तार में हुई थी. वहीं Tesla के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर (AI Software) चीफ अशोक एलुस्वामी ने दावा किया कि, हादसे के दौरान कार चालक ने एक्सीलरेटर पैडल को पूरी तरह दबाकर सिस्टम को मैन्युअली ओवरराइड कर दिया था. उनके अनुसार दुर्घटना के समय कार की स्पीड ड्राइवर द्वारा दिए गए प्रेशर की वजह से बढ़ी.

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ऑटोपायलट और फुल सेल्फ-ड्राइविंग में अंतर

टेस्ला का ऑटोपायलट सिस्टम वाहन को लेन के भीतर रखने, स्पीड कंट्रोल करने और जरूरत पड़ने पर ब्रेक लगाने में मदद करता है. वहीं फुल सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक ज्यादा एडवांस है, जो ट्रैफिक सिग्नल पहचानने, लेन बदलने और कई अन्य ड्राइविंग मोड में असिस्ट करती है. हालांकि, Tesla लगातार यह कहती रही है कि दोनों सिस्टम पूरी तरह ऑटोनॉमस यानी ऑटोमेटिक नहीं हैं और वाहन चलाते समय ड्राइवर का सतर्क रहना तथा स्टीयरिंग पर हाथ रखना जरूरी है.

अमेरिकी सड़क सुरक्षा एजेंसी NHTSA ने 2016 से अब तक Tesla कारों से जुड़े लगभग 50 मामलों में जांच शुरू की है. जिनमें एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम की भूमिका पर संदेह था. माना जा रहा है कि, टेस्ला की ऑटोपायलट और सेल्फ ड्राइविंग टेक्नोलॉजी के चलते ये हादसे हुए हैं. इन मामलों में करीब दो दर्जन मौतों की रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है. मार्च में NHTSA ने लगभग 32 लाख टेस्ला वाहनों में मौजूद फुल सेल्फ-ड्र्राइविंग सिस्टम की जांच की. एजेंसी को आशंका थी कि खराब विजिबिलिटी की स्थिति में यह सिस्टम ड्राइवर को पर्याप्त अलर्ट देने में नाकाम हो सकता है.

20 लाख से ज्यादा Tesla रिकॉल

साल 2023 में टेस्ला ने अमेरिका में करीब 20 लाख वाहनों को रिकॉल किया था. इस रिकॉल की असल वजह यह तय करना था कि, ऑटोपायलट फीचर ठीक ढंग से काम कर रहा है या नहीं. यह रिकॉल Tesla के इतिहास के सबसे बड़े रिकॉल कैंपेन में से एक माना जाता है. इसके बाद भी कंपनी की ड्राइवर असिस्टेंस तकनीक को लेकर बहस जारी है.

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दुनियाभर में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से ऑटोनॉमस और सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक की ओर बढ़ रही है. Tesla इस मामले में सबसे चर्चित कंपनियों में से एक है. ऐसे में हर बड़ी दुर्घटना यह याद दिलाती है कि मौजूदा तकनीक अभी पूरी तरह इंसानी ड्राइवर का विकल्प नहीं बन पाई है. यह मामला सिर्फ Tesla तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम के साथ भी चालक का अलर्ट रहना बेहद जरूरी है. आप अपनी जिंदगी को यूं ही तकनीकी के भरोसे नहीं सौंप सकते हैं.
 

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