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Sandalwood tree farming: खेत में आज ही लगा दें ये पेड़, कुछ ही सालों में बन जाएंगे करोड़पति, मिलेगा बंपर मुनाफा!

sandalwood tree cultivation: ऐसे कई पेड़-पौधे हैं जिनकी खेती कर किसान मालामाल हो सकते हैं. उनमें से एक चंदन की खेती है. इसकी खेती की खासियत ये है कि इसे आप पूरे खेत में भी लगा सकते हैं और चाहें तो खेत के किनारे-किनारे लगाकर अंदर खेत में कोई दूसरा काम भी कर सकते हैं.

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Sandalwood tree farming Sandalwood tree farming
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंटरनेशनल मार्केट में चंदन के पेड़ की काफी डिमांड
  • कुछ लाखों का निवेश करके आप कमा सकते हैं करोड़ों

Sandalwood tree farming business idea: भारत एक कृषि प्रधान देश है. यहां तकरीबन 55 से 60 प्रतिशत जनसंख्या खेती पर निर्भर है. इसके बावजूद खेती-किसानी को मुनाफा ना देने वाला सेक्टर माना जाता है. गांवों में बड़ी संख्या में किसान खेती में नुकसान होने की वजह से जीवन यापन करने के लिए शहरों का रुख कर रहे हैं. खेती में कई बार लागत नहीं निकलने की वजह से किसान आत्महत्या तक करने के लिए मजबूर हो जाते हैं. लेकिन इन सबके बीच कई ऐसे किसान भी हैं, जो लाखों-करोड़ों रुपये खेती से ही कमा रहे हैं. ये किसान पारंपरिक खेती से हटकर किसानी करते हैं और अच्छा मुनाफा कमाते हैं.

ऐसे कई पेड़-पौधे हैं जिनकी खेती कर किसान मालामाल हो सकते हैं. उनमें से एक चंदन की खेती है. इसकी खेती की खासियत ये है कि इसे आप पूरे खेत में भी लगा सकते हैं और चाहें तो खेत के किनारे-किनारे लगाकर अंदर खेत में कोई दूसरा काम भी कर सकते हैं. 

भारत में इसकी बहुत डिमांड है. चंदन के एक पेड़ से किसान 5 से 6 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. एक एकड़ जमीन में चंदन के कम से कम 600 पौधों लगाए जा सकते हैं. ऐसे में किसान 12 साल में इससे करीब 30 करोड़ रुपये तक कमा सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चंदन की अत्यधिक मांग है और दुनियाभर में मौजूदा उत्पादन इस मांग को पूरा नहीं कर पाते हैं, जिसके कारण चंदन की कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई है.  

दो तरह से उगा सकते हैं पेड़ - 
चंदन के पेड़ दो तरह से उगाए जा सकते हैं. जैविक और पारंपरिक. चंदन के पेड़ों को जैविक तरीके से उगाने में करीब 10 से 15 साल लगते हैं, जबकि पारंपरिक तरीके से एक पेड़ को उगाने में करीब 20 से 25 साल लगते हैं. ये पेड़ रेतीले और बर्फीले क्षेत्रों को छोड़कर किसी भी क्षेत्र में उगाए जा सकते हैं. चंदन का उपयोग इत्र और आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता है.

खेत और मिट्टी - 
जितनी अच्छी मिट्टी होगी, उतनी ही तेजी से पेड़ उगेगा और मजबूत होगा. इससे पेड़ से मिलने वाला मुनाफा भी बढ़ जाएगा. 6.5 से लेकर 7.5 पीएच तक की मिट्टी में चंदन का पेड़ काफी अच्छी तरह से उगता है. चंदन के पौधे लगाने के बाद इसके आस-पास साफ सफाई का खास ख्याल रखना होता है. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना होता है कि इसकी जड़ों के पास पानी का जमाव न हो. इसलिए इसे निचले इलाकों में लगाने से परहेज करना चाहिए. वहीं, अगर तापमान की बात करें तो इसके लिए 12 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में पेड़ को आसानी से उगाया जा सकता है. 

सबसे महंगी लकड़ी - 
चंदन का पेड़ आठ साल में मजबूत होता है. रोपण के 12 से 15 सालों के बाद पेड़ कटाई के लिए तैयार हो जाता है. वहीं, जब पेड़ बड़ा हो जाता है तो किसान हर साल 15-20 किलो लकड़ी आसानी से काट सकता है. चंदन की लकड़ी को सबसे महंगी लकड़ी माना जाता है. इसका बाजार मूल्य करीब 26 हजार से 30 हजार रुपये प्रति किलो तक है. एक पेड़ से किसान को 15 से 20 किलो लकड़ी आराम से मिल जाता है. ऐसे में उसे एक पेड़ से 5 से 6 लाख रुपये तक आसानी से प्राप्त हो जाते हैं.

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